23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात: 8 आईपीएस अधिकारी पाकिस्तान सीमा से लगे 16 गांवों में रात्रि प्रवास करेंगे, सुरक्षा तैयारियों की होगी समीक्षा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात: 8 आईपीएस अधिकारी पाकिस्तान सीमा से लगे 16 गांवों में रात्रि प्रवास करेंगे, सुरक्षा तैयारियों की होगी समीक्षा

सारांश

गुजरात सरकार ने पाकिस्तान सीमा से लगे 16 गांवों में 8 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को रात्रि प्रवास के लिए भेजा है। 11-12 जून को होने वाला यह अभियान महज औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि जमीनी सुरक्षा समीक्षा और सीमावर्ती नागरिकों से सीधे संवाद का प्रयास है।

मुख्य बातें

8 आईपीएस अधिकारी 11 और 12 जून को गुजरात के पाकिस्तान सीमा से लगे 16 गांवों में रात्रि प्रवास करेंगे।
दौरे में वाव-थराद , पाटन और कच्छ जिलों के सीमावर्ती गांव शामिल हैं।
अभियान उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, पुलिसकर्मियों से बातचीत और स्थानीय निवासियों से बैठकें करेंगे।
इसे औपचारिक दौरे के बजाय गहन जमीनी अभ्यास बताया गया है।

गुजरात सरकार ने पाकिस्तान सीमा से लगे 16 सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा तैयारियों का जमीनी आकलन करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 8 वरिष्ठ अधिकारी 11 और 12 जून को इन गांवों का दौरा करेंगे और स्थानीय घरों में रात्रि प्रवास करेंगे। यह अभियान गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य सीमावर्ती निवासियों से सीधा संवाद स्थापित करना है।

अभियान का दायरा और उद्देश्य

राज्य सरकार के अनुसार, यह पहल गुजरात की अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय सीमाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के कल्याण और चिंताओं की समीक्षा करने के लिए बनाई गई है। दौरे में वाव-थराद सीमा क्षेत्र के गांवों के अलावा पाटन और कच्छ जिलों के कुछ हिस्से शामिल हैं।

अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था का जमीनी जायजा लेंगे, दुर्गम और एकांत स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों से बातचीत करेंगे और स्थानीय निवासियों के साथ बैठकें आयोजित करेंगे। कार्यक्रम में सीमा गश्ती अभियानों का निरीक्षण, रात्रिकालीन समीक्षा बैठकें और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा भी शामिल है।

किस अधिकारी का कहाँ दौरा

एडीजीपी वाबंग जमीर वाव-थराद जिले के असरागम और रचेना गांवों का दौरा करेंगे, जबकि एडीजीपी अजय कुमार चौधरी कच्छ पूर्वी जिले के शिरानी वंध और जटावाड़ा गांवों में जाएंगे। आईजीपी बिपिन शंकरराव अहिरे पाटन जिले के धोकावाड़ा और चारंका गांवों का दौरा करेंगे।

डीआईजीपी एएम मुनिया वाव-थराद क्षेत्र के रादोसन और गोलाप गांवों में जाएंगे। कच्छ पश्चिमी जिले में डीआईजीपी केएन दामोर जूना और देढिया गांवों का दौरा करेंगे, जबकि डीआईजीपी डॉ. लीना पाटिल उधमों और पाटागर गांवों में जाएंगी।

एसीपी आरटी सुसारा पुनराजपार और गुनाऊ गांवों का दौरा करेंगे, और डीआईजीपी सुधा एस. पांडे दिनारा और भीतारा मोटा गांवों में रात्रि प्रवास करेंगी। सभी अधिकारी अपने-अपने निर्धारित गांवों में रात ठहरेंगे।

'औपचारिक दौरा नहीं, गहन जमीनी अभ्यास'

अधिकारियों ने इस दो दिवसीय कार्यक्रम को एक गहन जमीनी अभ्यास बताया है, न कि महज एक औपचारिक निरीक्षण। इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा ढांचे की व्यापक समीक्षा, सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का आकलन और सीमावर्ती निवासियों तथा कानून प्रवर्तन अधिकारियों के बीच संचार को मजबूत करना है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर सतर्कता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विमर्श तेज हुआ है। गौरतलब है कि सीमावर्ती गांवों में रात्रि प्रवास जैसी पहल केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर सुरक्षा-नागरिक समन्वय को बेहतर बनाने की दिशा में एक नई कार्यशैली को दर्शाती है।

आगे की राह

दोनों दिनों के दौरे के बाद अधिकारी अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेंगे, जिसमें जमीनी सुरक्षा स्थिति, स्थानीय समस्याओं और सुधार के सुझाव शामिल होंगे। यह अभियान गुजरात के सीमावर्ती प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी वास्तविक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि दौरे के बाद की रिपोर्टें नीतिगत बदलाव में तब्दील होती हैं या फाइलों में दब जाती हैं। भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद सीमावर्ती राज्यों में ऐसी पहलें अक्सर दिखती हैं, लेकिन दीर्घकालिक सुरक्षा ढांचे में सुधार के लिए एकबारगी अभियानों से आगे की सोच जरूरी है। यह भी देखना होगा कि स्थानीय निवासियों की शिकायतें और जरूरतें — जो अक्सर बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी होती हैं — इस समीक्षा में कितनी जगह पाती हैं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में 8 आईपीएस अधिकारियों का सीमावर्ती गांवों का दौरा कब होगा?
यह दौरा 11 और 12 जून को निर्धारित है। इन दो दिनों में 8 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पाकिस्तान सीमा से लगे 16 गांवों में जाएंगे और स्थानीय घरों में रात्रि प्रवास करेंगे।
इस अभियान में कौन-से जिले शामिल हैं?
इस अभियान में वाव-थराद सीमा क्षेत्र के गांवों के साथ-साथ पाटन और कच्छ (पूर्वी और पश्चिमी) जिलों के सीमावर्ती गांव शामिल हैं। कुल 16 गांवों में दौरा किया जाएगा।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
अभियान का उद्देश्य गुजरात की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा तैयारियों का जमीनी आकलन करना, पुलिसकर्मियों की तत्परता परखना और सीमावर्ती नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करना है। अधिकारियों ने इसे औपचारिक निरीक्षण नहीं बल्कि गहन जमीनी अभ्यास बताया है।
यह अभियान किसके नेतृत्व में हो रहा है?
यह अभियान गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। एडीजीपी, आईजीपी, डीआईजीपी और एसीपी स्तर के अधिकारी इसमें भाग ले रहे हैं।
क्या ऐसे दौरे पहले भी हुए हैं?
सीमावर्ती क्षेत्रों में वरिष्ठ अधिकारियों के दौरे होते रहे हैं, लेकिन रात्रि प्रवास के साथ इस पैमाने पर एक साथ 16 गांवों को कवर करना इसे एक विशेष पहल बनाता है। यह भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ी सतर्कता के संदर्भ में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले