27 जून 2026
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हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ महंत संतराम दास का निधन, CM योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि

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हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ महंत संतराम दास का निधन, CM योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

अयोध्या की हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ महंत संतराम दास शनिवार को ब्रह्मलीन हो गए। आठ महीने की बीमारी के बाद मेदांता से लौटे संत तीन दिन में ही चल बसे। CM योगी ने श्रद्धांजलि दी; सरयू तट पर अंतिम संस्कार हुआ।

मुख्य बातें

हनुमानगढ़ी उज्जैनिया पट्टी के वरिष्ठ महंत संतराम दास का शनिवार को निधन हो गया।
वे उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित थे; पिछले आठ महीनों से उपचाराधीन थे।
निधन से तीन दिन पूर्व ही मेदांता अस्पताल, लखनऊ से इलाज करा कर अयोध्या लौटे थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
अंतिम संस्कार सरयू तट (नया घाट/कच्चा घाट) पर शाम 4 बजे किया गया।
आचार्य संतोष अवस्थी सहित संत समाज ने इसे अवध की संत परंपरा की 'अपूरणीय क्षति' बताया।

अयोध्या के प्रतिष्ठित सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी की उज्जैनिया पट्टी के वरिष्ठ महंत संतराम दास का शनिवार को निधन हो गया। उनके ब्रह्मलीन होने की सूचना उनके शिष्य एवं हनुमानगढ़ी के पुजारी महंत राजू दास ने दी। संत के निधन की खबर से अयोध्या के संत समाज और श्रद्धालुओं में गहरे शोक की लहर व्याप्त हो गई है।

स्वास्थ्य स्थिति और अंतिम दिन

बताया गया है कि महंत संतराम दास उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित थे और पिछले करीब आठ महीनों से उपचाराधीन थे। हाल ही में उनका मेदांता अस्पताल, लखनऊ में भी इलाज हुआ था। उपचार के बाद वे निधन से मात्र तीन दिन पूर्व ही अयोध्या लौटे थे। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते थे।

शिष्य का संदेश और अंतिम संस्कार

महंत राजू दास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'हमारे पूज्य गुरुदेव भगवान श्री श्री 1008 श्री महंत संतराम दास जी महाराज पंचांग पट्टी उज्जैनिया हनुमानगढ़ी, अयोध्या जी का गोलोकवास अभी हो गया है। सायं 3 बजे शोभा यात्रा निकाली जाएगी। दाह संस्कार आज शाम 4 बजे नया घाट सरयू तट (कच्चा घाट) पर किया जाएगा।'

मुख्यमंत्री और संत समाज की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत संतराम दास के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, 'प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें।'

आचार्य संतोष अवस्थी ने भी एक्स पर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, 'हनुमानगढ़ी उज्जैनिया पट्टी के पूज्य महंत श्री संत रामदास जी महाराज का सांकेतवास श्री अवध की नागातीत संत परंपरा की अपूरणीय क्षति है। भावभीनी श्रद्धांजलि। श्री हनुमन्तलाल जी महाराज पुण्यात्मा को शाश्वत शांति प्रदान करें। अनुयायियों के प्रति हार्दिक संवेदना। ॐ शान्ति:!'

हनुमानगढ़ी का धार्मिक महत्व

गौरतलब है कि हनुमानगढ़ी अयोध्या नगर के मध्य में स्थित 10वीं शताब्दी का हनुमान जी को समर्पित प्राचीन हिन्दू मंदिर है। 76 सीढ़ियाँ चढ़कर पहुँचा जाने वाला यह मंदिर उत्तर भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय हनुमान मंदिर परिसरों में से एक है। नागेश्वर नाथ मंदिर और नवनिर्मित राम मंदिर के साथ यह अयोध्या के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।

आगे क्या

संत समाज और श्रद्धालुओं में शोक का माहौल है। महंत संतराम दास के निधन से उज्जैनिया पट्टी की उत्तराधिकार परंपरा को लेकर आने वाले दिनों में निर्णय अपेक्षित है। अयोध्या की संत परंपरा में उनके योगदान को दीर्घकाल तक स्मरण किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महंत संतराम दास कौन थे?
महंत संतराम दास अयोध्या के प्रसिद्ध सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी की उज्जैनिया पट्टी के वरिष्ठ महंत थे। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते थे और अवध की संत परंपरा में उनका महत्वपूर्ण स्थान था।
महंत संतराम दास का निधन कब और कैसे हुआ?
उनका निधन शनिवार को हुआ। वे उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित थे तथा पिछले आठ महीनों से उपचाराधीन थे। मेदांता अस्पताल, लखनऊ में इलाज के बाद वे तीन दिन पूर्व ही अयोध्या लौटे थे।
CM योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत संतराम दास के निधन पर शोक जताते हुए कहा, 'प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें।'
अंतिम संस्कार कहाँ और कब हुआ?
महंत संतराम दास का अंतिम संस्कार सरयू तट के नया घाट (कच्चा घाट), अयोध्या पर शाम 4 बजे किया गया। इससे पूर्व सायं 3 बजे शोभा यात्रा निकाली गई।
हनुमानगढ़ी का क्या महत्व है?
हनुमानगढ़ी अयोध्या में स्थित 10वीं शताब्दी का हनुमान जी को समर्पित प्राचीन मंदिर है, जहाँ 76 सीढ़ियाँ चढ़कर पहुँचा जाता है। यह उत्तर भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय हनुमान मंदिर परिसरों में से एक है और अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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