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जीएमएडीए घोटाले में ईडी की छापेमारी: दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना में तलाशी

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जीएमएडीए घोटाले में ईडी की छापेमारी: दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना में तलाशी

सारांश

ईडी ने जीएमएडीए घोटाले में मंगलवार को दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली और लुधियाना में एक साथ छापे मारे — नीलामी प्रक्रियाओं और ईडीसी छूट में कथित गड़बड़ी की जाँच हो रही है। भाजपा ने AAP पर हमला बोला; 2027 चुनावों से पहले मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जीएमएडीए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली और लुधियाना में एक साथ छापेमारी की।
तलाशी जीएमएडीए कार्यालय और प्रधान सचिव विकास गर्ग के कार्यालय में भी हुई; दस्तावेज़ और साक्ष्य ज़ब्त।
जाँच का केंद्र नीलामी प्रक्रियाओं तथा बिल्डरों को ईडीसी और ब्याज शुल्क में कथित अनियमित छूट है।
पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने AAP सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, कहा खुद AAP सांसद ने गड़बड़ी स्वीकारी।
खनन राजस्व के दावे ( ₹20,000 करोड़ ) बनाम वास्तविक प्राप्ति ( ₹600 करोड़ ) पर भी सवाल उठाए गए।
AAP सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं; 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमएडीए) से जुड़े कथित घोटालों और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच के तहत दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली और लुधियाना में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस छापेमारी के दौरान मामले से संबंधित अहम दस्तावेज़ और अन्य साक्ष्य ज़ब्त किए गए। एजेंसी वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध धन-लेनदेन की जाँच कर रही है।

तलाशी का दायरा और निशाने पर कौन

ईडी ने मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि तलाशी अभियान जीएमएडीए कार्यालय और आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव विकास गर्ग के कार्यालय में भी चलाया गया। एजेंसी के अनुसार, जाँच का केंद्र जीएमएडीए की नीलामी प्रक्रियाओं तथा बिल्डरों और डेवलपर्स पर देय बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) और ब्याज शुल्क में कथित अनियमित छूट से जुड़े साक्ष्य एकत्र करना था।

गौरतलब है कि जीएमएडीए पंजाब सरकार के अधीन एक प्रमुख शहरी नियोजन संस्था है, जो मोहाली और आसपास के क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण, नीलामी और बुनियादी ढाँचे के विकास का काम देखती है। किसी सरकारी विकास प्राधिकरण में कथित मनी लॉन्ड्रिंग की ईडी जाँच असाधारण प्रशासनिक महत्व की है।

भाजपा का आप सरकार पर हमला

इससे पहले, पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने राज्य में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जीएमएडीए में व्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा स्वयं AAP के एक सांसद ने किया है।

ढिल्लों ने पिछले महीने एक बयान में कहा था, 'आप सांसद का यह मानना कि जीएमएडीए में रिश्वतखोरी और नौकरशाही द्वारा सिस्टम का दुरुपयोग हो रहा है, इस बात का साफ सबूत है कि मान सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है।' उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार केवल जीएमएडीए तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे पंजाब में फैला हुआ है।

खनन राजस्व और वित्तीय सवाल

ढिल्लों ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि खनन से राज्य के खजाने में ₹20,000 करोड़ आएंगे, लेकिन वास्तविक राजस्व केवल ₹600 करोड़ तक सीमित रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि शेष ₹19,400 करोड़ का हिसाब क्या है।

यह ऐसे समय में आया है जब AAP पहले से ही दिल्ली शराब नीति मामले से संबंधित विभिन्न जाँचों का सामना कर रही है, और पंजाब में उसकी सरकार 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी दबाव में है।

आम जनता और व्यापारियों पर असर

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस कथित भ्रष्टाचार और 'लूट' ने राज्य के आम नागरिकों, व्यापारियों और गरीबों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर चोट की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य की तहसीलों में बिना रिश्वत के कोई सरकारी काम नहीं होता।

ढिल्लों ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली AAP सरकार को यह बताना चाहिए कि जब उसका अपना सांसद सरकारी संस्थानों को लूट का अड्डा बताता है, तो वह किस नैतिक आधार पर शासन कर रही है।

आगे क्या होगा

ईडी की यह कार्रवाई जीएमएडीए घोटाले की जाँच में एक नया मोड़ है। एजेंसी द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे गिरफ्तारियाँ या संपत्ति जब्ती की कार्रवाई हो सकती है। पंजाब सरकार या AAP की ओर से ईडी की कार्रवाई पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले यह मामला राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील बनता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि ईडी जाँच अपने आप में दोषसिद्धि नहीं है। असली परीक्षा यह होगी कि नीलामी प्रक्रियाओं और ईडीसी छूट में कथित गड़बड़ी के सबूत कहाँ तक ले जाते हैं — और क्या जवाबदेही केवल अफसरशाही तक सीमित रहती है या राजनीतिक नेतृत्व तक पहुँचती है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएमएडीए घोटाले में ईडी की छापेमारी किस बात की जाँच के लिए हुई?
ईडी ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमएडीए) की नीलामी प्रक्रियाओं तथा बिल्डरों और डेवलपर्स को बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) व ब्याज में कथित अनियमित छूट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच के तहत यह कार्रवाई की। तलाशी में अहम दस्तावेज़ और साक्ष्य जुटाए गए हैं।
ईडी ने किन-किन स्थानों पर छापेमारी की?
ईडी ने दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली और लुधियाना में एक साथ कई ठिकानों पर तलाशी ली। इनमें जीएमएडीए कार्यालय और आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव विकास गर्ग का कार्यालय भी शामिल था।
भाजपा ने AAP सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि जीएमएडीए में भ्रष्टाचार खुद AAP के एक सांसद ने स्वीकार किया है, जो सरकार की विफलता का प्रमाण है। उन्होंने खनन राजस्व में ₹19,400 करोड़ की कमी और राज्यभर में व्याप्त रिश्वतखोरी का भी हवाला दिया।
जीएमएडीए क्या है और इसका पंजाब से क्या संबंध है?
जीएमएडीए यानी ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी पंजाब सरकार के अधीन एक शहरी नियोजन संस्था है, जो मोहाली और आसपास के क्षेत्र में भूमि नीलामी, अधिग्रहण और बुनियादी ढाँचे के विकास की देखरेख करती है। इस प्राधिकरण पर बिल्डरों को अनुचित लाभ देने के आरोप हैं।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
ईडी द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर संपत्ति जब्ती या गिरफ्तारी की कार्रवाई हो सकती है। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले यह मामला राजनीतिक रूप से और संवेदनशील बनने की आशंका है; AAP सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
राष्ट्र प्रेस
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