चेन्नई में CM विजय जैसी विनायक मूर्ति पर विवाद, भाजपा ने मांगी गिरफ्तारी
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई के कोरुक्कुपेट इलाके में विनायक चतुर्थी के अवसर पर स्थापित एक गणेश प्रतिमा को लेकर तमिलनाडु में सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) का आरोप है कि इस मूर्ति की आकृति मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से मिलती-जुलती है, जिससे करोड़ों भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। पार्टी ने प्रतिमा को तत्काल हटाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।
मुख्य घटनाक्रम
तमिलनाडु BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को एक औपचारिक बयान जारी कर इस मामले पर अपनी पार्टी की आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना है कि विनायक चतुर्थी महोत्सव के लिए तैयार कराई गई इस प्रतिमा में देवता को मुख्यमंत्री जैसे चेहरे-मोहरे के साथ चित्रित किया गया है।
नागेंद्रन ने आरोप लगाया कि एक पवित्र धार्मिक पर्व का इस्तेमाल किसी राजनीतिक व्यक्तित्व का प्रचार करने और राजनीतिक संदेश फैलाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान विनायक देशभर में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं और उनकी दिव्य छवि को किसी नेता के महिमामंडन के लिए परिवर्तित नहीं किया जाना चाहिए।
भाजपा की मांगें
नागेंद्रन ने राज्य पुलिस और सरकार से इस प्रतिमा को डिज़ाइन, स्थापित और प्रदर्शित करने के लिए जिम्मेदार सभी व्यक्तियों की पहचान करने तथा उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने प्रतिमा को बिना किसी विलंब के हटाने की भी माँग की, ताकि भक्तों की भावनाओं को और ठेस न पहुँचे।
BJP नेता ने यह भी चेतावनी दी कि ऐसी प्रदर्शनी को सहन करने से एक अस्वस्थ मिसाल कायम होगी और धार्मिक अनुष्ठानों की पवित्रता कमज़ोर पड़ेगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे संबंधित लोगों की राजनीतिक संबद्धता को नज़रअंदाज़ कर निष्पक्ष कार्रवाई करें।
CM विजय पर निशाना
नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की इस बात के लिए आलोचना की कि मामला सामने आने के तुरंत बाद भी उन्होंने इसकी सार्वजनिक निंदा नहीं की। उनके अनुसार, सरकार की यह जिम्मेदारी है कि धार्मिक पर्व स्थापित परंपराओं के अनुरूप और उपासकों की आस्था का सम्मान करते हुए मनाए जाएं।
गौरतलब है कि अभी तक न तो मुख्यमंत्री कार्यालय और न ही सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने नागेंद्रन के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में सार्वजनिक त्योहारों के दौरान राजनीतिक छवियों के उपयोग को लेकर बहस तेज होती रही है। राज्य में विनायक चतुर्थी के अवसर पर स्थानीय समूहों द्वारा बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं और विसर्जन से पूर्व भव्य जुलूस निकाले जाते हैं। इस विवाद ने BJP और सत्तारूढ़ TVK के बीच राजनीतिक टकराव की नई जमीन तैयार कर दी है।
आने वाले दिनों में सरकार और TVK की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह विवाद महज एक स्थानीय घटना तक सीमित रहेगा या राज्यव्यापी राजनीतिक बहस का रूप लेगा।