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शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों में केवल 9 महिला सीईओ और 25 एमडी: सरकारी आंकड़े

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शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों में केवल 9 महिला सीईओ और 25 एमडी: सरकारी आंकड़े

सारांश

भारत की शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों में केवल 9 महिला सीईओ और 25 महिला एमडी हैं — यह आंकड़ा लोकसभा में सरकार ने खुद पेश किया। 39 लाख निदेशकों में 11 लाख महिलाएं होने के बावजूद शीर्ष कार्यकारी पदों पर प्रतिनिधित्व न के बराबर है, और सरकार ने माना कि इस अंतर के कारणों का कोई अध्ययन नहीं हुआ।

मुख्य बातें

भारत की शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों में केवल 9 महिला सीईओ और 25 महिला प्रबंध निदेशक हैं — MCA21 डेटाबेस के अनुसार।
इन कंपनियों में कुल 860 महिला निदेशक और बोर्ड सदस्य हैं, जिनमें 22 महिला सीएफओ भी शामिल हैं।
देशभर में 39 लाख निदेशकों में से लगभग 11 लाख महिलाएं सक्रिय कंपनियों में निदेशक हैं।
2021-22 से 2025-26 के बीच महिला निदेशक नियुक्ति न करने वाली कंपनियों पर 50 न्यायनिर्णय आदेश और ₹71.01 लाख जुर्माना लगाया गया।
सरकार ने स्वीकार किया कि महिला नेतृत्व की राह में बाधाओं का कोई विशिष्ट अध्ययन नहीं किया गया और कोई नई विविधता नीति विचाराधीन नहीं है।

भारत की शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों में महिला नेतृत्व की स्थिति चिंताजनक रूप से सीमित है — कारोबार के आधार पर चुनी गई इन कंपनियों में मात्र 9 महिला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और 25 महिला प्रबंध निदेशक (एमडी) कार्यरत हैं। यह जानकारी 12 अगस्त 2026 को लोकसभा में कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा द्वारा एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सामने आई, जो MCA21 डेटाबेस के आंकड़ों पर आधारित है।

शीर्ष पदों पर महिलाओं की स्थिति

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों में कुल मिलाकर 860 महिला निदेशक और बोर्ड सदस्य हैं। इनमें 738 निदेशक, 67 पूर्णकालिक निदेशक, 25 प्रबंध निदेशक, 18 अतिरिक्त निदेशक और 12 मनोनीत निदेशक शामिल हैं। इसके अलावा, 22 महिला मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) की भी जानकारी इन कंपनियों ने दी है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कॉर्पोरेट विविधता को लेकर दबाव बढ़ रहा है और भारत में भी बोर्ड स्तर पर लैंगिक समानता की चर्चा तेज़ हो रही है।

व्यापक कॉर्पोरेट तस्वीर

शीर्ष पदों पर प्रतिनिधित्व भले ही सीमित हो, लेकिन व्यापक कॉर्पोरेट परिदृश्य में महिलाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत बेहतर है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के अनुसार, देशभर में 39 लाख कुल निदेशकों में से लगभग 11 लाख महिलाएं वर्तमान में सक्रिय कंपनियों में निदेशक के रूप में जुड़ी हुई हैं।

गौरतलब है कि भारत में इस समय लगभग 21.4 लाख सक्रिय कंपनियाँ और 5.06 लाख से अधिक सक्रिय सीमित देयता भागीदारी (LLP) पंजीकृत हैं। पिछले एक दशक में लगभग 15.5 लाख नई कंपनियाँ पंजीकृत हुई हैं।

नीतिगत रुख और सरकार की प्रतिक्रिया

मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अपने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि मंत्रालय ने उन बाधाओं का कोई विशिष्ट अध्ययन नहीं किया है जो महिला निदेशकों को वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाओं में आगे बढ़ने से रोकती हैं। साथ ही, उन्होंने संकेत दिया कि वर्तमान में कोई नए नीतिगत उपाय, प्रोत्साहन या विविधता लक्ष्य विचाराधीन नहीं हैं।

