6 नवंबर 2026
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रहेजा डेवलपर्स पर ईडी की चार्जशीट: ₹1,353 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग, 4,600 होमबायर्स प्रभावित

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रहेजा डेवलपर्स पर ईडी की चार्जशीट: ₹1,353 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग, 4,600 होमबायर्स प्रभावित

सारांश

ईडी ने रहेजा डेवलपर्स और परिवार के सदस्यों के खिलाफ ₹1,353.26 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए चार्जशीट दाखिल की। 4,600 होमबायर्स के पैसे रेरा-एस्क्रो खातों से निकालकर अन्य कामों में लगाने का आरोप; गैर-जमानती वारंट की माँग।

मुख्य बातें

ईडी ने 6 नवंबर 2026 को साकेत विशेष पीएमएलए अदालत में रहेजा डेवलपर्स के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
आरोप है कि 4,600 खरीदारों से जुटाए ₹2,699.13 करोड़ में से ₹1,353.26 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग हुई।
चार्जशीट में कुल 21 आरोपी — नवीन एम.
सिंघानिया , निर्मल रहेजा और 16 अन्य शामिल।
ईडी ने ₹810.57 करोड़ (बुक वैल्यू) और ₹2,399.65 करोड़ (बाज़ार मूल्य) की अचल संपत्तियाँ कुर्क की हैं।
नयन रहेजा की अग्रिम जमानत याचिका 19 सितंबर को पीएमएलए अदालत और 15 अक्टूबर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने खारिज की।
ईडी ने चारों प्रमुख आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की माँग की है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 6 नवंबर 2026 को रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड (RDL) और उसके प्रमोटरों के खिलाफ साकेत स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दाखिल की है। एजेंसी का आरोप है कि करीब ₹1,353.26 करोड़ के होमबायर्स के धन की धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की गई। यह मामला दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट धोखाधड़ी के सबसे बड़े मामलों में से एक बताया जा रहा है, जिसमें 4,600 से अधिक खरीदार और निवेशक प्रभावित हुए हैं।

चार्जशीट में कौन-कौन नामजद

चार्जशीट में कुल 21 आरोपी नामजद किए गए हैं। इनमें रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नवीन एम. रहेजा, उनके पुत्र नयन एन. रहेजा, पुत्री नयना एन. सिंघानिया, पत्नी निर्मल रहेजा तथा 16 अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं को शामिल किया गया है। इन पर पीएमएलए की धारा 3 (मनी लॉन्ड्रिंग) और धारा 4 (दंडनीय अपराध) के तहत आरोप लगाए गए हैं।

ईडी ने चारों प्रमुख आरोपियों — नवीन रहेजा, नयन रहेजा, नयना सिंघानिया और निर्मल रहेजा — के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग करते हुए अदालत में अलग से आवेदन भी दिया है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इन चारों ने जानबूझकर तलाशी कार्रवाई में सहयोग नहीं किया और पीएमएलए की धारा 50 के तहत जारी किए गए कई समन का पालन भी नहीं किया।

धोखाधड़ी का तरीका: ₹2,699 करोड़ जुटाए, परियोजनाएँ अधूरी

जाँच के अनुसार, रहेजा डेवलपर्स ने दिल्ली और गुरुग्राम की आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं में समय पर डिलीवरी का वादा करके लगभग 4,600 खरीदारों और निवेशकों से ₹2,699.13 करोड़ एकत्र किए। इनमें रहेजा रिवांटा, अटलांटिस, नवीन मीनार और द दिल्ली मॉल जैसी परियोजनाएँ शामिल हैं।

ईडी के अनुसार, इस राशि में से ₹1,353.26 करोड़ को 'अपराध से अर्जित आय' (Proceeds of Crime) के रूप में चिन्हित किया गया है। विवरण के अनुसार: ₹1,175.86 करोड़ परियोजना, एस्क्रो और रेरा खातों से निर्माण के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए निकाले गए, जबकि ₹177.40 करोड़ खरीदारों से आधिकारिक समझौतों से बाहर नगद रूप में लिए गए। एजेंसी का कहना है कि समूह की अधिकांश परियोजनाएँ आज भी अधूरी हैं।

