राजनाथ सिंह की अपील: पेट्रोल, डीजल और LPG की घबराहट में खरीदारी न करें, आपूर्ति सामान्य
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 27 मई 2025 को देशवासियों से स्पष्ट अपील की कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें, क्योंकि देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। यह अपील ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में बदलते हालात की पृष्ठभूमि में, नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में आयोजित मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (आईजीओएम) की छठी बैठक के बाद आई।
बैठक का उद्देश्य और एजेंडा
बुधवार को राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में पश्चिम एशिया के उभरते सुरक्षा परिदृश्य, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार मार्गों और आवश्यक सेवाओं पर संभावित प्रभावों की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में यह भी आकलन किया गया कि यदि क्षेत्रीय तनाव और गहराता है, तो भारत की पेट्रोलियम आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों पर क्या असर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि फिलहाल दोनों देशों के बीच युद्ध विराम की स्थिति है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बरकरार है। ऐसे में केंद्र सरकार ने संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
राजनाथ सिंह का बयान
बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और नागरिकों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। मंत्री समूह ने कठिन परिस्थितियों में दूरदर्शी नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
बैठक में शामिल मंत्री
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, सर्वानंद सोनोवाल और मनोहर लाल खट्टर सहित कई वरिष्ठ मंत्री उपस्थित रहे। इस व्यापक मंत्रिस्तरीय उपस्थिति से स्पष्ट होता है कि सरकार इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से ले रही है।
विदेश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा
बैठक में पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और आवश्यकता पड़ने पर निकासी की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया भारत के लिए सामरिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से प्राप्त करता है।
आगे की राह
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह स्थिति पर निरंतर निगरानी बनाए हुए है और यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं कि देश में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर किसी प्रकार का प्रतिकूल असर न पड़े। यह आईजीओएम की छठी बैठक थी, जो इस बात का संकेत है कि सरकार इस संकट को लेकर नियमित समन्वय बनाए हुए है।