मंत्री ने यह भी बताया कि कंपनी अधिनियम, 2013 में 'चेयरपर्सन' या 'चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर' जैसे पदों को परिभाषित नहीं किया गया है, इसलिए मंत्रालय इन पदों से संबंधित आंकड़े नहीं रखता।

अनुपालन उल्लंघन और जुर्माना

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने यह भी खुलासा किया कि जो कंपनियाँ महिला निदेशक की अनिवार्य नियुक्ति के नियम का पालन करने में विफल रहीं, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। 2021-22 से 2025-26 के बीच कंपनी रजिस्ट्रारों ने ऐसे उल्लंघनों के लिए 50 न्यायनिर्णय आदेश पारित किए और कुल ₹71.01 लाख का जुर्माना लगाया।

न्यायनिर्णय आदेशों की संख्या 2021-22 में मात्र 2 से बढ़कर 2023-24 में 19 के शिखर पर पहुँची, जिसके बाद 2024-25 में 11 और 2025-26 में 8 रह गई।

आगे की राह

आलोचकों का कहना है कि महज़ बोर्ड में एक महिला निदेशक की अनिवार्यता पर्याप्त नहीं है — असली बदलाव तब आएगा जब सीईओ और एमडी जैसे निर्णायक पदों पर महिलाओं की संख्या बढ़ेगी। जब तक सरकार इस अंतर के कारणों का अध्ययन नहीं करती और लक्षित नीतियाँ नहीं बनाती, शीर्ष नेतृत्व में लैंगिक विविधता की यह खाई बनी रहने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि संरचनात्मक बदलाव। जब तक सीईओ और एमडी स्तर पर लक्षित नीतियाँ और जवाबदेही तंत्र नहीं बनते, ये आंकड़े हर साल उसी तरह संसद में पढ़े जाते रहेंगे।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों में कितनी महिला सीईओ हैं?
MCA21 डेटाबेस के अनुसार, कारोबार के आधार पर चुनी गई शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों में केवल 9 महिला सीईओ और 25 महिला प्रबंध निदेशक हैं। यह जानकारी 12 अगस्त 2026 को लोकसभा में कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने दी।
भारत में कुल कितनी महिला निदेशक हैं?
देशभर में 39 लाख कुल निदेशकों में से लगभग 11 लाख महिलाएं वर्तमान में सक्रिय कंपनियों में निदेशक के रूप में जुड़ी हैं। शीर्ष 500 कंपनियों में 860 महिला निदेशक और बोर्ड सदस्य हैं।
महिला निदेशक न नियुक्त करने वाली कंपनियों पर क्या कार्रवाई हुई?
2021-22 से 2025-26 के बीच कंपनी रजिस्ट्रारों ने 50 न्यायनिर्णय आदेश पारित किए और कुल ₹71.01 लाख का जुर्माना लगाया। उल्लंघन के मामले 2023-24 में 19 के शिखर पर पहुँचे, जो 2025-26 में घटकर 8 रह गए।
क्या सरकार महिला नेतृत्व बढ़ाने के लिए कोई नई नीति लाने वाली है?
नहीं। मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कोई नए नीतिगत उपाय, प्रोत्साहन या विविधता लक्ष्य विचाराधीन नहीं हैं। सरकार ने यह भी माना कि महिला निदेशकों की उन्नति में बाधाओं का कोई विशिष्ट अध्ययन नहीं किया गया है।
कंपनी अधिनियम 2013 में महिला निदेशक के बारे में क्या प्रावधान है?
कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत कुछ श्रेणी की कंपनियों के लिए कम से कम एक महिला निदेशक की नियुक्ति अनिवार्य है। हालाँकि, इसी अधिनियम में 'चेयरपर्सन' या 'चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर' जैसे पदों की परिभाषा नहीं है, इसलिए इन पदों पर महिलाओं का डेटा मंत्रालय के पास उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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