गैंगस्टर प्रिंस खान के पाकिस्तान-आतंकी कनेक्शन की जांच: एनआईए टीम धनबाद पहुंची
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष टीम 28 अगस्त 2026 को धनबाद पहुंची और झारखंड के वासेपुर के फरार गैंगस्टर प्रिंस खान के कथित पाकिस्तान कनेक्शन तथा आतंकी नेटवर्क से जुड़ाव की जांच औपचारिक रूप से शुरू कर दी। एजेंसी अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या झारखंड में वसूली गई रंगदारी की रकम हवाला और दुबई के माध्यम से पाकिस्तान भेजी जाती थी और क्या इसके तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद तक पहुंचते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
एनआईए की टीम ने धनबाद में साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। जांच के केंद्र में यह सवाल है कि प्रिंस खान का नेटवर्क केवल संगठित अपराध तक सीमित है या इसके तार पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से भी जुड़े हैं। जांच एजेंसी खासतौर पर उसके विदेशी संपर्कों, पाकिस्तान में मौजूद नेटवर्क और रंगदारी की रकम के कथित अंतरराष्ट्रीय प्रवाह की पड़ताल कर रही है।
पूछताछ में सामने आई अहम जानकारियां
धनबाद पुलिस की पूछताछ में प्रिंस खान के करीबी सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर ने कथित तौर पर कई अहम जानकारियां दी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, झारखंड के व्यापारियों और कारोबारियों से वसूली गई रंगदारी की रकम कथित तौर पर हवाला नेटवर्क और दुबई के माध्यम से पाकिस्तान भेजी जाती थी। रिपोर्टों के अनुसार, दुबई के अल अंसारी एक्सचेंज के जरिए यह रकम पाकिस्तान पहुंचने का दावा किया गया है।
आईएसआई और जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध
जांच एजेंसियों को मिली सूचना के अनुसार, प्रिंस खान कथित तौर पर पाकिस्तानी नागरिक तौकीर बलोच के जरिए आईएसआई और जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में आया। इस नेटवर्क में अलग-अलग बैंक खातों के इस्तेमाल और लेन-देन से जुड़ी डिजिटल पर्चियों की जानकारी भी जांच एजेंसियों को मिली है। गौरतलब है कि ये सभी दावे अभी कथित हैं और एनआईए इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच करेगी।
झारखंड पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती
प्रिंस खान लंबे समय से झारखंड पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। उसके गिरोह पर रंगदारी, धमकी और हिंसक आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कई आरोप हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय एजेंसियां झारखंड-बिहार सीमावर्ती क्षेत्रों में संगठित अपराध और आतंकी फंडिंग के बीच संभावित कड़ियों की जांच तेज कर रही हैं।
आगे की कार्रवाई
एनआईए अब वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगालेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि रंगदारी से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल केवल आपराधिक गतिविधियों के लिए हुआ या उसका कोई हिस्सा कथित आतंकी संगठनों तक पहुंचा। यदि जांच में आतंकवाद से संबंधित पर्याप्त कानूनी साक्ष्य सामने आते हैं, तो प्रिंस खान के खिलाफ आतंकवाद-रोधी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।