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ईपीएफओ सिस्टम माइग्रेशन: 26 से 29 जून तक क्लेम, ई-पासबुक और उमंग ऐप सेवाएं बंद

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ईपीएफओ सिस्टम माइग्रेशन: 26 से 29 जून तक क्लेम, ई-पासबुक और उमंग ऐप सेवाएं बंद

सारांश

ईपीएफओ का सिस्टम माइग्रेशन 26 से 29 जून तक क्लेम, ई-पासबुक और ईसीआर फाइलिंग जैसी अहम सेवाएं ठप कर देगा। करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों और नियोक्ताओं को पहले से योजना बनाने की सलाह दी गई है। सहायता के लिए हेल्पलाइन 14470 उपलब्ध है।

मुख्य बातें

ईपीएफओ की ऑनलाइन सेवाएं 26 जून से 29 जून 2026 तक सिस्टम माइग्रेशन के कारण बंद रहेंगी।
बंद रहने वाली सेवाओं में क्लेम सबमिशन, ई-पासबुक, ईसीआर फाइलिंग और यूएएन लिंकिंग शामिल हैं।
मेंबर पोर्टल, एम्प्लॉयर पोर्टल और उमंग ऐप तीनों प्रभावित रहेंगे।
ईपीएफओ के अनुसार सेवाएं 30 जून से बहाल होंगी; उमंग ऐप नोटिस में 2 जुलाई का उल्लेख है।
सहायता के लिए ईपीएफओ कॉल सेंटर नंबर 14470 पर संपर्क किया जा सकता है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 25 जून 2026 को घोषणा की कि नियोजित सिस्टम माइग्रेशन के कारण 26 जून से 29 जून के बीच मेंबर पोर्टल, एम्प्लॉयर पोर्टल और उमंग ऐप पर सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। इस दौरान क्लेम दर्ज करना, ई-पासबुक देखना और ईसीआर फाइलिंग जैसी प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी।

माइग्रेशन के दौरान कौन-सी सेवाएं बंद रहेंगी

संगठन ने स्पष्ट किया कि 26 जून से 29 जून 2026 के बीच सदस्य और नियोक्ता निम्नलिखित सेवाओं का उपयोग नहीं कर पाएंगे: क्लेम सबमिट करना और प्रोसेस करना, इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ईसीआर) फाइल करना, नए कर्मचारियों के लिए यूएएन (UAN) लिंक करना और ई-पासबुक सर्विस। यह रुकावट तीनों प्रमुख प्लेटफॉर्म — मेंबर पोर्टल, एम्प्लॉयर पोर्टल और उमंग ऐप — पर एक साथ लागू होगी।

माइग्रेशन का उद्देश्य क्या है

ईपीएफओ के अनुसार, यह सिस्टम अपग्रेड पक्षधारकों को तेज़, अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित सेवाएं देने के लिए किया जा रहा है। संगठन ने कहा कि सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करना इस अपग्रेड योजना का अनिवार्य हिस्सा है। गौरतलब है कि ईपीएफओ देश भर में लाखों वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति बचत का प्रबंधन करता है और डिजिटल सेवाओं पर उसकी निर्भरता लगातार बढ़ी है।

उमंग ऐप पर अलग नोटिस

उमंग ऐप के उपयोगकर्ताओं को ऐप पर एक अलग नोटिफिकेशन दिखाया जा रहा है, जिसमें सेवाएं 2 जुलाई 2026 तक बंद रहने की जानकारी दी गई है — जो ईपीएफओ के आधिकारिक 30 जून की पुनरारंभ तिथि से दो दिन बाद है। ऐप संदेश में कहा गया है, "हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।"

सदस्यों और नियोक्ताओं के लिए सलाह

ईपीएफओ ने सभी सदस्यों और नियोक्ताओं को सलाह दी है कि वे इस अवधि के दौरान होने वाली परेशानी से बचने के लिए अपने कार्यों की योजना पहले से बना लें। जिन्हें माइग्रेशन अवधि के दौरान किसी सहायता की ज़रूरत हो, वे ईपीएफओ कॉल सेंटर नंबर 14470 पर संपर्क कर सकते हैं। संगठन ने भरोसा दिलाया है कि सेवाएं 30 जून से सामान्य रूप से बहाल हो जाएंगी।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब ईपीएफओ अपने डिजिटल ढाँचे को व्यापक रूप से आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। माइग्रेशन के सफल समापन के बाद सेवाओं की गुणवत्ता और प्रतिक्रिया-समय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। सदस्यों को सलाह है कि जरूरी क्लेम या ईसीआर फाइलिंग 25 जून से पहले ही निपटा लें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन चार से पाँच दिनों की लंबी सेवा-बाधा लाखों कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए गंभीर असुविधा का कारण बन सकती है — खासकर उनके लिए जिनके क्लेम या ईसीआर फाइलिंग की समय-सीमा इसी अवधि में पड़ती है। उमंग ऐप पर 2 जुलाई और आधिकारिक वेबसाइट पर 30 जून की अलग-अलग तिथियाँ संचार में समन्वय की कमी दर्शाती हैं, जो भरोसे को कमज़ोर करती है। सरकारी डिजिटल सेवाओं के विस्तार के इस दौर में, बड़े तकनीकी बदलावों के लिए अधिक अग्रिम सूचना और स्पष्ट एकल संदेश अपेक्षित है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईपीएफओ सेवाएं कब से कब तक बंद रहेंगी?
ईपीएफओ की ऑनलाइन सेवाएं 26 जून से 29 जून 2026 तक बंद रहेंगी और 30 जून से बहाल होने की उम्मीद है। उमंग ऐप पर दिख रहे नोटिस के अनुसार वहाँ सेवाएं 2 जुलाई तक प्रभावित रह सकती हैं।
माइग्रेशन के दौरान कौन-सी ईपीएफओ सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी?
इस अवधि में क्लेम सबमिट करना और प्रोसेस करना, इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ईसीआर) फाइल करना, नए कर्मचारियों के लिए यूएएन लिंक करना और ई-पासबुक सर्विस उपलब्ध नहीं होगी। मेंबर पोर्टल, एम्प्लॉयर पोर्टल और उमंग ऐप तीनों प्रभावित रहेंगे।
ईपीएफओ सिस्टम माइग्रेशन क्यों किया जा रहा है?
ईपीएफओ के अनुसार, यह माइग्रेशन सदस्यों और नियोक्ताओं को तेज़, अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित डिजिटल सेवाएं देने के लिए किए जा रहे सिस्टम अपग्रेड का हिस्सा है। सेवाओं की अस्थायी बाधा इस तकनीकी प्रक्रिया की अनिवार्य आवश्यकता बताई गई है।
माइग्रेशन के दौरान सहायता के लिए कहाँ संपर्क करें?
ईपीएफओ ने कहा है कि इस अवधि में किसी भी सहायता के लिए सदस्य और नियोक्ता ईपीएफओ कॉल सेंटर नंबर 14470 पर संपर्क कर सकते हैं। संगठन ने भरोसा दिलाया है कि इस दौरान मुश्किलों का सामना कर रहे पक्षकारों की मदद की जाएगी।
क्या माइग्रेशन से पहले क्लेम या ईसीआर फाइल किया जा सकता है?
हाँ, ईपीएफओ ने सदस्यों और नियोक्ताओं को सलाह दी है कि वे 26 जून से पहले ही अपने ज़रूरी क्लेम, ईसीआर फाइलिंग और अन्य कार्य निपटा लें ताकि माइग्रेशन अवधि में असुविधा से बचा जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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