गुजरात सरकार का 'अटल सुशासन पुरस्कार': जिला-तालुका अधिकारियों को ₹31,000 तक नकद सम्मान
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने 21 सितंबर 2026 को गांधीनगर से एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए जिला और तालुका स्तर पर जन-सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के लिए 'अटल गुड गवर्नेंस अवार्ड' योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत क्लास-1 अधिकारियों को ₹31,000 और क्लास-2 अधिकारियों को ₹21,000 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से प्रभावी होगी और आगे भी जारी रहेगी।
योजना की मुख्य संरचना
वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन 1 अप्रैल से 31 मार्च तक की अवधि के आधार पर होगा। इस योजना में सात विभागों के वे अधिकारी शामिल हैं जो नागरिकों से सीधे जुड़ी सेवाएँ प्रदान करते हैं।
पात्र अधिकारियों में शामिल हैं: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी, शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी और जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी, सड़क और भवन विभाग के कार्यकारी अभियंता, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के जिला आपूर्ति अधिकारी, खेल, युवा और सांस्कृतिक गतिविधि विभाग के जिला खेल अधिकारी, पंचायत, ग्रामीण आवास और ग्रामीण विकास विभाग के तालुका विकास अधिकारी, तथा राजस्व विभाग के मामलतदार।
चयन और मूल्यांकन प्रक्रिया
चयन केवल रोज़मर्रा की कार्यक्षमता पर नहीं, बल्कि पूर्वनिर्धारित परफॉर्मेंस क्राइटेरिया और मूल्यांकन मानकों पर आधारित होगा। अलग-अलग विभागीय समितियाँ पहली पाँच श्रेणियों के अधिकारियों का मूल्यांकन करेंगी, जिनकी अध्यक्षता संबंधित विभाग के सचिव करेंगे। इन समितियों में विभाग प्रमुख और एक अतिरिक्त सचिव, संयुक्त सचिव या उप-सचिव भी सदस्य के रूप में रहेंगे।
तालुका विकास अधिकारी (TDO) और मामलतदार के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला-स्तरीय समितियाँ गठित की जाएंगी। इन समितियों में जिला विकास अधिकारी, जिला पुलिस अधीक्षक और निवासी उप-कलेक्टर शामिल होंगे। पंचायत से संबंधित मामलों में पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव समिति के प्रमुख होंगे, जबकि मामलतदारों की समिति का नेतृत्व राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।
मूल्यांकन के पश्चात अधिकारियों को प्रथम से तृतीय स्थान तक रैंकिंग दी जाएगी और श्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ताओं को पुरस्कार के लिए नामित किया जाएगा।
पुरस्कार वितरण की समय-सीमा
सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक वर्ष 30 नवंबर तक मूल्यांकन प्रक्रिया पूर्ण करें। चयनित अधिकारियों के नाम, उनके प्रमाण पत्र और चेक सहित, 10 दिसंबर तक सामान्य प्रशासन विभाग की वसुतापर-2 शाखा को भेजे जाएँगे।
विशेष रूप से, ये पुरस्कार प्रत्येक वर्ष 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित 'गुड गवर्नेंस डे' कार्यक्रम के दौरान प्रदान किए जाएंगे। विजेता अधिकारियों को 'सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस — अटल गुड गवर्नेंस अवार्ड' भी दिया जाएगा।
आम जनता और प्रशासन पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकारें जमीनी स्तर के प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने पर ज़ोर दे रही हैं। गौरतलब है कि यह पहल सीधे नागरिक-सेवा से जुड़े विभागों को प्राथमिकता देती है, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और खाद्य वितरण जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का दबाव बढ़ेगा।
इस योजना से गुजरात के 33 जिलों और सैकड़ों तालुकाओं में तैनात अधिकारियों के बीच प्रतिस्पर्धी उत्कृष्टता की संस्कृति विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले वर्षों में इस पहल के नतीजे जन-सेवा की गुणवत्ता के व्यापक पैमाने पर आंके जाएँगे।