जिम्स कर्मचारी गिरफ्तारी: भाकियू का सूरजपुर में धरना, डायरेक्टर ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता पर जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में धरनारत कर्मचारियों के विरुद्ध हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने सोमवार, 29 जून को जिला मुख्यालय सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। संगठन ने जिम्स के डायरेक्टर ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता पर अनियमितताओं और धांधली के गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी उच्चस्तरीय जांच और गिरफ्तार कर्मचारियों की तत्काल बिना शर्त रिहाई की माँग की।
मुख्य घटनाक्रम
भाकियू के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रवक्ता पवन खटाना ने बताया कि जिम्स के कर्मचारी पिछले कई दिनों से अपनी माँगों को लेकर शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। उनके अनुसार, कथित तौर पर रात के समय पुलिस ने धरनास्थल पर पहुँचकर कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया और महिला कर्मचारियों समेत अनेक लोगों को बलपूर्वक हिरासत में ले लिया।
खटाना ने यह भी आरोप लगाया कि गिरफ्तार कर्मचारियों को किस थाने या हिरासत केंद्र में रखा गया, इसकी जानकारी उनके परिजनों और सहयोगियों को तत्काल नहीं दी गई — जिसे उन्होंने 'गंभीर चिंता का विषय' बताया। (इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अभी आना शेष है।)
भाकियू की चार प्रमुख माँगें
धरने के दौरान एडीएम मंगलेश दुबे को जिलाधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें चार माँगें रखी गईं:
पहली — सभी गिरफ्तार कर्मचारियों की बिना शर्त तत्काल रिहाई। दूसरी — कर्मचारियों पर दर्ज सभी मुकदमों को वापस लिया जाए। तीसरी — कर्मचारियों की लंबित एवं जायज माँगों का शीघ्र समाधान किया जाए। चौथी — जिम्स के डायरेक्टर ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता पर लगे अनियमितताओं के आरोपों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
नेताओं के बयान और प्रशासन पर आरोप
प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के नेता रॉबिन नागर ने किया। भाकियू के जिलाध्यक्ष राजीव मलिक ने आरोप लगाया कि पिछले दो से तीन वर्षों से गौतमबुद्ध नगर का पुलिस प्रशासन निरंकुश रवैया अपना रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद में अपने अधिकारों की माँग करने वाले लोगों की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
भाकियू नेताओं ने यह भी कहा कि पुलिस की कथित सख्ती और कर्मचारियों के साथ किए गए व्यवहार से कर्मचारियों तथा आम लोगों में व्यापक आक्रोश है।
आगे क्या होगा
भाकियू ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि गिरफ्तार कर्मचारियों को जल्द रिहा नहीं किया गया और माँगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन जनपद स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू करेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी। संगठन ने प्रशासन से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने और कर्मचारियों को न्याय दिलाने की अपील भी की है।