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कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन के बाद दो नवमाताओं को किडनी जटिलताएँ, दोनों ICU में

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कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन के बाद दो नवमाताओं को किडनी जटिलताएँ, दोनों ICU में

सारांश

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पाँच महीने पहले 12 नवमाताओं में किडनी विफलता और पाँच मौतों के बाद अब फिर दो महिलाएँ सिजेरियन के बाद ICU में हैं। जाँच अधूरी, कारण अस्पष्ट — और अस्पताल प्रशासन का कोई बयान नहीं।

मुख्य बातें

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद रेशमा और अनीता — दो नवमाताओं को किडनी संबंधी गंभीर जटिलताएँ हुईं।
रेशमा को एक निजी अस्पताल के ICU में स्थानांतरित किया गया; अनीता सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के ICU में भर्ती हैं।
करीब पाँच महीने पहले उसी अस्पताल में सिजेरियन के बाद 12 नवमाताओं में किडनी विफलता हुई थी, जिसमें पाँच की मौत हो गई थी।
ताज़ा मामलों का सटीक चिकित्सीय कारण अभी तक स्थापित नहीं; आगे की जाँच लंबित है।
अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान अब तक नहीं आया है।

राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद दो नवमाताओं — रेशमा और अनीता — में किडनी संबंधी गंभीर जटिलताएँ सामने आई हैं, जिसके बाद दोनों को गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती कराया गया है। 16 अक्टूबर 2026 को सामने आई यह खबर उसी अस्पताल में करीब पाँच महीने पहले हुई एक चिंताजनक घटना की याद दिलाती है।

ताज़ा मामलों का ब्यौरा

रिपोर्टों के अनुसार, रेशमा का बुधवार को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत तेज़ी से बिगड़ी, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित करा दिया। फिलहाल वे वहाँ ICU में भर्ती हैं और उनकी मौजूदा स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।

दूसरी मरीज अनीता को सिजेरियन डिलीवरी के बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ शुरू हुईं और उन्हें अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के ICU में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाओं को प्रसव के बाद किडनी संबंधी समस्याएँ हुई हैं, हालाँकि स्थिति का सटीक चिकित्सीय कारण अभी जाँच के दायरे में है।

पाँच महीने पहले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि इसी अस्पताल में करीब पाँच महीने पहले एक बेहद चिंताजनक घटना सामने आई थी। उस दौरान कथित तौर पर सिजेरियन डिलीवरी के बाद 12 नवमाताओं में किडनी विफलता के मामले दर्ज हुए थे, जिसमें पाँच महिलाओं की मृत्यु हो गई थी। उस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और राजस्थान सरकार दोनों की आलोचना हुई थी।

यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी अस्पतालों में प्रसूति देखभाल की गुणवत्ता और प्रसवोत्तर निगरानी को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। किडनी जटिलताओं की इस पुनरावृत्ति ने अस्पताल के उपचार प्रोटोकॉल, ऑपरेशन थिएटर की स्वच्छता और पोस्ट-ऑपरेटिव मॉनिटरिंग पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं।

अस्पताल प्रशासन और जाँच की स्थिति

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सिजेरियन के बाद किडनी विफलता के कारण कई हो सकते हैं — जैसे अत्यधिक रक्तस्राव, संक्रमण, नेफ्रोटॉक्सिक दवाएँ या पहले से मौजूद स्वास्थ्य स्थितियाँ। हालाँकि, दोनों ताज़ा मामलों में अभी तक कोई आधिकारिक चिकित्सीय जाँच रिपोर्ट सामने नहीं आई है और आगे के परीक्षण लंबित हैं।

अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा जाँच और मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

आम जनता और परिजनों पर असर

इस घटना ने कोटा और आसपास के ज़िलों की गर्भवती महिलाओं के परिजनों में चिंता की लहर पैदा कर दी है। जो परिवार सरकारी अस्पताल में प्रसव के लिए भरोसा करते हैं, उनके मन में अब न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

आलोचकों का कहना है कि पाँच महीने में एक ही अस्पताल में इसी तरह की जटिलताओं का दोबारा सामने आना दर्शाता है कि पिछली घटना के बाद सुधारात्मक कदम पर्याप्त नहीं उठाए गए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ माँग कर रहे हैं कि राजस्थान सरकार तत्काल एक स्वतंत्र चिकित्सा जाँच समिति गठित करे।

क्या होगा आगे

दोनों मरीजों — रेशमा और अनीता — की स्थिति की निगरानी जारी है। जाँच के नतीजे आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि ये जटिलताएँ अस्पताल की प्रणालीगत कमियों से जुड़ी हैं या कोई अन्य चिकित्सीय कारण है। राजस्थान स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया और किसी संभावित जाँच के आदेश पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पोस्ट-ऑपरेटिव निगरानी सुदृढ़ हुई, या बस जाँच फाइलों में दब गई। राजस्थान सरकार की चुप्पी और अस्पताल प्रशासन का कोई बयान न आना खुद एक जवाब है। जब तक स्वतंत्र जाँच और पारदर्शी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, कोटा का यह अस्पताल उन गर्भवती महिलाओं के लिए अनिश्चितता का केंद्र बना रहेगा जिनके पास सरकारी स्वास्थ्य सेवा के अलावा कोई विकल्प नहीं।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ताज़ा किडनी जटिलताओं का मामला क्या है?
कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद दो नवमाताओं — रेशमा और अनीता — को किडनी संबंधी गंभीर जटिलताएँ हुई हैं और दोनों को ICU में भर्ती कराया गया है। यह घटना 16 अक्टूबर 2026 को सामने आई और जाँच अभी जारी है।
पाँच महीने पहले इसी अस्पताल में क्या हुआ था?
रिपोर्टों के अनुसार, करीब पाँच महीने पहले न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद कथित तौर पर 12 नवमाताओं में किडनी विफलता हुई थी, जिसमें पाँच महिलाओं की मृत्यु हो गई थी। उस घटना ने अस्पताल के उपचार प्रोटोकॉल को लेकर व्यापक चिंता पैदा की थी।
सिजेरियन के बाद किडनी विफलता के क्या कारण हो सकते हैं?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार सिजेरियन के बाद किडनी जटिलताओं के संभावित कारणों में अत्यधिक रक्तस्राव, संक्रमण, नेफ्रोटॉक्सिक दवाएँ या पहले से मौजूद स्वास्थ्य स्थितियाँ शामिल हो सकती हैं। हालाँकि ताज़ा मामलों में सटीक कारण अभी चिकित्सीय जाँच से स्थापित होना बाकी है।
रेशमा और अनीता की अभी क्या स्थिति है?
रेशमा को एक निजी अस्पताल के ICU में स्थानांतरित किया गया है और उनकी स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अनीता न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के ICU में भर्ती हैं। दोनों की निगरानी जारी है।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई अपेक्षित है?
अभी तक अस्पताल प्रशासन या राजस्थान स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। चिकित्सा विशेषज्ञ और आलोचक एक स्वतंत्र जाँच समिति गठित करने की माँग कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछली घटना के बाद क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए थे।
राष्ट्र प्रेस
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