भूख हड़ताल नहीं, संसद में चर्चा से निकले हल: जेडीयू सांसद दिलेश्वर कामैत
सारांश
मुख्य बातें
जेडीयू सांसद दिलेश्वर कामैत ने 20 जुलाई को स्पष्ट किया कि संसद के मानसून सत्र के दौरान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करना विरोध का उचित तरीका नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और संसदीय चर्चा ही समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी मार्ग है।
मुख्य बयान: भूख हड़ताल पर कामैत की राय
कामैत ने कहा कि हर दल और नागरिक को अपनी माँगें रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन संसद सत्र के बीच लंबे समय तक भूख हड़ताल पर बैठना इसका सही तरीका नहीं है। उन्होंने कहा, 'संसद एक ऐसा मंच है जहाँ सभी दलों को जनहित के मुद्दे उठाने का अवसर मिलता है — सरकार संबंधित मुद्दों से अवगत है और उन पर काम कर रही है।' इसलिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बजाय सदन के भीतर चर्चा के माध्यम से समाधान तलाशना चाहिए।
सर्वदलीय बैठक और विपक्ष से अपील
कामैत ने मानसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए हुई सर्वदलीय बैठक का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बैठक में विपक्षी दलों से आग्रह किया गया कि वे लोकसभा में जनता से जुड़े मुद्दे और अपनी चिंताएँ उठाएँ, परंतु सदन की कार्यवाही में बाधा न डालें। उनके अनुसार लोकतंत्र में चर्चा और संवाद के ज़रिए ही समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है।
राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान पर जेडीयू विधायक का बयान
बिहार के जेडीयू विधायक श्याम रजक ने राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' और राष्ट्रगान को देश की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और रवींद्रनाथ टैगोर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 'वंदे मातरम' ने जनमानस में देशभक्ति की भावना जगाई और अंग्रेज़ों के विरुद्ध संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रजक ने कहा कि इन राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है और इनके प्रति किसी भी प्रकार का अनादर देश की भावनाओं को ठेस पहुँचाता है।
राहुल गांधी पर निशाना और बाँकीपुर उपचुनाव
श्याम रजक ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह अक्सर सदन में अनुपस्थित रहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता की ज़िम्मेदारी संसद में सक्रिय भूमिका निभाने और जनता के मुद्दों को मज़बूती से उठाने की होती है। बाँकीपुर विधानसभा उपचुनाव के संदर्भ में रजक ने दावा किया कि यह सीट एनडीए की परंपरागत सीट रही है — पूर्व विधायक नितिन नवीन और उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी उपचुनाव में एनडीए प्रत्याशी को जनता का समर्थन मिलेगा और पार्टी बड़ी जीत दर्ज करेगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच संसदीय आचरण को लेकर तनाव बना हुआ है।