गांधीनगर में ₹133.40 करोड़ का निवेश: 10 कंपनियों ने वाइब्रेंट गुजरात समिट में साइन किए एमओयू
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर जिले ने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के तहत आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में बड़ी औद्योगिक सफलता हासिल की है — 10 कंपनियों ने ₹133.40 करोड़ के प्रस्तावित निवेश एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। ये निवेश कलोल, छत्रल, दहेगाम, मानसा और धनोट जैसे जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नई औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित करने के लिए किए गए हैं।
सबसे बड़ा निवेश
इस समारोह में सर्वाधिक निवेश मानसा में स्टेरिकोएट हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा टेक्सटाइल और अपैरल क्षेत्र में ₹35 करोड़ का रहा। इसके अलावा, अल्टिम टेक प्राइवेट लिमिटेड कलोल में ऑटो इंजीनियरिंग यूनिट में ₹10 करोड़ का निवेश करेगी, जिससे 60 लोगों को रोज़गार मिलने की संभावना है।
कलोल तालुका में निवेश का विवरण
कलोल तालुका में कई कंपनियों ने विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। मिडास कन्वर्टर ने फ्लेक्सिबल पैकेजिंग क्षेत्र में ₹5 करोड़, कीपाट कंटेनर्स ने पीईटी बोतल और प्लास्टिक उत्पाद क्षेत्र में ₹15 करोड़, गाडस फाइन केम ने रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद क्षेत्र में ₹13.40 करोड़, कोपेक्स इंडस्ट्रीज ने ₹5 करोड़, बलराम रोलिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने आयरन और स्टील क्षेत्र में ₹20 करोड़, तथा ओमकार एग्रो केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड ने रासायनिक क्षेत्र में ₹15 करोड़ के निवेश एमओयू साइन किए हैं।
छत्रल और दहेगाम में भी निवेश
बंसीधर टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड ने छत्रल में कॉटन फैब्रिक्स क्षेत्र में ₹16 करोड़ और निरमाया एंटरप्राइजेज ने दहेगाम में मिनरल वाटर बॉटल्स क्षेत्र में ₹8 करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात सरकार जिला स्तर पर औद्योगिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देने की नीति पर जोर दे रही है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि ये एमओयू अभी प्रस्तावित हैं और वास्तविक निवेश तथा रोज़गार सृजन इन इकाइयों के धरातल पर स्थापित होने के बाद ही स्पष्ट होगा। अल्टिम टेक द्वारा घोषित 60 रोज़गार के अवसर इस बात का संकेत हैं कि ये निवेश स्थानीय युवाओं के लिए अवसर लेकर आ सकते हैं। आने वाले महीनों में इन कंपनियों की स्थापना प्रक्रिया पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।