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ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण की बात से भावनाओं को ठेस: अधीर रंजन चौधरी का BJP पर निशाना

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ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण की बात से भावनाओं को ठेस: अधीर रंजन चौधरी का BJP पर निशाना

सारांश

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हों तो CEC को पद्म भूषण देने की वकालत — BJP का यह बयान कांग्रेस को तीखी प्रतिक्रिया का मौका दे गया। अधीर रंजन चौधरी ने मुर्शिदाबाद में साफ कहा: 'यह आम जनता के सवालों और नाराज़गी का मज़ाक है।'

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 26 सितंबर 2026 को मुर्शिदाबाद में BJP के CEC ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण दिए जाने की वकालत को 'जनभावना का मज़ाक' बताया।
BJP पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के बयान पर चौधरी ने कड़ी आपत्ति जताई।
चौधरी ने कहा कि देश-विदेश में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, ऐसे में यह प्रस्ताव अनुचित है।
ममता बनर्जी और CPI(M) नेता के बीच बातचीत पर चौधरी ने कहा कि बातचीत करने में कोई बुराई नहीं।
चौधरी ने 'जेनजी भजन क्लबिंग' कार्यक्रम पर कहा कि युवाओं के असली मुद्दों का समाधान भजन से नहीं होगा।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 26 सितंबर 2026 को मुर्शिदाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण दिए जाने की वकालत की गई थी। चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर देश-विदेश में सवाल उठ रहे हों, ऐसे समय में इस तरह का प्रस्ताव आम नागरिकों की भावनाओं का मज़ाक उड़ाना है।

मुख्य आरोप और चौधरी का तर्क

चौधरी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को लेकर देशभर में नाराज़गी और सवाल हैं। उनके शब्दों में, 'आम लोगों द्वारा उठाए गए सवालों को हंसी-मज़ाक का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।' उन्होंने कहा कि राजनीति करना हर दल का अधिकार है, परंतु लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों को नज़रअंदाज़ करना उचित नहीं है। उनका कहना था कि 'BJP के अहंकार का जवाब जनता समय आने पर देगी।'

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विवाद

गौरतलब है कि भारतीय चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर हाल के महीनों में देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल आयोग की स्वायत्तता को लेकर लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं। चौधरी का तर्क था कि इसी विवादास्पद पृष्ठभूमि में CEC ज्ञानेश कुमार को सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की सिफारिश करना जनभावना के विपरीत है।

जेनजी और युवाओं के मुद्दों पर चौधरी का बयान

प्रधानमंत्री के 'जेनजी' से जुड़े 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए चौधरी ने कहा कि भजन से युवाओं का मनोरंजन हो सकता है, किंतु जिन ज्वलंत मुद्दों पर युवा वर्ग सरकार से जवाब माँग रहा है, उनका समाधान भी ज़रूरी है। उन्होंने दिल्ली में छात्र विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को देखते हुए युवा वर्ग सरकार पर भरोसा नहीं करेगा।

ममता बनर्जी और CPI(M) के बीच बातचीत पर प्रतिक्रिया

तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) नेता के बीच हुई बातचीत पर चौधरी ने कहा कि ममता को लगता है कि पार्टी को मज़बूत करने और मौजूदा राजनीतिक स्थिति से उबरने के लिए किसी से भी बातचीत करना उचित है। उन्होंने कहा कि 'बातचीत करने में कोई बुराई नहीं है; कोई भी किसी से भी बात कर सकता है।' चौधरी ने यह भी जोड़ा कि ममता हाल ही में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलने दिल्ली भी गई थीं।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति

पश्चिम बंगाल में BJP, TMC और वाम मोर्चे के बीच राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। ममता और CPI(M) के बीच संभावित संपर्क को लेकर अटकलें बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ रही हैं। चौधरी की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि कांग्रेस इस घटनाक्रम को बारीकी से देख रही है और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक राजनीतिक संकेत है — कि सत्तारूढ़ दल चुनाव आयोग के साथ अपने संबंधों को लेकर कोई असहजता महसूस नहीं करता। अधीर रंजन चौधरी की प्रतिक्रिया इस संदर्भ में स्वाभाविक है, लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि विपक्ष ने स्वयं आयोग सुधार के लिए कोई ठोस वैकल्पिक प्रस्ताव नहीं रखा है। असली सवाल यह है कि क्या चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की माँग संसद में गंभीर विमर्श बनेगी, या केवल बयानबाज़ी तक सिमटी रहेगी।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देने का प्रस्ताव किसने दिया?
पश्चिम बंगाल BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण दिए जाने की वकालत की, जिस पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 26 सितंबर 2026 को कड़ी आपत्ति जताई।
अधीर रंजन चौधरी ने इस प्रस्ताव पर क्या कहा?
चौधरी ने कहा कि जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर देश-विदेश में सवाल उठ रहे हों, ऐसे समय में CEC को सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की बात आम लोगों की भावनाओं और उनके सवालों का मज़ाक उड़ाने जैसी है।
ममता बनर्जी और CPI(M) के बीच बातचीत पर चौधरी का क्या कहना है?
चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी पार्टी को मज़बूत करने के लिए किसी से भी बातचीत कर सकती हैं और इसमें कोई बुराई नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि ममता हाल ही में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलने दिल्ली भी गई थीं।
'जेनजी भजन क्लबिंग' कार्यक्रम पर चौधरी ने क्या टिप्पणी की?
चौधरी ने कहा कि भजन से युवाओं का मनोरंजन तो हो सकता है, लेकिन सरकार को युवाओं द्वारा उठाए गए असली मुद्दों का भी समाधान करना होगा। उन्होंने दिल्ली में छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से युवा वर्ग सरकार पर भरोसा नहीं करेगा।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विवाद क्यों है?
विपक्षी दलों का आरोप है कि हाल के वर्षों में चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निर्णयों पर सवाल उठ रहे हैं। चौधरी के अनुसार, यह सवाल केवल देश तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय लोकतंत्र की छवि को प्रभावित कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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