हिमाचल प्रदेश में मानसून विदाई अक्टूबर तक टली, 26-29 सितंबर भारी बारिश का अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश से मानसून की विदाई इस बार सामान्य से अधिक देरी से होगी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, प्रदेश में एक सक्रिय मौसम प्रणाली के प्रभाव के चलते मानसून की वापसी अक्टूबर के पहले सप्ताह तक टल सकती है — जबकि सामान्यतः यह विदाई 25 सितंबर के आसपास हो जाती है।
मानसून विदाई में देरी की वजह
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि इस समय एक सक्रिय मौसम प्रणाली हिमाचल की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसके असर से 26 से 28 सितंबर के बीच पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियाँ देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम 29 सितंबर के बाद कमज़ोर पड़ेगा, और इसी के बाद मानसून की विदाई की स्थिति बन सकती है।
कटियार ने आगे स्पष्ट किया कि अगले चार से पाँच दिनों तक मानसून वापसी के कोई संकेत नहीं हैं। मौजूदा मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए विदाई अक्टूबर के पहले सप्ताह तक होने की संभावना है, हालाँकि इसकी सटीक तारीख आगामी मौसम पर निर्भर करेगी।
बारिश का आँकड़ा सामान्य से 13% कम
मानसून सीज़न के दौरान हिमाचल प्रदेश में सामान्यतः 723 मिलीमीटर बारिश होती है। किंतु इस बार अब तक केवल 628 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 13 प्रतिशत कम है। हालाँकि शिमला, मंडी और कुल्लू जैसे कुछ जिलों में बारिश सामान्य के करीब रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, 26 से 29 सितंबर के बीच होने वाली बारिश से प्रदेश के कुल बारिश के आँकड़ों में कुछ सुधार की उम्मीद है।
26-29 सितंबर: जिलेवार अलर्ट और पूर्वानुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 26 सितंबर को सिरमौर जिले के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 27 सितंबर को प्रदेश के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं और यह दिन सबसे अधिक बारिश वाला रह सकता है।
28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने सिरमौर के लिए 26, 27 और 28 सितंबर को अलर्ट जारी किया है, जबकि सोलन, शिमला, मंडी, किन्नौर और कुल्लू के लिए 27 सितंबर को अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 26 सितंबर की शाम से 29 सितंबर की सुबह तक बारिश जारी रहने की आशंका है। बारिश के साथ तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी।
आम जनता पर असर और सावधानियाँ
लगातार बारिश के कारण सिरमौर, शिमला, सोलन और मंडी जिलों में जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ सकता है। इसके साथ ही सड़कें फिसलन भरी होने, भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा भी बढ़ जाएगा। कृषि एवं बागवानी क्षेत्र को भी इस दौरान नुकसान की आशंका मौसम विभाग ने जताई है।
मौसम विभाग ने लोगों से 26 से 29 सितंबर के बीच विशेष सतर्कता बरतने का अनुरोध किया है। भूस्खलन-संवेदनशील क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने, जलस्रोतों के पास न जाने और बारिश के दौरान वाहन चलाते समय सावधानी रखने की सलाह दी गई है। राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की भी अपील की गई है।
30 सितंबर के बाद मौसम साफ होने की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, 29 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में क्रमशः कमी आने लगेगी। 30 सितंबर के बाद अधिकांश क्षेत्रों में आसमान साफ होने और धूप खिलने की संभावना है। इसी दौरान मानसून की विदाई की परिस्थितियाँ बन सकती हैं — हालाँकि अंतिम स्थिति तब की मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।