सरकार का निर्णय: 5 किलो एलपीजी सिलेंडर के लिए अब एड्रेस प्रूफ की आवश्यकता नहीं
सारांश
Key Takeaways
- 5 किलो एलपीजी सिलेंडर के लिए एड्रेस प्रूफ की आवश्यकता समाप्त।
- उपभोक्ता केवल वैध आईडी दिखाकर खरीद सकते हैं।
- सरकार ने ईंधन और ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं।
- अफवाहों के कारण कुछ जगहों पर भीड़ देखी गई है।
- सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए निगरानी बढ़ाई है।
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे तनावों के बीच, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब उपभोक्ताओं को 5 किलो एलपीजी सिलेंडर खरीदने के लिए एड्रेस प्रूफ की आवश्यकता नहीं होगी। उपभोक्ता केवल वैध पहचान पत्र (आईडी) दिखाकर इसे अपने नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर से प्राप्त कर सकते हैं।
सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित प्रभाव के मद्देनजर, देश में ईंधन और ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्रालय ने कहा, "5 किलो एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर पर उपलब्ध हैं और इन्हें किसी भी वैध आईडी दिखाकर खरीदा जा सकता है। इसके लिए एड्रेस प्रूफ की कोई आवश्यकता नहीं है।"
अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों और उन व्यक्तियों के लिए किया गया है, जिनके पास स्थानीय पते के दस्तावेज नहीं हैं, ताकि उन्हें खाना पकाने के लिए गैस आसानी से मिल सके।
23 मार्च से अब तक करीब 5.7 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जिसमें हाल ही में एक ही दिन में 71,000 से अधिक सिलेंडर की बिक्री हुई है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है और लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें।
सरकार ने बताया कि सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं और देश भर में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, हालांकि कुछ स्थानों पर अफवाहों के कारण भीड़ देखी गई है।
सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए, सरकार ने घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया है, रिफाइनरियों को पूरी क्षमता पर संचालित किया जा रहा है और घरेलू उपभोक्ताओं, अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं के लिए ईंधन की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।
इसके साथ ही मांग को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जैसे एलपीजी बुकिंग साइकिल को बढ़ाना और पीएनजी, केरोसिन और इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्पों को प्रोत्साहित करना।
मंत्रालय ने बताया कि राज्यों को घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन प्रदान करने में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। हाल ही में 3,700 से अधिक छापे मारे गए हैं और गड़बड़ी करने वाले एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, जिसमें उनके लाइसेंस को सस्पेंड किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्यों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के अधिकार दिए गए हैं और उन्हें नियमित जांच और जनसंपर्क गतिविधियां करने के लिए कहा गया है।