30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईडी का बड़ा खुलासा: विदेशी डेबिट कार्डों से 6.5 करोड़ की अवैध निकासी, TTI नेटवर्क पर शिकंजा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईडी का बड़ा खुलासा: विदेशी डेबिट कार्डों से 6.5 करोड़ की अवैध निकासी, TTI नेटवर्क पर शिकंजा

सारांश

ईडी ने विदेशी डेबिट कार्ड नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों समेत कई राज्यों में 6.5 करोड़ की संदिग्ध नकद निकासी उजागर की। TTI संगठन से जुड़े इस मामले में 95 करोड़ के ट्रांसफर के संकेत मिले हैं।

मुख्य बातें

ईडी ने 18-19 अप्रैल 2026 को कई राज्यों में 6 स्थानों पर छापेमारी की।
अमेरिका के ट्रूइस्ट बैंक के विदेशी डेबिट कार्डों से छत्तीसगढ़ के बस्तर और धमतरी में 6.5 करोड़ रुपए की संदिग्ध नकद निकासी हुई।
माइक मार्क को बेंगलुरु हवाई अड्डे पर 24 विदेशी डेबिट कार्डों के साथ पकड़ा गया।
TTI (द टिमोथी इनिशिएटिव) संगठन भारत में FCRA के तहत पंजीकृत नहीं है।
नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच विदेशी कार्डों से लगभग 95 करोड़ रुपए के ट्रांसफर के संकेत मिले हैं।
जब्त सामग्री में 25 विदेशी डेबिट कार्ड , 40 लाख नकद और कई डिजिटल उपकरण शामिल हैं।

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी डेबिट कार्डों के जरिए भारत में संदिग्ध तरीके से धन निकालने के एक बड़े मामले में 18 और 19 अप्रैल 2026 को देशभर में छह ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में 25 विदेशी बैंक डेबिट कार्ड, करीब 40 लाख रुपए नकद और कई डिजिटल उपकरण व आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। यह मामला विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत दर्ज है।

TTI नेटवर्क और विदेशी फंडिंग का खुलासा

ईडी की जांच में 'द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI)' नामक एक विदेशी संगठन की भूमिका सामने आई है। यह संगठन भारत में विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के तहत पंजीकृत नहीं है, फिर भी इसके नाम पर भारत में बड़े पैमाने पर धन का प्रवाह हो रहा था।

जांच के अनुसार अमेरिका के ट्रूइस्ट बैंक (Truist Bank) से जुड़े विदेशी डेबिट कार्ड भारत लाए गए और विभिन्न राज्यों में एटीएम से बार-बार नकदी निकाली गई। यह नकदी कथित तौर पर TTI से संबंधित गतिविधियों पर खर्च की गई।

माइक मार्क की गिरफ्तारी और 24 कार्डों की बरामदगी

जांच के दौरान माइक मार्क नामक व्यक्ति के पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद किए गए। उसे बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय रोका गया जब वह इन कार्डों के साथ भारत में प्रवेश कर रहा था।

ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने ईडी द्वारा जारी लुकआउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर यह कार्रवाई की। इस गिरफ्तारी ने पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में संदिग्ध नकद निकासी

जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि इन कार्डों का उपयोग विशेष रूप से वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित क्षेत्रों में किया गया। छत्तीसगढ़ के धमतरी और बस्तर जैसे संवेदनशील इलाकों में बड़े पैमाने पर नकदी निकाली गई।

पिछले कुछ वर्षों में इन क्षेत्रों से लगभग 6.5 करोड़ रुपए निकाले जाने की पुष्टि हुई है। ईडी का मानना है कि यह गतिविधि एक संगठित नेटवर्क के तहत संचालित हो रही थी जो देश की सुरक्षा और वित्तीय व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।

95 करोड़ के फंड ट्रांसफर का संकेत और ऑनलाइन बिलिंग प्लेटफॉर्म

जांच में यह भी पता चला है कि निकाले गए धन का हिसाब-किताब रखने के लिए एक ऑनलाइन बिलिंग और अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया, जिसे कथित तौर पर भारत के बाहर से संचालित किया जा रहा था।

आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच विदेशी बैंकों द्वारा जारी कार्डों के जरिए भारत में लगभग 95 करोड़ रुपए के फंड ट्रांसफर होने के संकेत मिले हैं। यह आंकड़ा इस नेटवर्क की विशालता और गंभीरता को दर्शाता है।

गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत सरकार FCRA उल्लंघनों और अवैध विदेशी फंडिंग के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है। पिछले कुछ वर्षों में कई विदेशी वित्त पोषित संगठनों पर कार्रवाई हो चुकी है। संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस प्रकार की नकद निकासी सुरक्षा एजेंसियों के लिए विशेष चिंता का विषय है।

ईडी की आगामी जांच में यह स्पष्ट होने की संभावना है कि इस नेटवर्क के और कितने सूत्र भारत में सक्रिय हैं और क्या इस धन का उपयोग किसी बड़े अवैध उद्देश्य के लिए किया जा रहा था।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक सुनियोजित व्यवस्था की झलक है। 95 करोड़ के संभावित ट्रांसफर के संकेत बताते हैं कि जो सामने आया है वह हिमशैल की सिर्फ नोक है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने विदेशी डेबिट कार्ड मामले में क्या कार्रवाई की?
ईडी ने 18 और 19 अप्रैल 2026 को कई राज्यों में छह स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान 25 विदेशी बैंक डेबिट कार्ड, करीब 40 लाख रुपए नकद और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।
TTI संगठन क्या है और इसका भारत से क्या संबंध है?
'द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI)' एक विदेशी संगठन है जो भारत में FCRA के तहत पंजीकृत नहीं है। ईडी की जांच में इस संगठन से जुड़ी संदिग्ध वित्तीय गतिविधियां भारत में सामने आई हैं।
माइक मार्क को कहां और कैसे पकड़ा गया?
माइक मार्क को बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 24 विदेशी डेबिट कार्डों के साथ पकड़ा गया। ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने ईडी के लुकआउट सर्कुलर के आधार पर उसे रोका।
छत्तीसगढ़ के बस्तर में इन कार्डों से कितनी नकदी निकाली गई?
जांच के अनुसार छत्तीसगढ़ के धमतरी और बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से लगभग 6.5 करोड़ रुपए की नकदी निकाली गई। यह निकासी अमेरिका के ट्रूइस्ट बैंक के कार्डों से की गई।
इस मामले में कुल कितने रुपए के फंड ट्रांसफर के संकेत मिले हैं?
नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच विदेशी बैंकों के कार्डों के जरिए भारत में लगभग 95 करोड़ रुपए के फंड ट्रांसफर के संकेत मिले हैं। यह मामला FEMA के तहत दर्ज है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले