ईडी ने एसजीजेएचआईएल बैंक धोखाधड़ी मामले में नई चार्जशीट पेश की, 15 नए आरोपी शामिल
सारांश
Key Takeaways
- प्रवर्तन निदेशालय ने एसजीजेएचआईएल के खिलाफ नई चार्जशीट प्रस्तुत की।
- 15 नए आरोपी चार्जशीट में शामिल हैं।
- प्रत्यूष कुमार सुरेका की गिरफ्तारी पीएमएलए के तहत हुई थी।
- घोटाला करीब 2,672 करोड़ रुपए का है।
- ईडी ने 95.75 करोड़ रुपए की संपत्तियाँ जब्त की हैं।
कोलकाता, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता कार्यालय ने श्री गणेश ज्वैलरी हाउस (आई) लिमिटेड (एसजीजेएचआईएल) और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के अंतर्गत चल रही जांच के संबंध में कोलकाता की विशेष अदालत (पीएमएलए) में एक पूरक चार्जशीट प्रस्तुत की है।
सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि इस पूरक चार्जशीट में कुल 15 नए आरोपियों का नाम लिया गया है, जिनमें से 5 व्यक्ति और 10 संस्थाएं शामिल हैं। इन संस्थाओं का उपयोग कथित रूप से अपराध की आय के गबन और धन शोधन के लिए किया गया था।
प्रत्यूष कुमार सुरेका का नाम भी इस चार्जशीट में शामिल किया गया है। प्रत्यूष को इस वर्ष जनवरी में पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था।
यह मामला सीबीआई की बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड सेल (बीएस एंड एफसी) द्वारा कोलकाता में दर्ज की गई एफआईआर से संबंधित है, जिसमें भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में 25 बैंकों के एक समूह से जुड़ी लगभग 2,672 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि एसजीजेएचआईएल और उसके प्रवर्तकों ने कथित तौर पर झूठे वित्तीय विवरणों और बढ़े हुए निर्यात बिलों के आधार पर ऋण सुविधाएं प्राप्त कीं और बाद में घरेलू एवं विदेशी संस्थाओं के एक नेटवर्क के माध्यम से ऋण राशि का गबन किया।
पीएमएलए के तहत की गई जांच में यह सिद्ध हुआ कि आभूषण व्यवसाय के लिए स्वीकृत बैंक ऋण का एक बड़ा हिस्सा मेसर्स एलेक्स एस्ट्रल पावर प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से एक सौर ऊर्जा परियोजना में लगाया गया था।
ईडी के अनुसार, एसजीजेएचआईएल ने 5 बिचौलियों के माध्यम से 120 करोड़ रुपए की इक्विटी का निवेश किया।
इस परियोजना ने एसजीजेएचआईएल की कॉर्पोरेट गारंटी द्वारा समर्थित 280 करोड़ रुपए का बैंक वित्त भी प्राप्त किया, जिसके परिणामस्वरूप कुल निवेश लगभग 400 करोड़ रुपए हो गया।
आगे की जांच में पता चला कि स्थिर राजस्व सुनिश्चित करने वाले दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते द्वारा समर्थित सौर ऊर्जा संयंत्र को कथित रूप से फर्जी और बेहद कम मूल्य पर 20 करोड़ रुपए से भी कम में संबंधित पक्षों द्वारा नियंत्रित संस्थाओं को हस्तांतरित कर दिया गया था।
ईडी ने लगभग 95.75 करोड़ रुपए की संपत्तियों को भी जब्त कर लिया है, जिनमें गुजरात में मेसर्स एलेक्स एस्ट्रल पावर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र और कोलकाता के अलीपुर स्थित गोदरेज प्लैटिनम में स्थित तीन उच्च मूल्य के आवासीय फ्लैट शामिल हैं।