छापेमारी और कुर्की की कार्रवाई

ईडी ने इस मामले में दो चरणों में छापेमारी की — 25 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर में 9 ठिकानों पर और 27 जून 2025 को 14 ठिकानों पर। इन छापों में आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, आभूषण, सोने के सिक्के, बुलियन और विदेशी मुद्रा जब्त की गई। पीएमएलए की न्यायनिर्णयन प्राधिकरण ने इन जब्तियों को बरकरार रखने की अनुमति दे दी है।

इसके अतिरिक्त, 28 अप्रैल और 30 जुलाई के अस्थायी कुर्की आदेशों के माध्यम से ₹810.57 करोड़ के बुक वैल्यू और ₹2,399.65 करोड़ के मौजूदा बाज़ार मूल्य वाली अचल संपत्तियाँ कुर्क की गई हैं।

न्यायिक स्थिति और अग्रिम जमानत

गौरतलब है कि नयन एन. रहेजा की अग्रिम जमानत याचिका 19 सितंबर को विशेष पीएमएलए अदालत और 15 अक्टूबर को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी है। मामले की जड़ें दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और गुरुग्राम पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकियों (FIR) में हैं, जिनमें खरीदारों ने आरोप लगाया था कि पैसे देने के बाद भी न कब्जा मिला और न धन वापस किया गया।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) के तहत हजारों शिकायतें लंबित हैं और होमबायर्स संरक्षण एक बड़ा नीतिगत मुद्दा बना हुआ है। ईडी ने अदालत से कुर्क संपत्तियों को जब्त करने और गिरफ्तारी पर हिरासत देने की भी माँग की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

353 करोड़ की कथित मनी लॉन्ड्रिंग यह सवाल उठाती है कि नियामकीय ढाँचा कहाँ चूका — रेरा पंजीकरण था, एस्क्रो खाते थे, फिर भी धन का दुरुपयोग कैसे हुआ। मुख्यधारा की कवरेज चार्जशीट के आँकड़ों पर टिकी है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या आरोपी देश में ही हैं और क्या अदालत समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित कर पाएगी। 4,600 होमबायर्स के लिए न्याय की राह अभी लंबी है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रहेजा डेवलपर्स पर ईडी की चार्जशीट में क्या आरोप हैं?
ईडी ने आरोप लगाया है कि रहेजा डेवलपर्स ने 4,600 होमबायर्स से जुटाए ₹2,699.13 करोड़ में से ₹1,353.26 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग की। इनमें से ₹1,175.86 करोड़ एस्क्रो और रेरा खातों से निर्माण के बजाय अन्य उद्देश्यों के लिए निकाले गए और ₹177.40 करोड़ खरीदारों से नगद लिए गए।
रहेजा डेवलपर्स मामले में कितने और कौन-से आरोपी हैं?
चार्जशीट में कुल 21 आरोपी नामजद हैं। इनमें प्रबंध निदेशक नवीन एम. रहेजा, उनके पुत्र नयन एन. रहेजा, पुत्री नयना एन. सिंघानिया, पत्नी निर्मल रहेजा और 16 अन्य व्यक्ति व संस्थाएँ शामिल हैं।
ईडी ने रहेजा डेवलपर्स की कितनी संपत्ति कुर्क की है?
ईडी ने ₹810.57 करोड़ के बुक वैल्यू और ₹2,399.65 करोड़ के मौजूदा बाज़ार मूल्य वाली अचल संपत्तियाँ कुर्क की हैं। ये कुर्की 28 अप्रैल और 30 जुलाई के अस्थायी आदेशों के तहत की गई है।
प्रभावित होमबायर्स किन परियोजनाओं से जुड़े हैं?
प्रभावित खरीदार मुख्यतः रहेजा रिवांटा, अटलांटिस, नवीन मीनार और द दिल्ली मॉल परियोजनाओं से जुड़े हैं। इन्होंने फ्लैट और कमर्शियल यूनिट के लिए भुगतान किया था, लेकिन न कब्जा मिला और न ही पैसे वापस किए गए।
नयन रहेजा की अग्रिम जमानत याचिका का क्या हुआ?
नयन एन. रहेजा की अग्रिम जमानत याचिका 19 सितंबर को विशेष पीएमएलए अदालत और 15 अक्टूबर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी। ईडी ने उनके समेत चारों प्रमुख आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की माँग भी की है।
राष्ट्र प्रेस
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