ग्रेटर नोएडा में वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का नया कैंपस जल्द शुरू होगा, प्राधिकरण को सौंपे गए दस्तावेज
सारांश
Key Takeaways
- वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का पहला कैंपस ग्रेटर नोएडा में खोला जाएगा।
- यूनिवर्सिटी ने परफॉर्मेंस गारंटी दस्तावेज प्राधिकरण को सौंपे हैं।
- कैंपस में उद्योगों से जुड़े पाठ्यक्रम और शोध कार्यक्रम शुरू होंगे।
- स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा का अवसर मिलेगा।
- यह कदम उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनाएगा।
ग्रेटर नोएडा, 16 मार्च (राष्ट्रीय समाचार)। अंतरराष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रेटर नोएडा को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त होने जा रही है। ऑस्ट्रेलिया की प्रसिद्ध वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का पहला कैंपस इस वर्ष ग्रेटर नोएडा में शुरू होने की तैयारी में है। इसके लिए यूनिवर्सिटी ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को परफॉर्मेंस गारंटी से संबंधित दस्तावेज सौंप दिए हैं, जिससे कैंपस की स्थापना की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है।
सोमवार को नोएडा के सेक्टर-16बी में स्थित मैक्स टावर में आयोजित एक कार्यक्रम में, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को ये दस्तावेज सौंपे। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी की प्रॉपर्टी और कमर्शियल ऑफिसर मैरियन जॉन्स और उनकी टीम उपस्थित थीं। प्राधिकरण की ओर से ओएसडी गुंजा सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक अजित भाई पटेल और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण परिसर में टावर-2 में यूनिवर्सिटी को तीन मंजिलें- छठी, सातवीं और आठवीं किराए पर दी गई हैं। यूनिवर्सिटी ने इन मंजिलों का सालाना किराया लगभग 86 लाख रुपए निर्धारित किया है। यहीं पर विश्वविद्यालय का कैंपस विकसित किया जाएगा।
कैंपस के संबंध में प्रतिनिधियों ने बताया कि तैयारियों को जल्द ही शुरू किया जाएगा ताकि इस वर्ष शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत की जा सके। इस कैंपस की स्थापना से ग्रेटर नोएडा को एक ग्लोबल एजुकेशन और इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनाने में भी सहायता मिलेगी।
इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के नेतृत्व में हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में बनने वाला यह कैंपस सस्टेनेबिलिटी, वॉटर मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिजनेस इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर की शिक्षा और शोध को बढ़ावा देगा।
यहां उद्योगों से जुड़े पाठ्यक्रमों और शोध कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि छात्रों को आधुनिक तकनीक और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके। पहले चरण में विश्वविद्यालय बिजनेस एनालिटिक्स, मार्केटिंग, डेटा साइंस, सस्टेनेबल वॉटर फ्यूचर्स और एग्रीकल्चर जैसे विषयों में पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है। दूसरे चरण में इनवोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और सप्लाई चेन मैनेजमेंट से जुड़े नए शैक्षणिक कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने कहा कि वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का कैंपस यहां खुलना इस बात का प्रमाण है कि ग्रेटर नोएडा शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक संस्थानों के लिए पसंदीदा स्थान बन चुका है। इससे न केवल शहर का शैक्षणिक माहौल मजबूत होगा बल्कि टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और इनवोवेशन के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं उत्पन्न होंगी।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की यूनिवर्सिटी के आने से स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा अपने ही शहर में प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।