1 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात में 143 कैदियों को दीपावली पर 15 दिन की पैरोल, 40 महिला कैदी भी शामिल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात में 143 कैदियों को दीपावली पर 15 दिन की पैरोल, 40 महिला कैदी भी शामिल

सारांश

गुजरात सरकार ने 2003 से चली आ रही परंपरा के तहत इस बार 143 कैदियों — 40 महिलाएँ और 103 वरिष्ठ पुरुष — को धनतेरस से 15 दिन की दीपावली पैरोल दी है। गंभीर अपराधों के दोषी इस सुविधा से बाहर हैं।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने 143 कैदियों को 6 नवंबर 2026 (धनतेरस) से 15 दिन की दीपावली पैरोल देने की घोषणा की।
पात्र कैदियों में 40 महिला कैदी और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के 103 पुरुष कैदी शामिल हैं।
यह वार्षिक व्यवस्था 2003 से जारी है और उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की देखरेख में कैदी कल्याण नीति के तहत संचालित होती है।
NDPS, TADA, POTA के दोषी, बलात्कार-लूट जैसे गंभीर अपराधों के कैदी, और जिनकी अपील उच्च न्यायालय में लंबित है — वे पैरोल के पात्र नहीं हैं।
राव ने पात्रता मानदंडों की पुष्टि की; एनआरआई और दूसरे राज्यों के कैदी भी इस सुविधा से बाहर हैं।

गुजरात सरकार ने 143 कैदियों को दीपावली 2026 के अवसर पर परिवारों के साथ त्योहार मनाने के लिए 6 नवंबर से 15 दिन की पैरोल देने का फैसला किया है। इस वार्षिक सुविधा के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के 103 पुरुष कैदी और 40 महिला कैदी अपने घर जा सकेंगे। यह निर्णय राज्य सरकार की कैदी कल्याण नीति के अंतर्गत लिया गया है।

पैरोल की अवधि और शुरुआत

पैरोल की यह अवधि धनतेरस, 6 नवंबर 2026 से प्रारंभ होगी और 15 दिनों तक चलेगी। उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की देखरेख में चल रही जेल सुधार पहलों के तहत यह व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य पात्र कैदियों को तय शर्तों का पालन करते हुए अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने का अवसर देना है।

2003 से जारी है यह परंपरा

गुजरात सरकार 2003 से हर वर्ष दीपावली के अवसर पर पात्र कैदियों को 15 दिन की पैरोल देती आ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में जेल सुधार और कैदियों के पुनर्वास पर विमर्श तेज हो रहा है। गौरतलब है कि यह व्यवस्था केवल विशेष श्रेणी के कैदियों — महिलाओं और वरिष्ठ पुरुष कैदियों — तक सीमित है।

कौन होंगे पात्र, किसे नहीं मिलेगी सुविधा

पुलिस महानिदेशक (गुजरात जेल और सुधार विभाग) डॉ. के.एल.एन. राव ने बताया कि राज्य सरकार के नियमों के अनुसार, गंभीर अपराधों में शामिल कैदी इस पैरोल के लिए पात्र नहीं हैं। जिन्हें यह सुविधा नहीं मिलेगी, उनमें शामिल हैं:

— नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, टेररिस्ट एंड डिसरप्टिव एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (TADA) और प्रिवेंशन ऑफ टेररिज्म एक्ट (POTA) के तहत सजायाफ्ता कैदी; बलात्कार, अपहरण, लूट, डकैती, चोरी या जबरन वसूली जैसे गंभीर अपराधों के दोषी; एनआरआई कैदी और अन्य राज्यों के कैदी; जिनकी अपील उच्च न्यायालय में लंबित है; तथा वे जिन पर निवारक निरोध (Preventive Detention) आदेश लागू हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और नीतिगत संदेश

राज्य सरकार के प्रवक्ताओं ने इस कदम को मानवीय दृष्टिकोण और पुनर्वास की दिशा में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया। यह व्यवस्था केवल त्योहारी राहत नहीं, बल्कि पात्र कैदियों में पारिवारिक जुड़ाव को बनाए रखने की नीति का हिस्सा है — जिसे विशेषज्ञ कैदी पुनर्वास में सहायक मानते हैं।

आगे क्या

पैरोल पर जाने वाले कैदियों को निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा और 15 दिन बाद उन्हें संबंधित जेल में वापस लौटना होगा। यदि इस व्यवस्था का उल्लंघन होता है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह सुविधा गुजरात की जेल प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को बनाए रखने की कोशिश का प्रतीक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हर साल इसके पैमाने और पात्रता मानदंड बताते हैं कि राज्य जेल सुधार को कितनी गंभीरता से लेता है। इस बार केवल 143 कैदियों को पैरोल मिलना — गुजरात की कुल जेल आबादी की तुलना में एक अत्यंत सीमित संख्या — यह सवाल उठाता है कि क्या यह व्यवस्था प्रतीकात्मक राहत है या वास्तविक पुनर्वास नीति का हिस्सा। महिला कैदियों और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता देना मानवीय है, किंतु व्यापक जेल सुधार के लिए बड़े नीतिगत हस्तक्षेप की ज़रूरत बनी रहती है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में दीपावली पैरोल 2026 किसे मिलेगी?
गुजरात सरकार ने 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के 103 पुरुष कैदियों और 40 महिला कैदियों को दीपावली 2026 पर 15 दिन की पैरोल देने की घोषणा की है। कुल 143 कैदी इस सुविधा के पात्र हैं।
दीपावली पैरोल कब से शुरू होगी?
पैरोल की अवधि धनतेरस यानी 6 नवंबर 2026 से शुरू होगी और 15 दिनों तक चलेगी। इस दौरान पात्र कैदी अपने परिवारों के साथ घर पर रह सकेंगे।
किन कैदियों को दीपावली पैरोल नहीं मिलेगी?
NDPS, TADA और POTA के तहत सजायाफ्ता कैदी, बलात्कार, अपहरण, लूट, डकैती, चोरी या जबरन वसूली के दोषी, आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े कैदी, एनआरआई और अन्य राज्यों के कैदी तथा जिनकी अपील उच्च न्यायालय में लंबित है — ये सभी इस पैरोल के लिए पात्र नहीं हैं।
गुजरात में दीपावली पैरोल की शुरुआत कब से हुई?
गुजरात सरकार 2003 से हर वर्ष दीपावली के अवसर पर पात्र कैदियों को 15 दिन की पैरोल देती आ रही है। यह कैदी कल्याण और जेल सुधार नीति का हिस्सा है।
इस पैरोल की निगरानी कौन करता है?
यह व्यवस्था उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की देखरेख में जेल और सुधार विभाग द्वारा संचालित होती है। पुलिस महानिदेशक (जेल) डॉ. के.एल.एन. राव ने पात्रता नियमों की पुष्टि की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले