दुमका व्यवहार न्यायालय से निकली प्रभात फेरी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने दिया निःशुल्क कानूनी सहायता का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
दुमका जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA) ने 6 मई 2026 को दुमका व्यवहार न्यायालय परिसर से एक विशेष जागरूकता प्रभात फेरी निकाली, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों और निःशुल्क कानूनी सहायता के प्रति सचेत करना था। इस अभियान का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधांशु कुमार शशि और डालसा सचिव विवेक कुमार ने किया।
मुख्य घटनाक्रम
न्यायालय परिसर से शुरू हुई यह प्रभात फेरी दुमका शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी और अंत में पुनः न्यायालय परिसर में आकर संपन्न हुई। इसमें न्यायिक अधिकारियों, व्यवहार न्यायालय के कर्मियों, पारा लीगल वालंटियर्स (PLV), अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियाँ लेकर चल रहे प्रतिभागियों ने राहगीरों और स्थानीय निवासियों को मुफ्त विधिक परामर्श की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी।
न्यायाधीश ने क्या कहा
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधांशु कुमार शशि ने इस अवसर पर कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज का कोई भी व्यक्ति — चाहे वह कितना ही कमजोर या साधनहीन क्यों न हो — न्याय और कानूनी अधिकारों से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि प्राधिकरण जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक परामर्श और वकील उपलब्ध कराता है, ताकि लोग समय पर न्याय प्राप्त कर सकें।
डालसा सचिव का निर्देश
डालसा सचिव विवेक कुमार ने कहा कि इस जागरूकता अभियान का प्रमुख लक्ष्य न्याय व्यवस्था के प्रति आम लोगों का विश्वास मजबूत करना है। उन्होंने पारा लीगल वालंटियर्स (PLV) को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को प्राधिकरण की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दें। कार्यक्रम के दौरान PLV और अधिवक्ताओं ने उपस्थित नागरिकों को न्याय तक आसान पहुँच के विभिन्न माध्यमों के बारे में विस्तार से समझाया।
आम जनता पर असर
यह आयोजन ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब झारखंड के दूरदराज जिलों में बड़ी संख्या में नागरिक अपने कानूनी अधिकारों से अनजान रहते हैं और आर्थिक कारणों से न्याय तक पहुँच नहीं पाते। गौरतलब है कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत देश के हर जिले में इस तरह की सेवाएँ अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। शहर भ्रमण के बाद स्थानीय लोगों में कानूनी जागरूकता को लेकर सकारात्मक उत्साह देखा गया।
क्या होगा आगे
डालसा के निर्देशानुसार, पारा लीगल वालंटियर्स अब दुमका जिले के ग्रामीण और सुदूर इलाकों में जाकर जागरूकता अभियान जारी रखेंगे। इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि अधिक से अधिक जरूरतमंद नागरिक निःशुल्क कानूनी सहायता का लाभ उठा सकेंगे और न्यायिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।