जीएमएडीए घोटाले में ईडी की छापेमारी: दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना में तलाशी
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमएडीए) से जुड़े कथित घोटालों और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच के तहत दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली और लुधियाना में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस छापेमारी के दौरान मामले से संबंधित अहम दस्तावेज़ और अन्य साक्ष्य ज़ब्त किए गए। एजेंसी वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध धन-लेनदेन की जाँच कर रही है।
तलाशी का दायरा और निशाने पर कौन
ईडी ने मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि तलाशी अभियान जीएमएडीए कार्यालय और आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव विकास गर्ग के कार्यालय में भी चलाया गया। एजेंसी के अनुसार, जाँच का केंद्र जीएमएडीए की नीलामी प्रक्रियाओं तथा बिल्डरों और डेवलपर्स पर देय बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) और ब्याज शुल्क में कथित अनियमित छूट से जुड़े साक्ष्य एकत्र करना था।
गौरतलब है कि जीएमएडीए पंजाब सरकार के अधीन एक प्रमुख शहरी नियोजन संस्था है, जो मोहाली और आसपास के क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण, नीलामी और बुनियादी ढाँचे के विकास का काम देखती है। किसी सरकारी विकास प्राधिकरण में कथित मनी लॉन्ड्रिंग की ईडी जाँच असाधारण प्रशासनिक महत्व की है।
भाजपा का आप सरकार पर हमला
इससे पहले, पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने राज्य में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जीएमएडीए में व्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा स्वयं AAP के एक सांसद ने किया है।
ढिल्लों ने पिछले महीने एक बयान में कहा था, 'आप सांसद का यह मानना कि जीएमएडीए में रिश्वतखोरी और नौकरशाही द्वारा सिस्टम का दुरुपयोग हो रहा है, इस बात का साफ सबूत है कि मान सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है।' उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार केवल जीएमएडीए तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे पंजाब में फैला हुआ है।
खनन राजस्व और वित्तीय सवाल
ढिल्लों ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि खनन से राज्य के खजाने में ₹20,000 करोड़ आएंगे, लेकिन वास्तविक राजस्व केवल ₹600 करोड़ तक सीमित रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि शेष ₹19,400 करोड़ का हिसाब क्या है।
यह ऐसे समय में आया है जब AAP पहले से ही दिल्ली शराब नीति मामले से संबंधित विभिन्न जाँचों का सामना कर रही है, और पंजाब में उसकी सरकार 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी दबाव में है।
आम जनता और व्यापारियों पर असर
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस कथित भ्रष्टाचार और 'लूट' ने राज्य के आम नागरिकों, व्यापारियों और गरीबों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर चोट की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य की तहसीलों में बिना रिश्वत के कोई सरकारी काम नहीं होता।
ढिल्लों ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली AAP सरकार को यह बताना चाहिए कि जब उसका अपना सांसद सरकारी संस्थानों को लूट का अड्डा बताता है, तो वह किस नैतिक आधार पर शासन कर रही है।
आगे क्या होगा
ईडी की यह कार्रवाई जीएमएडीए घोटाले की जाँच में एक नया मोड़ है। एजेंसी द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे गिरफ्तारियाँ या संपत्ति जब्ती की कार्रवाई हो सकती है। पंजाब सरकार या AAP की ओर से ईडी की कार्रवाई पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले यह मामला राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील बनता जा रहा है।