वासेपुर गैंगस्टर प्रिंस खान का जैश-ए-मोहम्मद कनेक्शन उजागर, गुर्गे मेजर की पूछताछ में 3 दर्जन अपराधों का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
धनबाद पुलिस को वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। पिछले महीने कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार गैंग सदस्य सैयद अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर से रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में गैंग के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, हवाला-बिटकॉइन फंडिंग और करीब तीन दर्जन आपराधिक मामलों में संलिप्तता के अहम खुलासे हुए हैं। धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार ने बुधवार, 6 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन खुलासों की जानकारी दी।
पाकिस्तान में शरण और जैश कनेक्शन
पूछताछ में मेजर ने बताया कि पुलिस के दबाव में प्रिंस खान दुबई से भागकर पाकिस्तान में शरण लिए हुए है। पुलिस के अनुसार, वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ चुका है। हालाँकि, पुलिस इन अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों की स्वतंत्र रूप से भी जाँच कर रही है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच घरेलू आपराधिक गिरोहों और सीमापार आतंकी संगठनों के बीच कड़ियों की जाँच पर सुरक्षा एजेंसियों का विशेष ध्यान है।
मेजर की भूमिका: तकनीकी और वित्तीय संचालन
जाँच अधिकारियों के अनुसार, मेजर गैंग के तकनीकी और वित्तीय संचालन का मुख्य सूत्रधार था। वह वर्चुअल नंबर उपलब्ध कराने, व्यवसायियों को धमकी भरे कॉल करने और रंगदारी की रकम को हवाला, बैंक ट्रांसफर तथा बिटकॉइन के ज़रिए गैंग सरगना प्रिंस खान तक पहुँचाने का काम करता था। जाँच में यह भी सामने आया है कि रंगदारी के लेनदेन के लिए 100 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
चर्चित हत्याकांडों में गैंग की भूमिका
मेजर ने कई चर्चित आपराधिक मामलों में गैंग की भूमिका का खुलासा किया है। इनमें रंजीत सिंह हत्याकांड, नन्हें खान की हत्या, उपेंद्र सिंह हत्याकांड और कई व्यवसायियों पर गोलीबारी व बमबाजी की घटनाएँ शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2023 में रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत कराई गई थी, जिसमें इसी गैंग की भूमिका सामने आई है।
मीडिया, सफेदपोश और राजनीतिक संपर्कों की जाँच
जाँच के दौरान यह भी पता चला है कि गैंग द्वारा दहशत फैलाने के लिए कुछ मीडिया से जुड़े लोगों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा, कुछ सफेदपोश और राजनीतिक संपर्कों की भी जाँच की जा रही है। एसएसपी प्रभात कुमार ने चेतावनी दी कि अभी भी जिले के कुछ व्यवसायियों द्वारा गैंग को पैसे भेजे जा रहे हैं और प्रिंस खान को आर्थिक मदद पहुँचाना आतंकवाद की फंडिंग के रूप में माना जाएगा।
आगे क्या होगा
पुलिस अब प्रिंस खान को आतंकी घोषित करने की तैयारी में है और पूरे नेटवर्क की गहराई से जाँच जारी है। गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गौरतलब है कि यह मामला धनबाद के संगठित अपराध और सीमापार आतंकी नेटवर्क के बीच संभावित गठजोड़ की गंभीर तस्वीर पेश करता है, जिसकी जाँच केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ भी कर सकती हैं।