गुजरात सरकार ने किसानों से चर्चा के बाद ट्रैक्टर सब्सिडी और आरटीओ राहत की योजना बनाई
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात सरकार ने किसानों के लिए सब्सिडी बढ़ाने की योजना बनाई है।
- आरटीओ पासिंग में राहत दी गई है।
- किसान संगठनों के साथ सकारात्मक चर्चा हुई है।
- किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए समिति का गठन किया गया है।
- सरकार ने कानूनी वारिसों को स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी है।
गांधीनगर, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कृषि मंत्री जीतू वघाणी ने सोमवार को जानकारी दी कि गुजरात सरकार ने किसान संगठनों के साथ चर्चा के बाद कुछ महत्वपूर्ण उपायों की योजना बनाई है, जिसमें सिंचाई सहायता, कृषि उपकरणों के नियम और फसल सुरक्षा शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रशासन 'किसानों के साथ मजबूती से खड़ा है' और 'किसानों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।'
भारतीय किसान संघ और किसान मोर्चा के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जीतू वघाणी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम के लिए सब्सिडी बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।
उन्होंने बताया कि यह प्रणाली किसानों को पानी की बचत और कम पानी में बेहतर उत्पादन में मदद करेगी। सब्सिडी बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है, और सरकार संबंधित विभागों के साथ चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लेगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य ने किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉलियों को तीन से पांच साल के लिए रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) पासिंग से छूट देने की मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर और ट्रॉली पासिंग से संबंधित किसानों की समस्याओं को सुलझाने के लिए, राज्य सरकार ने तीन से पांच साल के लिए आरटीओ पासिंग से छूट देने का निर्णय लिया है। वघाणी ने बताया कि किसानों की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें वे खुद, एनर्जी मिनिस्टर ऋषिकेश पटेल और फॉरेस्ट मिनिस्टर अर्जुन मोढवाडिया के साथ अन्य अधिकारी शामिल हैं।
यह पैनल किसानों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें करता है और मुख्यमंत्री से सलाह-मशविरा करता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की समस्याओं को सुलझाने के लिए लगातार सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है और भविष्य में भी ऐसा ही जारी रखेगी।
पहले के निर्णयों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य ने पुश्तैनी संपत्ति से जुड़े मामलों में कानूनी वारिसों को स्टाम्प ड्यूटी से छूट देने की मंजूरी दी है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे निर्णय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश पर किसानों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श के बाद लिए गए थे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में किसानों के लिए आवश्यक निर्णय समय पर लिए गए हैं और भविष्य में भी लिए जाते रहेंगे।