फर्जी यूनेस्को दुर्गा पूजा पास मामला: 'मास आर्ट' अधिकारी ध्रुवज्योति बसु 13 नवंबर तक पुलिस हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता की एक निचली अदालत ने 5 नवंबर 2026 को फर्जी यूनेस्को टैग वाले दुर्गा पूजा पास घोटाले में 'मास आर्ट' के शीर्ष अधिकारी ध्रुवज्योति बसु उर्फ शुभो को 13 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने बसु को बुधवार को गिरफ्तार किया था और गुरुवार दोपहर अदालत में पेश किया।
गिरफ्तारी और हिरासत का घटनाक्रम
सरकारी वकील ने बसु के लिए 14 दिन की पुलिस हिरासत की माँग की थी, लेकिन अदालत ने 13 नवंबर तक की हिरासत को मंजूरी दी। बसु इस मामले में SIT द्वारा गिरफ्तार किए जाने वाले दूसरे प्रमुख व्यक्ति हैं। पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री और गायक से नेता बने इंद्रनील सेन को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था।
बसु, सेन की गिरफ्तारी के बाद से फरार चल रहे थे और आखिरकार बुधवार को पकड़े गए। जांच अधिकारियों के अनुसार, बसु से पूछताछ के बाद 'मास आर्ट' में इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी की संभावित भूमिका के बारे में और भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
परिवार के सदस्यों से पूछताछ
इस बीच, इंद्रनील सेन की बेटी अवेरी सेन गुरुवार दोपहर पूछताछ के लिए कोलकाता पुलिस मुख्यालय पहुँचीं। उल्लेखनीय है कि उन्होंने इससे पहले मंगलवार और बुधवार को पुलिस के दो समन नजरअंदाज कर दिए थे। पुलिस की चेतावनी और गिरफ्तारी की संभावना के बाद वे अंततः गुरुवार को हाजिर हुईं।
SIT अब दो अन्य संस्थाओं — 'आईस्केप' और 'मायरा' — के वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है। बताया जाता है कि इन संस्थाओं को अवेरी सेन ही नियंत्रित करती थीं।
मधुछंदा सेन और अग्रिम जमानत
इंद्रनील सेन की पत्नी मधुछंदा सेन के नाम पर 'मास आर्ट' पंजीकृत है। जांच अधिकारी उनसे इस मामले में पहले ही दो बार पूछताछ कर चुके हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश पीठ द्वारा दी गई अग्रिम जमानत की आड़ में मधुछंदा पूछताछ में शामिल हो रही हैं।
समानांतर जांच और आगे का रास्ता
इस पूरे मामले की जांच कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) समानांतर रूप से कर रहे हैं। पिछले हफ्ते कोलकाता पुलिस के अधिकारियों ने इंद्रनील सेन को कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित ED के साल्ट लेक कार्यालय के बाहर से हिरासत में लिया था। सेन अभी पुलिस हिरासत में हैं और उन्हें 10 नवंबर को कोलकाता की निचली अदालत में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि यह मामला दुर्गा पूजा के दौरान यूनेस्को की विरासत पहचान की आड़ में फर्जी पास बेचे जाने के आरोपों से जुड़ा है, जो सांस्कृतिक त्योहारों के व्यावसायीकरण और नियामक निगरानी की खामियों को उजागर करता है। आने वाले दिनों में अदालती सुनवाई और ED की जांच के नतीजों से पूरे घोटाले की परतें और खुलने की संभावना है।