21 जुलाई 2026
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गुजरात पुलिस का 'ऑपरेशन डेल्टा हंट': 568 कथित अवैध बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, अभियान जारी

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गुजरात पुलिस का 'ऑपरेशन डेल्टा हंट': 568 कथित अवैध बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, अभियान जारी

सारांश

'ऑपरेशन डेल्टा हंट' महज एक छापेमारी नहीं — यह 6,200 से अधिक संदिग्धों के डेटाबेस पर आधारित एक सुनियोजित तकनीकी अभियान है। तीन दिनों में 362 से 568 तक पहुँची गिरफ्तारियाँ और जारी वेरिफिकेशन बताते हैं कि यह अभी खत्म नहीं हुआ।

मुख्य बातें

गुजरात पुलिस ने 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के तहत 5 जून 2026 तक 568 कथित अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया।
हिरासत में लिए गए लोगों में 172 पुरुष , 282 महिलाएँ और 114 बच्चे शामिल हैं।
अभियान 3 जून को शुरू हुआ; गिरफ्तारियाँ 362 → 501 → 568 के क्रम में बढ़ीं।
छापेमारी से पहले 6,200 से अधिक संदिग्धों का डेटाबेस टेलीकॉम एनालिसिस और तकनीकी निगरानी से तैयार किया गया था।
गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ लागू कानूनों के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

गुजरात पुलिस ने 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के तहत राज्य में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे 568 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। 5 जून 2026 को सुबह 8 बजे IST तक दर्ज आँकड़ों के अनुसार, यह अभियान डिप्टी मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री हर्ष संघवी की प्रत्यक्ष देखरेख में पूरे गुजरात में एक साथ संचालित किया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में 172 पुरुष, 282 महिलाएँ और 114 बच्चे शामिल हैं।

अभियान का विस्तार और आँकड़े

यह अभियान 3 जून 2026 को शुरू हुआ, जब पुलिस ने पहले दिन 362 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। 4 जून को यह संख्या बढ़कर 501 हो गई और 5 जून की सुबह तक 568 तक पहुँच गई। अधिकारियों के अनुसार, वेरिफिकेशन प्रक्रिया के तहत सैकड़ों अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ जारी है।

खुफिया तंत्र और तकनीकी निगरानी

पुलिस के अनुसार, छापेमारी शुरू होने से पहले टेलीकॉम एनालिसिस, तकनीकी निगरानी, ह्यूमन इंटेलिजेंस और फील्ड वेरिफिकेशन के माध्यम से 6,200 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों का डेटाबेस तैयार किया गया था। अभियान के प्रारंभिक चरण में संदिग्धों को लक्षित क्षेत्रों से बाहर जाने से रोकने के लिए बस स्टेशनों, हाईवे और रेलवे स्टेशनों पर चेकपॉइंट स्थापित किए गए थे।

नेटवर्क की जाँच

जाँचकर्ता उन कथित नेटवर्कों की भी पड़ताल कर रहे हैं, जिन्होंने राज्य में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे लोगों के लिए रहने की जगह, रोज़गार और दस्तावेज़ों की व्यवस्था की। राज्य के अधिकारियों ने बताया कि विशेष टीमें अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि करने और मामले से जुड़े स्थानों की जाँच कर रही हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

गृह मंत्री हर्ष संघवी ने राज्य सरकार के एक बयान में कहा कि 'राज्य की सुरक्षा और शांति से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घुसपैठ और अनधिकृत बसावट के विरुद्ध इसी तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। सरकार ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ लागू कानूनों के अनुसार कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि कई जिलों में तलाशी और वेरिफिकेशन अभियान अभी भी जारी हैं, और हिरासत की संख्या में और वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह अभियान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारें अवैध प्रवासन के मुद्दे पर सख्त रुख अपना रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

200 से अधिक संदिग्धों का पूर्व-निर्मित डेटाबेस यह संकेत देते हैं कि यह कोई अचानक की गई कार्रवाई नहीं, बल्कि सुनियोजित खुफिया-आधारित अभियान है। हालाँकि, हिरासत में 114 बच्चों की मौजूदगी मानवाधिकार संगठनों के लिए गंभीर प्रश्न खड़े करती है — जिन पर आधिकारिक बयान अभी तक मौन हैं। यह अभियान ऐसे समय में आया है जब अवैध प्रवासन राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का केंद्र बना हुआ है, और गुजरात मॉडल को अन्य राज्यों के लिए मिसाल के तौर पर पेश किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन डेल्टा हंट' क्या है?
यह गुजरात पुलिस का एक खुफिया-आधारित समन्वित अभियान है, जिसका उद्देश्य राज्य में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और गिरफ्तारी करना है। इसमें टेलीकॉम एनालिसिस, तकनीकी निगरानी, ह्यूमन इंटेलिजेंस और फील्ड वेरिफिकेशन का उपयोग किया गया है।
अब तक कितने लोगों को हिरासत में लिया गया है?
5 जून 2026 की सुबह 8 बजे तक कुल 568 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें 172 पुरुष, 282 महिलाएँ और 114 बच्चे शामिल हैं। यह संख्या 3 जून को 362 से शुरू होकर लगातार बढ़ रही है।
हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
राज्य सरकार के अनुसार, हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों के खिलाफ लागू कानूनों के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। आगे की प्रक्रिया वेरिफिकेशन के बाद निर्धारित की जाएगी।
इस अभियान की निगरानी कौन कर रहा है?
यह अभियान गुजरात के डिप्टी मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री हर्ष संघवी की सीधी देखरेख में चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि राज्य की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
क्या यह अभियान अभी भी जारी है?
हाँ, कई जिलों में तलाशी और वेरिफिकेशन अभियान अभी भी सक्रिय हैं। विशेष टीमें अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि कर रही हैं और कथित नेटवर्कों की जाँच भी चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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