भारत सरकार ने विदेशी नागरिकों के लिए वीजा और निकासी राहत उपायों की घोषणा की
सारांश
Key Takeaways
- वीजा का निःशुल्क विस्तार किया जाएगा।
- ओवरस्टे पर जुर्माना माफ किया जाएगा।
- निकासी परमिट निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।
- अस्थायी लैंडिंग परमिट की भी सुविधा होगी।
- सरकार की प्राथमिकता विदेशी नागरिकों की सुरक्षा है।
नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के चलते अनेक विदेशी नागरिक भारत से निकलने में असमर्थ हैं, क्योंकि उनकी उड़ानें निरस्त या प्रभावित हो चुकी हैं।
इसी संदर्भ में, भारत सरकार ने प्रभावित देशों के नागरिकों के लिए वीजा और प्रवासन से जुड़ी महत्वपूर्ण राहत योजनाओं की घोषणा की है।
इन राहत उपायों में वीजा/ई-वीजा का निःशुल्क विस्तार, ओवरस्टे पर जुर्माने की छूट, निकासी परमिट की सुविधा, और अस्थायी लैंडिंग परमिट जैसी सुविधाएं शामिल हैं, ताकि विदेशी नागरिक सुरक्षित और कानूनी तरीके से अपने देश लौट सकें।
फिलीपींस में स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी की गई सलाह में बताया गया है, "पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कई विदेशी नागरिक अपने वीजा की वैधता समाप्त होने से पहले भारत से नहीं निकल पा रहे हैं, क्योंकि फ्लाइटें रद्द या प्रभावित हो गई हैं। मानवता और सद्भावना के दृष्टिकोण से भारत सरकार ने वीजा से संबंधित कदम उठाए हैं।"
सलाह में कहा गया है कि सभी प्रकार के वीजा/ई-वीजा जो जल्द समाप्त होने वाले हैं, प्रभावित देशों के नागरिकों के लिए क्षेत्रीय इमिग्रेशन कार्यालय (फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस) द्वारा केस-टू-केस स्थिति के आधार पर एक महीने के लिए निःशुल्क बढ़ाए जाएंगे।
28 फरवरी के बाद जारी संघर्ष के कारण प्रभावित विदेशी नागरिकों के किसी भी ओवरस्टे पर जुर्माना माफ कर दिया जाएगा। उन्हें निकासी परमिट (निकास अनुमति) भी निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।
प्रभावित विदेशी नागरिकों द्वारा निकासी परमिट न लगवाना या वीजा का विस्तार न कराना प्रवासन कानून का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। फ्लाइट डायवर्जन के कारण भारत पहुंचने वाले विदेशी नागरिकों को अस्थायी लैंडिंग परमिट (टीएलपी) निःशुल्क दिया जाएगा।
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि संकटग्रस्त मध्य पूर्व क्षेत्रों में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थिति पर 24X7 निगरानी रखी जा रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सोमवार को छात्रों समेत 650 भारतीय नागरिकों ने ईरान बॉर्डर पार किया। वे आर्मेनिया और अजरबैजान पहुंचे। 284 जायरीनों ने भी आर्मेनिया की सीमा पार की है, जिनमें से 130 स्वदेश लौटने वाले हैं। इस क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और भलाई सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।