भोपाल: बुजुर्ग दंपत्ति के शवों के पास 3 खाली कारतूस बरामद, पुलिस ने हत्या जांच शुरू की
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल के सुदामा नगर इलाके में बंद घर से मिले बुजुर्ग दंपत्ति के शवों के पास तीन खाली कारतूस बरामद होने के बाद पुलिस ने 27 जून 2026 को हत्या समेत सभी संभावित कोणों की जांच शुरू कर दी है। ऐशबाग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस मामले में फोरेंसिक टीम को घटनास्थल पर तैनात किया गया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान 64 वर्षीय हेमंत बारीक — रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी — और उनकी 62 वर्षीय पत्नी शकुंतला बारीक — कस्तूरबा अस्पताल की सेवानिवृत्त नर्स — के रूप में हुई है। पड़ोसियों और किराएदारों ने बताया कि दंपत्ति को आखिरी बार 24 जून की शाम को देखा गया था। जब दो दिनों तक वे घर से बाहर नहीं निकले और परिसर से तेज दुर्गंध आने लगी, तब किराएदारों ने पुलिस को सूचित किया।
मुख्य घटनाक्रम
शुक्रवार रात शव मिलने के बाद शनिवार को जांच में तब नया मोड़ आया जब घटनास्थल से तीन खाली कारतूस बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, दोनों शवों पर चोट के निशान भी पाए गए हैं। चूंकि शव लगभग दो दिन बाद मिले और काफी सड़ चुके थे, इसलिए अधिकारियों के अनुसार मौत का तात्कालिक कारण निर्धारित करना फिलहाल संभव नहीं है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि घटनास्थल को सील कर दिया गया है और फोरेंसिक विशेषज्ञ सभी एकत्रित साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'दोनों शवों पर चोट के निशान मिले हैं और घटनास्थल से तीन खाली कारतूस भी बरामद हुए हैं। हम हत्या समेत हर संभव पहलू की जांच कर रहे हैं। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम और फोरेंसिक प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।'
पड़ोसियों और किराएदारों की भूमिका
प्रारंभिक जांच के अनुसार, दंपत्ति अपने घर में अकेले रहते थे, जबकि संपत्ति का एक हिस्सा छात्रों को किराए पर दिया गया था। किराएदारों ने ही सबसे पहले असामान्य स्थिति भांपकर पुलिस को सूचित किया। जांचकर्ताओं ने पड़ोसियों के बयान भी दर्ज किए हैं।
पुलिस कथित तौर पर इस बात की भी जांच कर रही है कि दंपत्ति के बीच अक्सर घरेलू विवाद होते थे, हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी तक इस संदर्भ में कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।
आगे की जांच
चौहान ने कहा, 'इस समय हम सभी उपलब्ध सबूतों की जांच कर रहे हैं और दंपत्ति से जुड़े लोगों के बयान दर्ज कर रहे हैं। फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक हम किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रहे हैं।' पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक प्रयोगशाला के निष्कर्ष ही इस मामले की दिशा तय करेंगे।