गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध रहेंगे: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का किसानों को आश्वासन
सारांश
Key Takeaways
- गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध रहेंगे।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत २ हजार रुपए ट्रांसफर किए गए।
- गुजरात में ९६%25 किसानों को दिन के समय बिजली मिलती है।
- नर्मदा नहर नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका है।
- अफवाहें न फैलाने की अपील की गई।
गांधीनगर, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को आश्वासन दिया कि गैस सिलेंडर समय पर सभी के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थिति के बावजूद गैस की कोई कमी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने पीएम-किसान योजना के राज्य स्तर के कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों को एलपीजी आपूर्ति के संबंध में अफवाहें फैलाने से बचना चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जिन लोगों को गैस सिलेंडर की आवश्यकता है, उन्हें वह बिना किसी परेशानी के मिल जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक हालात में भी गैस की उपलब्धता में कोई समस्या नहीं है। अगर किसी को गैस की जरूरत है, तो उसे वह मिलेगी और किसी को भी गलत अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए। गैस सिलेंडर समय पर सभी को मिलेंगे।
मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की २२वीं किस्त जारी करने के सिलसिले में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस योजना के अंतर्गत, केंद्र सरकार ने डीबीटी के माध्यम से योग्य किसानों के खातों में २ हजार रुपए सीधे ट्रांसफर किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी से यह किस्त जारी की, जिसके अंतर्गत देशभर के ९.३२ करोड़ से अधिक किसान परिवारों के खातों में १८,६४० करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। इस नई किस्त के तहत, गुजरात के लगभग ४९.५९ लाख किसान परिवारों के बैंक खातों में सीधे १,०२८ करोड़ रुपए से अधिक की राशि आने की उम्मीद है।
योजना का उल्लेख करते हुए पटेल ने कहा कि जब भी किसानों से संबंधित कोई मुद्दा आता है, तब प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल से ही किसानों के लिए पूरी संवेदनशीलता से काम किया है। उन्होंने कहा कि बिना पानी के खेती करना बहुत कठिन है और यह राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों में पानी पहुँचाने में नर्मदा नहर नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
सीएम पटेल ने खेती और घरों के लिए बिजली सप्लाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खेती के लिए आवश्यक बिजली और घरों के लिए बिजली की आपूर्ति की गई है। उन्होंने बताया कि गुजरात में दिन-रात बिजली देने का कार्य अपने हाथ में लिया गया था, और अब राज्य के लगभग ९६ प्रतिशत किसानों को दिन के समय बिजली मिलती है।