अयातुल्ला खामेनेई की निधन के कारण इस बार ईद का पर्व सादगी से मनाया जा रहा है: आशक हुसैन खान
सारांश
Key Takeaways
- ईद का पर्व इस साल सादगी से मनाया जा रहा है।
- अयातुल्ला खामेनेई का निधन सभी के लिए दुःखद है।
- शांति के लिए दुआ करना इस बार की प्रमुख थीम है।
- हिंदू और सिख समुदाय का समर्थन महत्वपूर्ण है।
- ईद के दिन खुशी और इबादत का विशेष महत्व है।
जम्मू, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईद के अवसर पर जम्मू क्षेत्र के शिया फेडरेशन के अध्यक्ष आशक हुसैन खान ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि इस वर्ष ईद का पर्व बेहद सादगी से मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रिय नेता अयातुल्ला खामेनेई का निधन हो गया है। हमारी आँखें आंसुओं से भरी हैं और दिल अत्यंत दुखी है, इसलिए इस बार ईद का जश्न संयमित तरीके से मनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू और सिख समुदाय के लोग भी हमारे साथ खड़े हैं। ईद के इस मौके पर हम सभी शांति की दुआ करेंगे।
जम्मू के बठिंडी स्थित जामिया मस्जिद के इमाम सैयद जावर हुसैन जाफरी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हमारे प्रसिद्ध धार्मिक विद्वान सैयद मुजतबा खामेनेई इज़रायल और अमेरिका जैसी इस्लाम विरोधी शक्तियों के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। अयातुल्ला खामेनेई के निधन की ख़बर के कारण इस बार ईद को सादगी से मनाया जा रहा है।
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया (ईदगाह) के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि सुबह 10 बजे नमाज अदा की गई, जिसमें राष्ट्र की प्रगति और विश्व शांति के लिए दुआ की गई।
वहीं, एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि मैं देश के सभी लोगों को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।
ज्ञात हो कि ईद-उल-फितर के अवसर पर शनिवार को दिल्ली के जामा मस्जिद में एक बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और सभी ने मिलकर ईद की नमाज़ अदा की। सभी ने नमाज़ के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में दिल्ली के एक नागरिक ने बताया कि एक महीने के रोजे रखने के बाद ईद का दिन आता है, इसलिए हर कोई इसका बेसब्री से इंतज़ार करता है। यह दिन अल्लाहइनाम होता है। पूरे महीने सब्र, इबादत और खुदाबंदगी करने के बाद यह खुशी का दिन नसीब होता है। यही वजह है कि लोग इसे बहुत प्यार और इज्जत के साथ मनाते हैं।