ग्रेटर नोएडा में मोबाइल स्नैचिंग गिरोह गिरफ्तार: 25 फोन, 2 तमंचे और फर्जी नंबर प्लेट बरामद
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा में मोबाइल फोन छीनने की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाते हुए थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने 22 जुलाई को दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए बदमाशों के पास से विभिन्न कंपनियों के 25 मोबाइल फोन, दो अवैध तमंचे (.315 बोर), दो जिंदा कारतूस और फर्जी नंबर प्लेट लगी एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
22 जुलाई को नॉलेज पार्क थाने की पुलिस टीम ग्राम गुर्जरपुर रेलवे अंडरपास के पास नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान दो संदिग्ध युवकों को रोका गया। पूछताछ और तलाशी में भारी मात्रा में मोबाइल फोन, अवैध हथियार और फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल मिलने पर दोनों को तत्काल हिरासत में ले लिया गया।
आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में पहला है फैजान पठान (23 वर्ष), पुत्र मरदान, निवासी तिरथली, थाना रबूपुरा, जनपद गौतमबुद्धनगर। दूसरा आरोपी है फरमान (22 वर्ष), पुत्र शहजाद उर्फ सरदार, निवासी खाद गोदाम के पास, झाझर, थाना ककोड़, जनपद बुलंदशहर। पुलिस के अनुसार फरमान का मूल निवास खीरखानी मोहल्ला, खुर्जा नगर, जनपद बुलंदशहर है।
गिरोह का तरीकावार
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नॉलेज पार्क और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न इलाकों में राहगीरों को निशाना बनाते थे। मौका मिलते ही तेज रफ्तार मोटरसाइकिल पर सवार होकर हाथ से मोबाइल फोन छीनते और फरार हो जाते थे। इसके बाद महंगे स्मार्टफोन को बेहद कम कीमत पर बेचकर अवैध धन कमाते थे। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और कई अन्य घटनाओं में भी इनकी संलिप्तता हो सकती है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
थाना नॉलेज पार्क में दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अन्य धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड की गहन जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी की जा रही है। साथ ही, बरामद 25 मोबाइल फोन के असली मालिकों की पहचान कर उन्हें वापस लौटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब ग्रेटर नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में मोबाइल स्नैचिंग की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। पुलिस के अनुसार, आगे की जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि छीने गए मोबाइल किन माध्यमों और किन लोगों के जरिए बेचे जाते थे।