भोपाल: सीबीआई ने द्विशा शर्मा के ससुराल का निरीक्षण कर परिजनों से की पूछताछ, पति समर्थ सिंह से भी होगी जांच
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार, 27 मई 2025 को भोपाल में द्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अपनी जांच को तेज़ कर दिया। आरोपी पति समर्थ सिंह के आवास का विस्तृत निरीक्षण करने के बाद सीबीआई की टीम भोपाल आर्मी कैंटोनमेंट क्षेत्र पहुँची, जहाँ द्विशा के परिजन 13 मई से नोएडा, उत्तर प्रदेश से आकर रह रहे हैं।
अपराध स्थल पर जांच का पुनर्निर्माण
सीबीआई की टीम ने सबसे पहले उस आवास का दौरा किया जहाँ 12 मई को द्विशा की मौत हुई थी। जांचकर्ता इमारत की छत पर गए और घटनाओं का री-क्रिएशन कर साक्ष्य एकत्र किए। अधिकारियों ने घर के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से मुआयना किया और काफी समय वहाँ बिताया।
गौरतलब है कि सीबीआई ने रविवार देर रात औपचारिक रूप से इस मामले की जांच का कार्यभार संभाला था। इससे पहले मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) रविवार रात समर्थ सिंह को अपराध स्थल पर ले जा चुकी थी।
समर्थ सिंह से पूछताछ की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन में आरोपी पति समर्थ सिंह से पूछताछ कर सकती है। समर्थ सिंह को शनिवार को न्यायालय ने सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था।
यह ऐसे समय में आया है जब मामले ने मध्य प्रदेश और देशभर में जनता का व्यापक ध्यान खींचा है। सीबीआई से अपेक्षा है कि वह अब तक एकत्र किए गए सभी साक्ष्यों की पुनः समीक्षा करेगी, जिसमें फोरेंसिक निष्कर्ष, गवाहों के बयान और डिजिटल रिकॉर्ड शामिल हैं।
राज्य पुलिस का बचाव
मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने मंगलवार को भोपाल में पत्रकारों से कहा कि राज्य पुलिस, विशेषकर भोपाल पुलिस ने स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मृतक के परिजनों की मांग पर हमने मामले को सीबीआई को सौंपने पर सहमति जताई।'
डीजीपी मकवाना ने यह भी कहा कि सीबीआई को मामला स्थानांतरित करने से पहले राज्य पुलिस ने कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया था।
आगे की जांच की दिशा
सीबीआई अब फोरेंसिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और डिजिटल रिकॉर्ड की स्वतंत्र समीक्षा करेगी। यह मामला इस वजह से भी संवेदनशील है क्योंकि परिजनों ने राज्य पुलिस की जांच पर असंतोष जताते हुए सीबीआई जांच की माँग की थी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय एजेंसी की जांच में नए तथ्य सामने आते हैं या नहीं।