11 अगस्त 2026
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गाजीपुर गहमर तिहरे हत्याकांड: आरोपी लखन उर्फ विकास सिंह पर एनएसए की धारा 3(2) लागू

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गाजीपुर गहमर तिहरे हत्याकांड: आरोपी लखन उर्फ विकास सिंह पर एनएसए की धारा 3(2) लागू

सारांश

गाजीपुर के गहमर में 24 दिसंबर 2025 को तीन युवकों की निर्मम हत्या के बाद अब प्रशासन ने एनएसए का हथियार उठाया है। आरोपी लखन उर्फ विकास सिंह पर धारा 3(2) लागू — यह संकेत है कि पुलिस सिर्फ मुकदमा नहीं, दीर्घकालिक निरोध चाहती है।

मुख्य बातें

24 दिसंबर 2025 को गहमर पट्टी खेलू राय स्थित तालाब के पास विक्की सिंह , सौरभ सिंह और अंकित सिंह की धारदार हथियारों से हत्या की गई थी।
आरोपी लखन उर्फ विकास सिंह पर 16 जून 2026 को एनएसए की धारा 3(2) के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई।
मुख्य आरोपी ओम सिंह सहित कुल 9 आरोपी गिरफ्तार; सभी न्यायिक अभिरक्षा में।
आरोपी अमित सिंह वर्तमान में जिला कारागार गाजीपुर में निरुद्ध है।
घटना के बाद से क्षेत्र में पुलिस और पीएसी की लगातार तैनाती जारी है।

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में हुए बहुचर्चित गहमर तिहरे हत्याकांड में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आरोपी लखन उर्फ विकास सिंह के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई की है। यह कार्रवाई सोमवार, 16 जून 2026 को की गई, जो लोक व्यवस्था बनाए रखने और भविष्य में किसी भी अशांति की आशंका को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया कदम है।

मुख्य घटनाक्रम

24 दिसंबर 2025 को थाना गहमर क्षेत्र के ग्राम गहमर पट्टी खेलू राय स्थित एक तालाब के पास विक्की सिंह, सौरभ सिंह और अंकित सिंह की धारदार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस तिहरे हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया और आम जनता में भय, तनाव तथा असुरक्षा का गहरा माहौल पैदा हो गया।

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ओम सिंह को 27 दिसंबर 2025 को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। इसके बाद 1 जनवरी 2026 को अमन सिंह और अरविंद सिंह उर्फ भदाकू को भी मुठभेड़ के बाद हिरासत में लेकर जेल भेजा गया।

गिरफ्तारियों का सिलसिला

इस हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों — अभिषेक सिंह, अमरजीत सिंह, कृपेन्द्र शंकर सिंह उर्फ नीरज सिंह, शैलेश सिंह और अंजनी सिंह — को भी गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। लखन उर्फ विकास सिंह को 14 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि एक अन्य आरोपी अमित सिंह वर्तमान में जिला कारागार गाजीपुर में निरुद्ध है।

एनएसए कार्रवाई की वजह

एएसपी (ग्रामीण) अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि इस हत्याकांड के कारण क्षेत्र में व्यापारियों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के बीच भय का वातावरण बन गया था और कानून-व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि आरोपी के कृत्यों और उससे उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए लखन उर्फ विकास सिंह के विरुद्ध एनएसए की धारा 3(2) के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।

गौरतलब है कि एनएसए के तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के अधिकतम 12 महीने तक निरोधात्मक हिरासत में रखा जा सकता है। यह प्रावधान तब लागू किया जाता है जब अधिकारियों को यह आशंका हो कि संबंधित व्यक्ति की रिहाई से सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा उत्पन्न हो सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रयास

घटना के बाद से ही क्षेत्र में पुलिस और पीएसी बल की लगातार तैनाती की गई। आम जनता में सुरक्षा और विश्वास का माहौल स्थापित करने के लिए व्यापक स्तर पर शांति व्यवस्था के प्रयास किए गए। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाए हुए है और संगठित अपराध के विरुद्ध एनएसए जैसे कठोर प्रावधानों का उपयोग बढ़ा है।

आगे क्या होगा

एनएसए के तहत हिरासत में लिए गए लखन उर्फ विकास सिंह की निरोधात्मक हिरासत की समीक्षा सलाहकार बोर्ड द्वारा की जाएगी। इस मामले में अभी भी न्यायिक प्रक्रिया जारी है और सभी गिरफ्तार आरोपी विभिन्न न्यायालयों के समक्ष विचाराधीन हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो एनएसए की ज़रूरत किस आधार पर पड़ी। एनएसए का उपयोग निरोधात्मक हथियार के रूप में तब होता है जब अधिकारियों को आशंका होती है कि रिहाई के बाद सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा है — यह आरोपी की सामाजिक पहुँच और प्रभाव की ओर संकेत करता है। आलोचकों का कहना है कि बिना पारदर्शी समीक्षा तंत्र के एनएसए का व्यापक उपयोग नागरिक स्वतंत्रता के लिए चिंताजनक हो सकता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गहमर तिहरा हत्याकांड क्या है?
24 दिसंबर 2025 को गाजीपुर जनपद के ग्राम गहमर पट्टी खेलू राय स्थित एक तालाब के पास विक्की सिंह, सौरभ सिंह और अंकित सिंह की धारदार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल पैदा कर दिया था।
लखन उर्फ विकास सिंह पर एनएसए क्यों लगाया गया?
एएसपी (ग्रामीण) अतुल कुमार सोनकर के अनुसार, आरोपी के कृत्यों से क्षेत्र में लोक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी और भविष्य में अशांति की आशंका को रोकने के उद्देश्य से एनएसए की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई की गई। एनएसए के तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के अधिकतम 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
इस हत्याकांड में अब तक कुल 9 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं — ओम सिंह (27 दिसंबर 2025), अमन सिंह और अरविंद सिंह उर्फ भदाकू (1 जनवरी 2026), अभिषेक सिंह, अमरजीत सिंह, कृपेन्द्र शंकर सिंह उर्फ नीरज सिंह, शैलेश सिंह, अंजनी सिंह और लखन उर्फ विकास सिंह (14 जनवरी 2026)। अमित सिंह वर्तमान में जिला कारागार गाजीपुर में निरुद्ध है।
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) की धारा 3(2) क्या है?
एनएसए की धारा 3(2) के तहत राज्य सरकार किसी व्यक्ति को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बिना मुकदमे के निरोधात्मक हिरासत में रख सकती है। यह हिरासत अधिकतम 12 महीने तक हो सकती है और सलाहकार बोर्ड द्वारा इसकी समीक्षा की जाती है।
गहमर क्षेत्र में अब कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति है?
घटना के बाद से पुलिस और पीएसी बल की लगातार तैनाती की गई है और व्यापक स्तर पर शांति व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में सुरक्षा और विश्वास का माहौल धीरे-धीरे बहाल हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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