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गाजियाबाद जिम रजिस्ट्रेशन आदेश: अयोध्या के साधु-संतों ने बताया सराहनीय, उठाई महिला ट्रेनर की माँग

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गाजियाबाद जिम रजिस्ट्रेशन आदेश: अयोध्या के साधु-संतों ने बताया सराहनीय, उठाई महिला ट्रेनर की माँग

सारांश

गाजियाबाद में जिम रजिस्ट्रेशन का आदेश अब धार्मिक बहस का केंद्र बन गया है। अयोध्या के साधु-संतों ने इसे सराहा और माँग की कि यह व्यवस्था पूरे देश में लागू हो — साथ ही जिम में महिला ट्रेनर अनिवार्य करने की अपील भी की।

मुख्य बातें

गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने जिम के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन का आदेश जारी किया, जिसे अयोध्या के साधु-संतों ने सराहा।
महंत सीताराम दास ने सभी जिम और ट्रेनरों की जाँच और महिलाओं के लिए केवल महिला ट्रेनर की माँग की।
महंत राजूदास ने कथित तौर पर दावा किया कि देशभर के जिम और बड़ी कंपनियों में धर्मांतरण की घटनाएँ हो रही हैं।
संत वरुण दास जी महाराज ने जिम ट्रेनर का नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रदर्शित करने की माँग की।
महंत हरिदास ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से इस विषय पर ध्यान देने की अपील की।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जिलाधिकारी द्वारा जिम के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन को लेकर जारी किए गए आदेश को अयोध्या के साधु-संतों ने खुलकर समर्थन दिया है। संतों ने 12 मई को इस आदेश को सराहनीय बताते हुए माँग की कि इस तरह की कार्रवाई पूरे देश में लागू होनी चाहिए।

महंत सीताराम दास की प्रतिक्रिया

महंत सीताराम दास ने कहा कि सभी जिम और जिम ट्रेनरों की जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'जिस तरह जिम में धर्मांतरण का खेल चल रहा है, उस पर अंकुश लगाने के लिए जारी किया गया आदेश सराहनीय है। इस तरह के आदेश सभी विभागों को जारी करना चाहिए।' उन्होंने यह भी माँग की कि जिम में महिलाओं के लिए केवल महिला ट्रेनर ही नियुक्त होनी चाहिए, और अभिभावकों को भी अपने बच्चों पर ध्यान देना चाहिए।

महंत राजूदास के आरोप

महंत राजूदास ने दावा किया कि गाजियाबाद ही नहीं, बल्कि पूरे देश के जिम और बड़ी कंपनियों में कथित तौर पर धर्मांतरण की घटनाएँ हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ट्रेनर हिंदू महिलाओं को बहलाकर और लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस मामले में और अधिक कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।

संत वरुण दास जी महाराज की माँग

संत वरुण दास जी महाराज ने कहा कि गाजियाबाद प्रशासन का यह आदेश केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे देश में लागू हो। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम में मिलने वाले कुछ सप्लीमेंट पाउडर में मिलावट की जाती है। उनका कहना था कि जिम ट्रेनर का नाम बड़े अक्षरों में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रदर्शित होना चाहिए, और गलत करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

महंत हरिदास की अपील

महंत हरिदास ने महिलाओं के लिए महिला ट्रेनर और पुरुषों के लिए पुरुष ट्रेनर की माँग करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री को इस विषय पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी माँग रखी कि हिंदुओं को पढ़ाने और प्रशिक्षण देने वालों के चयन में सावधानी बरती जाए।

आगे क्या

गाजियाबाद जिलाधिकारी के इस आदेश ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में व्यापक बहस छेड़ दी है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून पहले से लागू है। संतों की माँगों और प्रशासनिक आदेश के बीच समन्वय को लेकर आने वाले दिनों में सरकारी स्तर पर स्पष्टता अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन साधु-संतों की प्रतिक्रिया ने इसे धार्मिक विमर्श में बदल दिया है। गौरतलब है कि संतों के आरोप — जैसे पाउडर में मिलावट या सुनियोजित धर्मांतरण — अभी तक किसी सत्यापित जाँच पर आधारित नहीं हैं। उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून पहले से मौजूद है, फिर भी प्रशासनिक आदेशों को उसी चश्मे से देखने की प्रवृत्ति नीति और धर्म के बीच की रेखा को धुंधला करती है। असली सवाल यह है कि जिम रजिस्ट्रेशन से उपभोक्ता सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित होती है या नहीं — यह विमर्श उस मूल उद्देश्य से भटकता दिख रहा है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद जिम रजिस्ट्रेशन आदेश क्या है?
गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने जिलेभर के जिमों के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन का आदेश जारी किया है। इसका उद्देश्य जिम संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
अयोध्या के साधु-संतों ने इस आदेश पर क्या कहा?
अयोध्या के महंत सीताराम दास, महंत राजूदास, संत वरुण दास जी महाराज और महंत हरिदास ने आदेश का स्वागत किया। उन्होंने इसे पूरे देश में लागू करने और जिम में महिलाओं के लिए केवल महिला ट्रेनर रखने की माँग की।
क्या जिम में धर्मांतरण के आरोप सत्यापित हैं?
साधु-संतों ने कथित तौर पर जिम में धर्मांतरण के आरोप लगाए हैं, लेकिन ये दावे अभी तक किसी आधिकारिक जाँच या सत्यापित रिपोर्ट पर आधारित नहीं हैं। उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून पहले से लागू है।
संतों ने जिम ट्रेनरों को लेकर क्या माँगें रखी हैं?
संतों ने माँग की है कि जिम में महिला सदस्यों के लिए केवल महिला ट्रेनर हों, ट्रेनर का नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में बड़े अक्षरों में प्रदर्शित हो, और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।
यह आदेश आगे कहाँ तक लागू हो सकता है?
अभी यह आदेश केवल गाजियाबाद जिले तक सीमित है। साधु-संतों की माँग है कि इसे उत्तर प्रदेश और पूरे देश में लागू किया जाए, हालाँकि इस पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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