गोवा के डाबोलिम में अवैध पेट्रोलियम गोदाम पर क्राइम ब्रांच का छापा, ₹1.5 करोड़ के टैंकर और ईंधन जब्त
सारांश
मुख्य बातें
गोवा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 28 जून 2026 को डाबोलिम क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एक पेट्रोलियम भंडारण केंद्र पर छापा मारकर लगभग ₹1.5 करोड़ मूल्य के ईंधन टैंकर और पेट्रोलियम उत्पाद जब्त किए। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई विशेष गुप्त सूचना के आधार पर की गई और परिसर में किसी भी वैध लाइसेंस के बिना ज्वलनशील पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण किया जा रहा था।
छापेमारी का घटनाक्रम
क्राइम ब्रांच की टीम ने डाबोलिम स्थित परिसर में करीब छह घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान छह ईंधन टैंकरों और एक टिपर ट्रक की विस्तृत जाँच की गई। टैंकरों में ज्वलनशील पेट्रोलियम पदार्थ भरा पाया गया, जिसके नमूने एकत्र कर सील कर दिए गए।
यह कार्रवाई फॉरेंसिक विशेषज्ञों और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुई, जिससे जब्ती की प्रक्रिया में तकनीकी और कानूनी दोनों पहलुओं का ध्यान रखा गया।
मुख्य आरोपी की पहचान
प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि यह परिसर और जब्त वाहन गोवा के सांक्वेलिम निवासी देवेंद्र नाइक उर्फ राजू चव्हाण द्वारा संचालित किए जा रहे थे। जाँच में यह भी उजागर हुआ कि यहाँ संग्रहित पेट्रोलियम उत्पादों को कथित तौर पर ऊँचे दामों पर काला बाज़ार में बेचा जा रहा था।
कानूनी उल्लंघन और सार्वजनिक खतरा
तेल विशेषज्ञों के अनुसार, इस परिसर में पेट्रोलियम उत्पादों का अवैध भंडारण पेट्रोलियम अधिनियम, 1934, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, घनी आबादी के निकट ज्वलनशील पदार्थों का अनधिकृत भंडारण सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता था।
दर्ज धाराएँ और आगे की जाँच
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 287, पेट्रोलियम अधिनियम, 1934 की धारा 23, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 तथा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 8 और 15 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सभी जब्त वाहन, टैंकर और अन्य साक्ष्य आगे की जाँच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
गौरतलब है कि गोवा में ईंधन की तस्करी और अवैध भंडारण की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं। यह कार्रवाई राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की काला बाज़ारी पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।