वासेपुर गैंगस्टर प्रिंस खान का जैश-ए-मोहम्मद कनेक्शन उजागर, गुर्गे मेजर की पूछताछ में 3 दर्जन अपराधों का खुलासा

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वासेपुर गैंगस्टर प्रिंस खान का जैश-ए-मोहम्मद कनेक्शन उजागर, गुर्गे मेजर की पूछताछ में 3 दर्जन अपराधों का खुलासा

सारांश

धनबाद पुलिस की पूछताछ में वासेपुर गैंगस्टर प्रिंस खान का पाकिस्तान कनेक्शन और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव सामने आया है। गुर्गे मेजर ने 100 से अधिक बैंक खातों, हवाला-बिटकॉइन फंडिंग और तीन दर्जन अपराधों की जानकारी दी। पुलिस अब प्रिंस खान को आतंकी घोषित करने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

वासेपुर गैंगस्टर प्रिंस खान कथित तौर पर दुबई से भागकर पाकिस्तान में शरण लिए हुए है और प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ चुका है।
गैंग सदस्य सैयद अब्बास नकवी उर्फ मेजर को पिछले महीने कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।
पूछताछ में तीन दर्जन आपराधिक मामलों में संलिप्तता और 100 से अधिक बैंक खातों से हवाला-बिटकॉइन फंडिंग का खुलासा।
गैंग की भूमिका रंजीत सिंह हत्याकांड , नन्हें खान हत्या और उपेंद्र सिंह हत्याकांड (2023) समेत कई मामलों में सामने आई।
एसएसपी प्रभात कुमार ने चेतावनी दी कि प्रिंस खान को आर्थिक मदद देना आतंकवाद की फंडिंग माना जाएगा।
पुलिस अब प्रिंस खान को आतंकी घोषित करने की तैयारी में है और नेटवर्क की जाँच जारी है।

धनबाद पुलिस को वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। पिछले महीने कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार गैंग सदस्य सैयद अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर से रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में गैंग के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, हवाला-बिटकॉइन फंडिंग और करीब तीन दर्जन आपराधिक मामलों में संलिप्तता के अहम खुलासे हुए हैं। धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार ने बुधवार, 6 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन खुलासों की जानकारी दी।

पाकिस्तान में शरण और जैश कनेक्शन

पूछताछ में मेजर ने बताया कि पुलिस के दबाव में प्रिंस खान दुबई से भागकर पाकिस्तान में शरण लिए हुए है। पुलिस के अनुसार, वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ चुका है। हालाँकि, पुलिस इन अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों की स्वतंत्र रूप से भी जाँच कर रही है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच घरेलू आपराधिक गिरोहों और सीमापार आतंकी संगठनों के बीच कड़ियों की जाँच पर सुरक्षा एजेंसियों का विशेष ध्यान है।

मेजर की भूमिका: तकनीकी और वित्तीय संचालन

जाँच अधिकारियों के अनुसार, मेजर गैंग के तकनीकी और वित्तीय संचालन का मुख्य सूत्रधार था। वह वर्चुअल नंबर उपलब्ध कराने, व्यवसायियों को धमकी भरे कॉल करने और रंगदारी की रकम को हवाला, बैंक ट्रांसफर तथा बिटकॉइन के ज़रिए गैंग सरगना प्रिंस खान तक पहुँचाने का काम करता था। जाँच में यह भी सामने आया है कि रंगदारी के लेनदेन के लिए 100 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।

चर्चित हत्याकांडों में गैंग की भूमिका

मेजर ने कई चर्चित आपराधिक मामलों में गैंग की भूमिका का खुलासा किया है। इनमें रंजीत सिंह हत्याकांड, नन्हें खान की हत्या, उपेंद्र सिंह हत्याकांड और कई व्यवसायियों पर गोलीबारी व बमबाजी की घटनाएँ शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2023 में रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत कराई गई थी, जिसमें इसी गैंग की भूमिका सामने आई है।

मीडिया, सफेदपोश और राजनीतिक संपर्कों की जाँच

जाँच के दौरान यह भी पता चला है कि गैंग द्वारा दहशत फैलाने के लिए कुछ मीडिया से जुड़े लोगों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा, कुछ सफेदपोश और राजनीतिक संपर्कों की भी जाँच की जा रही है। एसएसपी प्रभात कुमार ने चेतावनी दी कि अभी भी जिले के कुछ व्यवसायियों द्वारा गैंग को पैसे भेजे जा रहे हैं और प्रिंस खान को आर्थिक मदद पहुँचाना आतंकवाद की फंडिंग के रूप में माना जाएगा।

आगे क्या होगा

पुलिस अब प्रिंस खान को आतंकी घोषित करने की तैयारी में है और पूरे नेटवर्क की गहराई से जाँच जारी है। गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गौरतलब है कि यह मामला धनबाद के संगठित अपराध और सीमापार आतंकी नेटवर्क के बीच संभावित गठजोड़ की गंभीर तस्वीर पेश करता है, जिसकी जाँच केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ भी कर सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जैश-ए-मोहम्मद कनेक्शन अभी तक केवल एक गिरफ्तार गुर्गे के बयान पर आधारित है और स्वतंत्र सत्यापन बाकी है। असली सवाल यह है कि 100 से अधिक बैंक खातों और हवाला नेटवर्क पर इतने वर्षों तक नज़र क्यों नहीं पड़ी — और जिन सफेदपोश व राजनीतिक संपर्कों की जाँच का उल्लेख किया गया है, उन पर कार्रवाई कितनी पारदर्शी होगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वासेपुर गैंगस्टर प्रिंस खान कौन है?
प्रिंस खान धनबाद के वासेपुर इलाके का कुख्यात गैंगस्टर है, जो रंगदारी, गोलीबारी और बमबाजी जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में लंबे समय से सक्रिय रहा है। पुलिस के अनुसार, वह अब पाकिस्तान में शरण लिए हुए है और कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ चुका है।
मेजर उर्फ सैयद अब्बास नकवी को कहाँ और कब गिरफ्तार किया गया?
सैयद अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर को अप्रैल 2025 में कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद धनबाद पुलिस ने रिमांड पर लेकर उससे लंबी पूछताछ की, जिसमें गैंग के नेटवर्क के कई अहम राज सामने आए।
गैंग ने रंगदारी की रकम कैसे ट्रांसफर की?
पुलिस के अनुसार, रंगदारी की रकम हवाला, बैंक ट्रांसफर और बिटकॉइन के ज़रिए प्रिंस खान तक पहुँचाई जाती थी। इस काम के लिए 100 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
प्रिंस खान को आतंकी घोषित क्यों किया जाएगा?
पुलिस के अनुसार, प्रिंस खान के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव और पाकिस्तान में शरण लेने की जानकारी मिली है। इसके आधार पर उसे आतंकी घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है और उसे आर्थिक मदद देना आतंकवाद की फंडिंग माना जाएगा।
इस मामले में किन हत्याकांडों का खुलासा हुआ है?
मेजर की पूछताछ में रंजीत सिंह हत्याकांड, नन्हें खान की हत्या और वर्ष 2023 में रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह की सुनियोजित हत्या समेत कई मामलों में गैंग की भूमिका सामने आई है। इसके अलावा कई व्यवसायियों पर गोलीबारी और बमबाजी की घटनाओं में भी गैंग का हाथ बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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