हौज खास में दूषित पानी सप्लाई पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, जल बोर्ड और सरकार को नोटिस, 9 जुलाई को सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण दिल्ली के हौज खास इलाके में कथित तौर पर सीवर मिश्रित दूषित पानी की सप्लाई के मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मामले पर नाराज़गी जताते हुए जल बोर्ड से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है, और अगली सुनवाई 9 जुलाई को निर्धारित की है।
मुख्य घटनाक्रम
सुनवाई के दौरान दिल्ली जल बोर्ड ने अदालत को भरोसा दिलाया कि पानी की गुणवत्ता की जाँच की जा रही है। बोर्ड की ओर से बताया गया कि नमूने प्रयोगशाला में भेजे जा चुके हैं और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि, अदालत ने केवल आश्वासन से संतुष्ट न होते हुए लिखित जवाब तलब किया।
याचिकाकर्ता का आरोप
यह याचिका हौज खास निवासी अभिएसुमत गुप्ता ने दायर की है। याचिकाकर्ता के अनुसार 30 मई से उनके घर और आसपास के कई मकानों में बदबूदार तथा दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। आरोप है कि हौज खास के एक्स और वाई ब्लॉक क्षेत्र में जलापूर्ति लाइन में कथित तौर पर सीवर का पानी मिल रहा है, जिससे क्षेत्रीय निवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
स्वास्थ्य पर असर
याचिका में कहा गया है कि दूषित पानी के सेवन और इस्तेमाल से प्रभावित परिवारों के सदस्यों तथा आसपास के निवासियों को पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, और संबंधित अधिकारियों से संपर्क की कोशिशें भी बेअसर रहीं।
आम जनता पर असर
याचिका के अनुसार स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि प्रभावित परिवारों को पीने, खाना बनाने तथा रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए पैकेज्ड पानी खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। गौरतलब है कि दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों में दूषित जलापूर्ति की शिकायतें कई पॉश और मध्यमवर्गीय कॉलोनियों से सामने आ चुकी हैं, जो जल वितरण ढाँचे की पुरानी कमज़ोरियों की ओर इशारा करती हैं।
क्या होगा आगे
अब सभी की नज़रें 9 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब दिल्ली जल बोर्ड को अपना विस्तृत जवाब और जाँच रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करनी होगी। आदेश के बाद यह देखना अहम होगा कि क्या जल बोर्ड प्रभावित ब्लॉकों में पाइपलाइन की त्वरित मरम्मत और वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था करता है।