कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन के बाद दो नवमाताओं को किडनी जटिलताएँ, दोनों ICU में
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद दो नवमाताओं — रेशमा और अनीता — में किडनी संबंधी गंभीर जटिलताएँ सामने आई हैं, जिसके बाद दोनों को गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती कराया गया है। 16 अक्टूबर 2026 को सामने आई यह खबर उसी अस्पताल में करीब पाँच महीने पहले हुई एक चिंताजनक घटना की याद दिलाती है।
ताज़ा मामलों का ब्यौरा
रिपोर्टों के अनुसार, रेशमा का बुधवार को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत तेज़ी से बिगड़ी, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित करा दिया। फिलहाल वे वहाँ ICU में भर्ती हैं और उनकी मौजूदा स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
दूसरी मरीज अनीता को सिजेरियन डिलीवरी के बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ शुरू हुईं और उन्हें अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के ICU में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाओं को प्रसव के बाद किडनी संबंधी समस्याएँ हुई हैं, हालाँकि स्थिति का सटीक चिकित्सीय कारण अभी जाँच के दायरे में है।
पाँच महीने पहले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि इसी अस्पताल में करीब पाँच महीने पहले एक बेहद चिंताजनक घटना सामने आई थी। उस दौरान कथित तौर पर सिजेरियन डिलीवरी के बाद 12 नवमाताओं में किडनी विफलता के मामले दर्ज हुए थे, जिसमें पाँच महिलाओं की मृत्यु हो गई थी। उस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और राजस्थान सरकार दोनों की आलोचना हुई थी।
यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी अस्पतालों में प्रसूति देखभाल की गुणवत्ता और प्रसवोत्तर निगरानी को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। किडनी जटिलताओं की इस पुनरावृत्ति ने अस्पताल के उपचार प्रोटोकॉल, ऑपरेशन थिएटर की स्वच्छता और पोस्ट-ऑपरेटिव मॉनिटरिंग पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल प्रशासन और जाँच की स्थिति
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सिजेरियन के बाद किडनी विफलता के कारण कई हो सकते हैं — जैसे अत्यधिक रक्तस्राव, संक्रमण, नेफ्रोटॉक्सिक दवाएँ या पहले से मौजूद स्वास्थ्य स्थितियाँ। हालाँकि, दोनों ताज़ा मामलों में अभी तक कोई आधिकारिक चिकित्सीय जाँच रिपोर्ट सामने नहीं आई है और आगे के परीक्षण लंबित हैं।
अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा जाँच और मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आम जनता और परिजनों पर असर
इस घटना ने कोटा और आसपास के ज़िलों की गर्भवती महिलाओं के परिजनों में चिंता की लहर पैदा कर दी है। जो परिवार सरकारी अस्पताल में प्रसव के लिए भरोसा करते हैं, उनके मन में अब न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आलोचकों का कहना है कि पाँच महीने में एक ही अस्पताल में इसी तरह की जटिलताओं का दोबारा सामने आना दर्शाता है कि पिछली घटना के बाद सुधारात्मक कदम पर्याप्त नहीं उठाए गए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ माँग कर रहे हैं कि राजस्थान सरकार तत्काल एक स्वतंत्र चिकित्सा जाँच समिति गठित करे।
क्या होगा आगे
दोनों मरीजों — रेशमा और अनीता — की स्थिति की निगरानी जारी है। जाँच के नतीजे आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि ये जटिलताएँ अस्पताल की प्रणालीगत कमियों से जुड़ी हैं या कोई अन्य चिकित्सीय कारण है। राजस्थान स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया और किसी संभावित जाँच के आदेश पर सभी की नज़रें टिकी हैं।