30 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात: IIFL समस्ता फाइनेंस कर्मचारी पर 32 जीवित लोगों के फर्जी डेथ सर्टिफिकेट से ₹12 लाख की धोखाधड़ी का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात: IIFL समस्ता फाइनेंस कर्मचारी पर 32 जीवित लोगों के फर्जी डेथ सर्टिफिकेट से ₹12 लाख की धोखाधड़ी का आरोप

सारांश

गुजरात के संतरामपुर में IIFL समस्ता फाइनेंस के एक असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर पर 32 जीवित लोन धारकों के फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र दाखिल कर ₹12 लाख से अधिक हड़पने का आरोप है। कंपनी की विजिलेंस टीम ने मामला उजागर किया और FIR दर्ज हुई; पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।

मुख्य बातें

आईआईएफएल समस्ता फाइनेंस लिमिटेड के संतरामपुर शाखा के असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर पंकज भाई दलपतभाई माल पर धोखाधड़ी का आरोप।
32 जीवित लोन धारकों के फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र जमा कर उनके ऋण खाते बंद किए गए।
कुल ₹12 लाख से अधिक की धोखाधड़ी का अनुमान; दावों की राशि कथित तौर पर हड़पी गई।
कंपनी की विजिलेंस टीम ने मामला उजागर किया; संतरामपुर पुलिस स्टेशन में 30 सितंबर को FIR दर्ज।
डीवाईएसपी जीएल चौधरी ने जल्द गिरफ्तारी और दस्तावेज जब्ती की पुष्टि की।

आईआईएफएल समस्ता फाइनेंस लिमिटेड के संतरामपुर शाखा के एक कर्मचारी पर 32 जीवित लोन धारकों के फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र जमा कर उनके ऋण बंद करने और ₹12 लाख से अधिक की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगा है। गुजरात के महिसागर जिले के संतरामपुर पुलिस स्टेशन में 30 सितंबर को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

आरोपी की पहचान पंकज भाई दलपतभाई माल के रूप में हुई है, जो आईआईएफएल समस्ता फाइनेंस लिमिटेड की संतरामपुर शाखा में असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। आरोप के अनुसार, उन्होंने 32 लोन धारकों के झूठे मृत्यु प्रमाण-पत्र वित्त कंपनी में दाखिल किए, जिससे उन सभी के ऋण खाते बंद हो गए और बीमा दावों की राशि कथित तौर पर हड़प ली गई।

जाँच में सामने आया है कि आरोपी ने ग्राहकों को यह कहकर विश्वास में लिया कि 'आपकी नई लोन मंजूर करवाऊंगा, तो पहला हफ्ता देना होगा।' इस प्रकार छल-कपट से ₹12 लाख से अधिक की राशि की धोखाधड़ी की गई।

कंपनी की विजिलेंस टीम ने उजागर किया मामला

आईआईएफएल समस्ता फाइनेंस की आंतरिक विजिलेंस टीम को जब इस अनियमितता की भनक लगी, तो उन्होंने तत्काल गोधरा एरिया मैनेजर को सूचित किया। इसके बाद कंपनी के क्लस्टर मैनेजर ने संतरामपुर पुलिस स्टेशन में औपचारिक एफआईआर दर्ज कराई।

गौरतलब है कि यह मामला तब सामने आया जब कंपनी की आंतरिक जाँच में फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि हुई। यह ऐसे समय में आया है जब वित्तीय संस्थाओं में आंतरिक धोखाधड़ी के मामलों पर नियामक निकायों की नज़र पहले से कड़ी है।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच की स्थिति

महिसागर जिले के डीवाईएसपी जीएल चौधरी ने बताया कि संतरामपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और मामले की जाँच संतरामपुर पुलिस इंस्पेक्टर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।

फिलहाल इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों की तलाशी जारी है। पुलिस के अनुसार, 32 लोन धारकों में से प्रत्येक के फर्जी कागजात की अलग-अलग जाँच की जा रही है।

आम जनता और लोन धारकों पर असर

इस मामले में जिन 32 व्यक्तियों के नाम पर फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाए गए, वे सभी जीवित हैं। उनके ऋण खाते बिना उनकी जानकारी के बंद कर दिए गए, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति और क्रेडिट रिकॉर्ड प्रभावित हो सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की धोखाधड़ी में पीड़ित ग्राहकों को अपना क्रेडिट इतिहास सुधरवाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।

क्या होगा आगे

पुलिस ने संकेत दिया है कि आरोपी पंकज माल की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और सभी संबंधित दस्तावेजों को जब्त किया जाएगा। यह भी जाँचा जाएगा कि क्या इस धोखाधड़ी में कोई और व्यक्ति अथवा कंपनी का कोई अन्य कर्मचारी शामिल था। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 32 जीवित व्यक्तियों के नाम पर मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाना एक सुनियोजित धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है जो महीनों तक पकड़ में नहीं आई। असली सवाल यह है कि कंपनी की ऑडिट प्रक्रिया में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, और क्या ऐसे मामले अन्य शाखाओं में भी हो सकते हैं — जो जाँच एजेंसियों को भी खँगालना चाहिए।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IIFL समस्ता फाइनेंस धोखाधड़ी मामला क्या है?
गुजरात के महिसागर जिले के संतरामपुर में IIFL समस्ता फाइनेंस लिमिटेड के असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर पंकज माल पर 32 जीवित लोन धारकों के फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र जमा कर उनके ऋण बंद करने और ₹12 लाख से अधिक हड़पने का आरोप है। 30 सितंबर को संतरामपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है।
इस मामले में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
कथित तौर पर 32 जीवित लोन धारक इस धोखाधड़ी से प्रभावित हुए हैं, जिनके नाम पर फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाए गए और उनके ऋण खाते बिना उनकी जानकारी के बंद कर दिए गए।
आरोपी पंकज माल ने धोखाधड़ी कैसे की?
आरोप के अनुसार, पंकज माल ने ग्राहकों को नई लोन दिलाने का झाँसा देकर पहला हफ्ता वसूला और साथ ही उनके फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र कंपनी में दाखिल कर दावों की राशि हड़प ली। कुल ₹12 लाख से अधिक की धोखाधड़ी का अनुमान है।
मामला कैसे उजागर हुआ और पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
IIFL समस्ता फाइनेंस की आंतरिक विजिलेंस टीम ने अनियमितताएँ पकड़ीं और गोधरा एरिया मैनेजर को सूचित किया। इसके बाद कंपनी के क्लस्टर मैनेजर ने संतरामपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई। डीवाईएसपी जीएल चौधरी ने बताया कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
पुलिस फिलहाल सभी संबंधित दस्तावेजों की तलाशी कर रही है और जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, यह जाँचा जा रहा है कि क्या इस धोखाधड़ी में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था, जिससे आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले