23 जुलाई 2026
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हैदराबाद-साइबराबाद में ड्रंक ड्राइविंग अभियान: वीकेंड पर 706 से अधिक गिरफ्तार

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हैदराबाद-साइबराबाद में ड्रंक ड्राइविंग अभियान: वीकेंड पर 706 से अधिक गिरफ्तार

सारांश

हैदराबाद और साइबराबाद पुलिस ने एक ही वीकेंड में 706 से अधिक ड्रंक ड्राइवरों को पकड़कर कड़ा संदेश दिया। कुछ चालकों का BAC स्तर 550 mg/100 ml तक था — कानूनी सीमा से कई गुना अधिक। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जानलेवा दुर्घटना पर BNS की धारा 105 लागू होगी।

मुख्य बातें

5 और 6 जून 2026 को हैदराबाद और साइबराबाद में विशेष ड्रंक ड्राइविंग अभियान चलाया गया।
हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने 422 और साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने 284 उल्लंघनकर्ताओं को पकड़ा — कुल 706 से अधिक ।
साइबराबाद में 28 चालकों का BAC स्तर 301–550 mg/100 ml तक था, जो अत्यंत खतरनाक श्रेणी है।
नशे में दुर्घटना करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 के तहत अधिकतम 10 वर्ष की जेल का प्रावधान।
1–6 जून के बीच न्यायालय में 164 मामले निपटे; 2 को जेल, 16 को जुर्माना और सामुदायिक सेवा, 146 पर केवल जुर्माना।

हैदराबाद और साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट ने 5 और 6 जून 2026 को वीकेंड के दौरान विशेष ड्रंक ड्राइविंग प्रवर्तन अभियान चलाया, जिसमें कुल 706 से अधिक वाहन चालक नशे की हालत में गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए। यह अभियान सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और शराब पीकर वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर लगाम लगाने के उद्देश्य से चलाया गया।

मुख्य घटनाक्रम

हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने दो दिवसीय विशेष अभियान में 422 उल्लंघनकर्ताओं को पकड़ा। इनमें 347 दोपहिया, 33 तिपहिया और 42 चौपहिया वाहन चालक शामिल थे। वहीं, साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस (CTP) ने अपने स्वतंत्र अभियान में 284 उल्लंघनकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिनमें 247 दोपहिया, 3 तिपहिया और 34 चौपहिया वाहन चालक थे।

ब्लड अल्कोहल स्तर का विश्लेषण

हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस के आँकड़ों के अनुसार, पकड़े गए उल्लंघनकर्ताओं को उनके ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन (BAC) स्तर के आधार पर वर्गीकृत किया गया। 91 चालकों का BAC स्तर 30–50 mg/100 ml के बीच था, जबकि 176 चालकों में यह 51–100 mg/100 ml पाया गया।

73 उल्लंघनकर्ताओं का BAC स्तर 101–150 mg/100 ml और 40 का 151–200 mg/100 ml था। गंभीर मामलों में 19 चालकों का BAC 201–250 mg/100 ml, 10 का 251–300 mg/100 ml और 13 का BAC स्तर 300 mg/100 ml से अधिक पाया गया।

साइबराबाद में 223 उल्लंघनकर्ताओं का BAC 36–200 mg/100 ml, 33 का 201–300 mg/100 ml और 28 का BAC स्तर 301–550 mg/100 ml तक था — जो अत्यंत उच्च और खतरनाक श्रेणी में आता है।

पुलिस की चेतावनी और कानूनी प्रावधान

ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) ने स्पष्ट किया कि ड्रंक ड्राइविंग पर जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी और यह विशेष अभियान आगे भी चलता रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों से ट्रैफिक पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील की।

साइबराबाद पुलिस ने चेताया कि यदि कोई नशे में गाड़ी चलाते हुए जानलेवा दुर्घटना का कारण बनता है, तो उस पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 (गलत इरादे से हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा, जिसमें अधिकतम 10 वर्ष की कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।

न्यायालय में निपटाए गए मामले

1 जून से 6 जून के बीच न्यायालय में ड्रंक ड्राइविंग के 164 मामले निपटाए गए। इनमें से 2 आरोपियों को जेल भेजा गया और जुर्माना लगाया गया। 16 लोगों पर जुर्माने के साथ-साथ सामुदायिक सेवा का आदेश दिया गया, जबकि शेष 146 पर केवल आर्थिक दंड लगाया गया। सभी नए पकड़े गए उल्लंघनकर्ताओं को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

आगे क्या होगा

पुलिस के अनुसार यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा और आने वाले वीकेंड पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि हैदराबाद में सड़क दुर्घटनाओं में शराब पीकर गाड़ी चलाना एक प्रमुख कारण रहा है, और यह अभियान उस खतरे को कम करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि व्यापक सामाजिक चुनौती है। चिंताजनक यह है कि दर्जनों चालकों का BAC स्तर 300 mg/100 ml से ऊपर था — यानी वे गंभीर रूप से नशे में थे, फिर भी सड़क पर थे। भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 का उल्लेख एक सकारात्मक कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये मामले अदालत में टिकते हैं और क्या सजा की दर पर्याप्त निवारक है — क्योंकि 164 में से केवल 2 को जेल मिलना यह संकेत देता है कि कानूनी परिणाम अभी भी नरम हैं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद-साइबराबाद ड्रंक ड्राइविंग अभियान में कितने लोग पकड़े गए?
5 और 6 जून 2026 को चलाए गए विशेष अभियान में हैदराबाद और साइबराबाद मिलाकर कुल 706 से अधिक वाहन चालक शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए। हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने 422 और साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने 284 उल्लंघनकर्ताओं को हिरासत में लिया।
ड्रंक ड्राइविंग पर हैदराबाद में क्या कानूनी कार्रवाई होती है?
साधारण उल्लंघन पर जुर्माना और कोर्ट में पेशी होती है। यदि नशे में गाड़ी चलाते हुए जानलेवा दुर्घटना हो, तो भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 के तहत मामला दर्ज होता है, जिसमें अधिकतम 10 वर्ष की कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।
ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन (BAC) की कानूनी सीमा क्या है?
भारत में वाहन चालकों के लिए BAC की कानूनी सीमा 30 mg/100 ml है। इस अभियान में पकड़े गए कई चालकों का BAC स्तर इससे कई गुना अधिक, कुछ मामलों में 550 mg/100 ml तक था।
क्या यह अभियान आगे भी जारी रहेगा?
हाँ, ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) ने स्पष्ट किया है कि ड्रंक ड्राइविंग पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। आने वाले वीकेंड पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
पिछले हफ्ते कोर्ट में ड्रंक ड्राइविंग के कितने मामले निपटाए गए?
1 जून से 6 जून 2026 के बीच न्यायालय में ड्रंक ड्राइविंग के 164 मामले निपटाए गए। इनमें 2 को जेल और जुर्माना, 16 को जुर्माना और सामुदायिक सेवा, तथा 146 पर केवल जुर्माना लगाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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