क्या गुलाबो देवी ने संभल का नाम बदलकर 'कल्कि नगरी' करने की मांग की?

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क्या गुलाबो देवी ने संभल का नाम बदलकर 'कल्कि नगरी' करने की मांग की?

सारांश

उत्तर प्रदेश की मंत्री गुलाबो देवी ने संभल जिले का नाम बदलकर 'कल्कि नगरी' करने की मांग की है। यह मांग धार्मिक महत्व के आधार पर की गई है। क्या यह बदलाव संभव है? जानिए इस मुद्दे पर और क्या कहते हैं स्थानीय लोग?

मुख्य बातें

संभल का नाम बदलने की मांग स्थानीय संस्कृति का सम्मान करती है।
गुलाबो देवी ने योगी आदित्यनाथ से इस विषय पर बात की है।
स्थानीय जनता इस बदलाव के पक्ष में है।
ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से यह बदलाव महत्वपूर्ण है।
पिछले वर्षों में कई स्थानों के नाम बदले गए हैं।

संभल, २५ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग की मंत्री गुलाबो देवी ने एक बार फिर संभल जिले का नाम बदलने की मांग उठाई है। उन्होंने सुझाव दिया कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए संभल का नाम 'कल्कि नगरी' किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया जा चुका है और स्थानीय जनता की ओर से भी यह मांग लगातार सामने आ रही है।

गुलाबो देवी ने गुरुवार को संभल जिले में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में कई जिलों, शहरों और मार्गों के नाम बदले गए हैं। इस क्रम में संभल का नाम भी बदला जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संभल में कल्कि धाम स्थित है, जो हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि भविष्य में भगवान विष्णु का दसवां अवतार कल्कि यहीं प्रकट होंगे, इसलिए इस पवित्र स्थल के सम्मान में संभल का नाम 'कल्कि नगरी' रखा जाना उचित होगा।

मंत्री ने यह भी कहा कि यदि मुख्यमंत्री की इच्छा हो तो संभल का नाम किसी महान व्यक्तित्व के नाम पर भी रखा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर पहले भी चर्चा हो चुकी है और स्थानीय लोग इस बदलाव के पक्ष में हैं।

माध्यमिक शिक्षा विभाग की मंत्री गुलाबो देवी ने कहा, "मैंने स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस विषय पर बात की है। जनता की भावनाओं को देखते हुए यह बदलाव जरूरी है।"

संभल का नाम बदलने की मांग कोई नई नहीं है। बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने कई स्थानों के नाम बदले हैं, जैसे इलाहाबाद का नाम प्रयागराज, फैजाबाद का नाम अयोध्या, और मुगलसराय का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर किया गया है। ये बदलाव ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से किए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को भी दर्शाता है। नाम परिवर्तन का यह प्रस्ताव स्थानीय लोगों द्वारा समर्थित है, जो न केवल पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि संस्कृति को भी प्रोत्साहित करेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या संभल का नाम बदलने की मांग पहले भी उठी है?
हां, इस मुद्दे पर पहले भी चर्चा हो चुकी है, और स्थानीय लोग इस बदलाव के पक्ष में हैं।
क्या नाम बदलने से संस्कृति पर असर पड़ेगा?
हाँ, नाम बदलने से स्थानीय संस्कृति और धार्मिक महत्व को पुनर्स्थापित करने में मदद मिलेगी।
क्या मुख्यमंत्री ने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
गुलाबो देवी ने कहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस विषय पर बात की है।
क्या यह बदलाव संभव है?
यदि स्थानीय जनता की भावना को ध्यान में रखा जाए तो यह बदलाव संभव हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में और कौन-कौन से स्थानों के नाम बदले गए हैं?
इलाहाबाद का नाम प्रयागराज, फैजाबाद का नाम अयोध्या, और मुगलसराय का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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