ईद-ए-मिलाद-उन-नबी 2026: देशभर में अकीदत के साथ जुलूस-ए-मोहम्मदी, हजरतबल से अजमेर शरीफ तक दुआओं का सिलसिला
सारांश
मुख्य बातें
देशभर में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी गहरी अकीदत और सामुदायिक उत्साह के साथ मनाया गया। श्रीनगर की ऐतिहासिक हजरतबल दरगाह से लेकर राजस्थान के अजमेर शरीफ तक, देश के कोने-कोने में सुबह से ही दरगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज़ अदा की गई और भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले गए। इस पर्व को मुस्लिम समुदाय में 'ईद की ईद' के रूप में देखा जाता है।
हजरतबल और जम्मू-कश्मीर में विशेष आयोजन
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित ऐतिहासिक हजरतबल दरगाह पर सुबह की नमाज़ के लिए हज़ारों अकीदतमंद जमा हुए। दरगाह में विशेष दुआ का आयोजन किया गया, जहाँ श्रद्धालुओं ने देश में अमन, भाईचारे और सद्भाव के लिए प्रार्थना की। यह दरगाह हर वर्ष इस पर्व पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए ज़ायरीनों से भर जाती है।
उत्तर प्रदेश में कड़ी सुरक्षा के बीच जुलूस
उत्तर प्रदेश के संभल में जुलूस-ए-मोहम्मदी के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए। पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए, जबकि संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी रखी गई।
वाराणसी में जुलूस रेवड़ी तालाब से बेनियाबाग तक निकाला गया। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात रहे। वाराणसी के इमाम सऊद आलम मुख्तारी ने कहा, 'माशाअल्लाह, बारावफात या ईद-ए-मिलाद-उन-नबी हम मुसलमानों के लिए बहुत अहम मौका है। इसे ईद की ईद कहा जा सकता है। उन्होंने इंसानियत और शांति का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को सिखाया कि इंसान के तौर पर कैसे जीना है, अपने पड़ोसियों का ख्याल कैसे रखें और शांति कैसे बनाए रखें।' रामपुर में भी पूरे ज़िले में बड़े जुलूस निकाले गए, जिनमें धार्मिक विद्वानों समेत हज़ारों लोगों ने देश की सुरक्षा और भलाई के लिए दुआएँ कीं।
झारखंड और मध्य प्रदेश में भव्य जुलूस
झारखंड के जमशेदपुर में जुलूस गांधी मैदान से शुरू होकर शहर के कई इलाकों से गुज़रा। हाथों में झंडे लिए और नारे लगाते हुए मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए।
मध्य प्रदेश के खंडवा में लगभग 2 किलोमीटर लंबा भव्य जुलूस निकाला गया। इस दौरान नात-ए-पाक का पाठ, आतिशबाज़ी, फूलों की बारिश और मिठाइयों का वितरण किया गया।
राजस्थान: अजमेर शरीफ और बीकानेर में उत्सव
राजस्थान के अजमेर में अजमेर शरीफ दरगाह से भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें बच्चों, युवाओं और बुज़ुर्गों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। जुलूस में झाँकियाँ और धार्मिक गीत शामिल थे, और रास्ते में खाना-पानी भी बाँटा गया। यह जुलूस फव्वारा चौक पर समाप्त हुआ। बीकानेर में जुलूस शीतला गेट के पास दमामी मोहल्ले से शुरू होकर व्यापारी मोहल्ले तक पहुँचा, जहाँ लोगों ने शांति, भाईचारे और सद्भाव को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
तमिलनाडु में बच्चों की भागीदारी
तमिलनाडु के मयिलादुथुराई ज़िले के एलंथंगुडी में मिलाद-उन-नबी का जुलूस निकाला गया, जिसमें सैकड़ों मुस्लिम स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया। बच्चे गाँव की गलियों से गुज़रते हुए धार्मिक गीत गाते रहे। यह जुलूस मस्जिद रहमत पर समाप्त हुआ, जहाँ बुज़ुर्गों ने छात्रों को बिस्कुट, चॉकलेट और अन्य तोहफे बाँटे।
इस वर्ष देशभर में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ — यह उत्सव अमन और भाईचारे के उस संदेश की याद दिलाता है जिसे इस पर्व का केंद्रीय भाव माना जाता है।