13 सितंबर 2026
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गणेशोत्सव विवाद: प्रह्लाद जोशी ने मैसूर के इंस्पेक्टर धनंजय को तुरंत सस्पेंड करने की माँग की

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गणेशोत्सव विवाद: प्रह्लाद जोशी ने मैसूर के इंस्पेक्टर धनंजय को तुरंत सस्पेंड करने की माँग की

सारांश

कर्नाटक के टी. नरसीपुरा में गणेश चतुर्थी पर पुलिस इंस्पेक्टर धनंजय का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे गणेश समिति के युवाओं से कथित तौर पर आपत्तिजनक लहजे में बात कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक सरकार से इंस्पेक्टर को तत्काल निलंबित करने की माँग की।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 13 सितंबर 2026 को कर्नाटक सरकार से टी.
नरसीपुरा के पुलिस इंस्पेक्टर धनंजय को तत्काल सस्पेंड करने की माँग की।
इंस्पेक्टर धनंजय ने गणेश चतुर्थी पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसके दौरान गणेश समिति के युवाओं से उनकी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
जोशी ने एक्स पर पोस्ट कर डीके शिवकुमार की कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया।
जोशी ने पुलिस अधिकारी के आचरण को ‘अक्षम्य अपराध’ बताते हुए कहा कि सनातन परंपराओं पर किसी भी प्रहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कर्नाटक सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 13 सितंबर 2026 को कर्नाटक सरकार से माँग की कि मैसूर जिले के टी. नरसीपुरा के पुलिस इंस्पेक्टर धनंजय को तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित किया जाए। यह माँग उस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आई, जिसमें कथित तौर पर इंस्पेक्टर गणेश चतुर्थी के अवसर पर गणेश समिति के युवाओं से आपत्तिजनक लहजे में बात करते नज़र आए।

मुख्य घटनाक्रम

गणेश चतुर्थी उत्सव के दौरान टी. नरसीपुरा के पुलिस इंस्पेक्टर धनंजय ने कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से दिशा-निर्देश जारी किए थे। इस दौरान उनके बोलने के तरीके और इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर गणेश समिति के सदस्यों ने आपत्ति जताई। इस बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।

प्रह्लाद जोशी की तीखी प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘अगर हिंदुओं को अपने ही देश में, अपनी ही जमीन पर गणेशोत्सव को भव्य रूप से मनाने के लिए चिल्लाना और शोर मचाना पड़े, तो इससे बड़ा दुर्भाग्य और कोई नहीं है!’ उन्होंने सवाल उठाया कि इंस्पेक्टर धनंजय को गणेश समिति के युवाओं को सार्वजनिक रूप से धमकाने का अधिकार किसने दिया।

जोशी ने आगे लिखा, ‘क्या यह अधिकार पुलिस विभाग को गृह मंत्री ने दिया है या यह डीके शिवकुमार की कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण की राजनीति का फरमान है?’ उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था की रक्षा करने वाले अधिकारी का किसी समुदाय विशेष के एजेंट की तरह काम करना और लोगों को डराना-धमकाना ‘अक्षम्य अपराध’ है।

सरकार पर निशाना

जोशी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा, ‘कानून-व्यवस्था की आड़ में हिंदू त्योहारों के उत्सव को बाधित करने का प्रयास इस सरकार की हिंदू विरोधी नीति को दर्शाने वाला एक स्पष्ट आईना है।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन संस्कृति, परंपराओं और भक्ति भावनाओं पर किसी भी प्रहार को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच धार्मिक आयोजनों व पुलिसिया कार्रवाई को लेकर तनाव पहले से बढ़ा हुआ है।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि गणेश चतुर्थी पर्व कर्नाटक समेत पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है और इससे जुड़े किसी भी विवाद की अनुगूंज सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करती है। वायरल वीडियो ने पुलिस के आचरण और त्योहारी प्रशासन को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है। स्थानीय निवासियों और धार्मिक संगठनों में इस घटना को लेकर असंतोष देखा गया है।

क्या होगा आगे

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की माँग के बाद कर्नाटक सरकार पर इंस्पेक्टर धनंजय के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस राजनीतिक विवाद के आगे और तीखा होने की संभावना है, खासकर तब जब यह मामला विधानसभा सत्र तक पहुँच सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजनीतिक प्रतिक्रिया इसे तेज़ी से व्यापक 'हिंदू बनाम सरकार' आख्यान में तब्दील कर रही है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इंस्पेक्टर के निर्देश कथित तौर पर सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए थे — यह संदर्भ राजनीतिक बयानबाज़ी में प्रायः अनदेखा हो जाता है। राज्य सरकार की चुप्पी अभी उसे दोहरे दबाव में डाल रही है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक के टी. नरसीपुरा में गणेशोत्सव विवाद क्या है?
टी. नरसीपुरा के पुलिस इंस्पेक्टर धनंजय ने गणेश चतुर्थी पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इस दौरान गणेश समिति के युवाओं से उनकी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें उनके लहजे और शब्दों पर आपत्ति जताई गई।
प्रह्लाद जोशी ने इंस्पेक्टर धनंजय के बारे में क्या माँग की?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक सरकार से माँग की कि इंस्पेक्टर धनंजय को तुरंत सेवा से निलंबित किया जाए। उन्होंने कहा कि गणेश समिति के भक्तों को धमकाने वाले अधिकारी का आचरण अक्षम्य है।
क्या कर्नाटक सरकार ने इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अब तक कर्नाटक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की माँग के बाद राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
प्रह्लाद जोशी ने डीके शिवकुमार पर क्या आरोप लगाए?
जोशी ने एक्स पर पोस्ट कर सवाल उठाया कि क्या इंस्पेक्टर को यह अधिकार गृह मंत्री ने दिया या यह डीके शिवकुमार की कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण की राजनीति का नतीजा है। उन्होंने इसे कर्नाटक सरकार की हिंदू विरोधी नीति का प्रतिबिंब बताया।
इंस्पेक्टर धनंजय ने गणेश समिति को क्यों निर्देश दिए थे?
इंस्पेक्टर धनंजय ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से गणेश समिति के युवाओं को दिशा-निर्देश दिए थे। हालाँकि, इस दौरान उनके बात करने के तरीके पर आपत्ति जताई गई और वीडियो वायरल हो गया।
राष्ट्र प्रेस
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