ईडी ने कॉनकास्ट स्टील मामले में ₹31.30 करोड़ की 20 संपत्तियाँ जब्त कीं, कुल जब्ती ₹777 करोड़ पार
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने 2 जुलाई 2026 को कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड (CSPL) और अन्य के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत ताज़ा कार्रवाई करते हुए ₹31.30 करोड़ के बाज़ार मूल्य वाली 20 अचल संपत्तियाँ अस्थायी रूप से जब्त कर लीं। इस मामले में अब तक कुल जब्त संपत्तियों का बाज़ार मूल्य ₹777.1 करोड़ तक पहुँच गया है।
जब्त संपत्तियों का विवरण
जब्त की गई 20 अचल संपत्तियों में पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में स्थित आवासीय संपत्तियाँ, व्यावसायिक इकाइयाँ, फ्लैट और भूखंड शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये संपत्तियाँ संजय कुमार सुरेका के स्वामित्व और नियंत्रण में थीं तथा अपराध की आय को छिपाने के उद्देश्य से उनके स्वयं के नाम पर अथवा उनके रिश्तेदारों, कर्मचारियों, सहयोगियों और फर्जी कंपनियों के नाम पर रखी गई थीं।
दूसरी पूरक अभियोग शिकायत दायर
संपत्ति जब्ती के साथ-साथ ईडी ने कोलकाता की विशेष अदालत (PMLA) में CSPL और अन्य के विरुद्ध चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जाँच के संबंध में दूसरी पूरक अभियोग शिकायत भी दायर की है। इस शिकायत में 63 नए आरोपियों को नामज़द किया गया है, जिनमें व्यक्ति, कंपनियाँ, एलएलपी, साझेदारी फर्म और प्रोप्राइटरी फर्म शामिल हैं। जाँच एजेंसी के अनुसार, ये सभी अपराध की आय की लॉन्ड्रिंग में जानबूझकर शामिल पाए गए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि: ₹6,210 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी
ईडी की यह जाँच सीबीआई, बीएसएफबी, कोलकाता द्वारा संजय कुमार सुरेका और अन्य के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर पर आधारित है। एफआईआर में आरोप है कि मेसर्स कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड ने अपने प्रवर्तकों और निदेशकों के साथ मिलकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए स्टॉक विवरण, हेरफेर किए गए वित्तीय विवरण और मनगढ़ंत रिकॉर्ड प्रस्तुत करके बैंकों के एक संघ से धोखाधड़ी से ऋण प्राप्त किया। इसके बाद ऋण राशि का गबन किया गया, जिससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कथित तौर पर लगभग ₹6,210.72 करोड़ (ब्याज को छोड़कर) का नुकसान हुआ।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब ईडी देशभर में बड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों में आक्रामक रूप से PMLA के तहत कार्रवाई कर रही है। गौरतलब है कि CSPL मामले में जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य अब ₹777.1 करोड़ पार कर चुका है, जो इस मामले की व्यापकता को दर्शाता है। 63 नए आरोपियों का जुड़ना संकेत देता है कि जाँच का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है।
आगे की कार्रवाई
विशेष PMLA अदालत में दायर दूसरी पूरक अभियोग शिकायत पर अब न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मामले में आरोपित संस्थाओं और व्यक्तियों की संख्या में यह वृद्धि न्यायालय में सुनवाई को और जटिल बना सकती है। ईडी की जाँच जारी रहने के संकेत हैं और आने वाले समय में और कार्रवाइयाँ संभव मानी जा रही हैं।