गुरु पूर्णिमा पर अयोध्या में उमड़ा आस्था का सैलाब, संतों और श्रद्धालुओं ने किया गुरु पूजन
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में गुरु पूर्णिमा के पर्व पर 29 जुलाई को श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। देशभर से आए हज़ारों संत-महंत और श्रद्धालुओं ने रामनगरी में गुरु पूजन किया, भगवान श्रीराम के दर्शन किए और विविध धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। सुबह होते ही मंदिरों के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं।
मुख्य घटनाक्रम
राम मंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेन्द्र दास ने कहा, 'आज गुरु पूर्णिमा के मौके पर अयोध्या में बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु जुटे हैं। बड़ी संख्या में लोग रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है।' उन्होंने यह भी बताया कि रामकोट परिक्रमा की परंपरा पिछले कुछ समय से अयोध्या में निरंतर जारी है और गुरु पूर्णिमा पर भी अनेक भक्तों ने इस परिक्रमा में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
गुरु पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य महंत राजकुमार दास ने इस पर्व का महत्व समझाते हुए कहा कि सनातन धर्म में आषाढ़ पूर्णिमा को व्यास पूजा और गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन शिष्य अपने गुरु के पास जाकर उनका पूजन, वंदन और सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु जीवन में मार्गदर्शन देने वाले होते हैं — चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या आध्यात्मिक मार्ग। उनके अनुसार, 'गुरु अपने ज्ञान और आशीर्वाद से व्यक्ति के जीवन के अज्ञान और नकारात्मकता को दूर करते हैं और भगवान तक पहुंचने का मार्ग गुरु की कृपा से ही संभव होता है।'
मणिराम दास छावनी में दीक्षा और मंगल आरती
अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी में भी गुरु पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। महंत कमलनयन दास ने यहाँ श्रद्धालुओं को दीक्षा प्रदान की। परिसर में मंगल आरती का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण छाया रहा।
हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़
सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी मंदिर में भी इस पर्व पर भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भगवान हनुमान के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
आगे का दृष्टिकोण
गुरु पूर्णिमा के इस आयोजन ने एक बार फिर यह रेखांकित किया कि राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरी है। आने वाले पर्वों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि की संभावना बनी हुई है।