गाजीपुर गहमर तिहरे हत्याकांड: आरोपी लखन उर्फ विकास सिंह पर एनएसए की धारा 3(2) लागू
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में हुए बहुचर्चित गहमर तिहरे हत्याकांड में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आरोपी लखन उर्फ विकास सिंह के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई की है। यह कार्रवाई सोमवार, 16 जून 2026 को की गई, जो लोक व्यवस्था बनाए रखने और भविष्य में किसी भी अशांति की आशंका को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया कदम है।
मुख्य घटनाक्रम
24 दिसंबर 2025 को थाना गहमर क्षेत्र के ग्राम गहमर पट्टी खेलू राय स्थित एक तालाब के पास विक्की सिंह, सौरभ सिंह और अंकित सिंह की धारदार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस तिहरे हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया और आम जनता में भय, तनाव तथा असुरक्षा का गहरा माहौल पैदा हो गया।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ओम सिंह को 27 दिसंबर 2025 को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। इसके बाद 1 जनवरी 2026 को अमन सिंह और अरविंद सिंह उर्फ भदाकू को भी मुठभेड़ के बाद हिरासत में लेकर जेल भेजा गया।
गिरफ्तारियों का सिलसिला
इस हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों — अभिषेक सिंह, अमरजीत सिंह, कृपेन्द्र शंकर सिंह उर्फ नीरज सिंह, शैलेश सिंह और अंजनी सिंह — को भी गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। लखन उर्फ विकास सिंह को 14 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि एक अन्य आरोपी अमित सिंह वर्तमान में जिला कारागार गाजीपुर में निरुद्ध है।
एनएसए कार्रवाई की वजह
एएसपी (ग्रामीण) अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि इस हत्याकांड के कारण क्षेत्र में व्यापारियों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के बीच भय का वातावरण बन गया था और कानून-व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि आरोपी के कृत्यों और उससे उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए लखन उर्फ विकास सिंह के विरुद्ध एनएसए की धारा 3(2) के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
गौरतलब है कि एनएसए के तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के अधिकतम 12 महीने तक निरोधात्मक हिरासत में रखा जा सकता है। यह प्रावधान तब लागू किया जाता है जब अधिकारियों को यह आशंका हो कि संबंधित व्यक्ति की रिहाई से सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा उत्पन्न हो सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रयास
घटना के बाद से ही क्षेत्र में पुलिस और पीएसी बल की लगातार तैनाती की गई। आम जनता में सुरक्षा और विश्वास का माहौल स्थापित करने के लिए व्यापक स्तर पर शांति व्यवस्था के प्रयास किए गए। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाए हुए है और संगठित अपराध के विरुद्ध एनएसए जैसे कठोर प्रावधानों का उपयोग बढ़ा है।
आगे क्या होगा
एनएसए के तहत हिरासत में लिए गए लखन उर्फ विकास सिंह की निरोधात्मक हिरासत की समीक्षा सलाहकार बोर्ड द्वारा की जाएगी। इस मामले में अभी भी न्यायिक प्रक्रिया जारी है और सभी गिरफ्तार आरोपी विभिन्न न्यायालयों के समक्ष विचाराधीन हैं।