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सीबीएसई पोर्टल सुधार के लिए IIT मद्रास की विशेषज्ञ टीम तैनात, धर्मेंद्र प्रधान का निर्देश

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सीबीएसई पोर्टल सुधार के लिए IIT मद्रास की विशेषज्ञ टीम तैनात, धर्मेंद्र प्रधान का निर्देश

सारांश

CBSE के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में तकनीकी खामियों और 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं में धुंधलेपन की शिकायतों के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने IIT मद्रास की विशेषज्ञ टीम को CBSE की सहायता के लिए तैनात किया है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा यह मामला अब तकनीकी और प्रशासनिक जवाबदेही का सवाल बन गया है।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने IIT मद्रास की विशेषज्ञ टीम को CBSE के परिणामोत्तर सेवा पोर्टल की तकनीकी खामियाँ दूर करने के लिए तैनात किया।
टीम पोर्टल स्थिरता, सर्वर प्रदर्शन, लॉगिन प्रमाणीकरण और भुगतान गेटवे की जाँच व सुधार करेगी।
जॉन ब्रिटास ने CBSE 12वीं के मूल्यांकन में OSM प्रणाली, धुंधली उत्तर पुस्तिकाओं और स्टेप-मार्किंग की अनदेखी पर शिकायत पत्र लिखा।
भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में चरणवार अंक न मिलने की छात्रों की व्यापक शिकायतें सामने आई हैं।
शिक्षा मंत्री ने पारदर्शी और छात्र-हितैषी प्रणाली सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 24 मई 2025 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के प्रोफेसरों और तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के परिणामोत्तर सेवा पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए तैनात करने का निर्देश दिया। यह कदम देशभर के छात्रों और अभिभावकों द्वारा पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में आ रही गंभीर तकनीकी समस्याओं की शिकायतों के बाद उठाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

CBSE के परीक्षाोत्तर सेवा पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ियों की रिपोर्टें सामने आने के बाद शिक्षा मंत्रालय ने तत्काल कार्रवाई की। IIT मद्रास की विशेषज्ञ टीम पोर्टल की स्थिरता और सर्वर के प्रदर्शन की विशेष जाँच करेगी। इसके अलावा टीम लॉगिन प्रमाणीकरण, उपयोगकर्ता पहुँच प्रणाली और भुगतान गेटवे की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक उपाय भी करेगी।

टीम समग्र आईटी अवसंरचना की मज़बूती का आकलन करेगी और सिस्टम तथा तकनीकी कार्यप्रवाहों में लक्षित सुधार लागू करेगी, ताकि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया त्रुटिरहित हो सके।

सरकार की प्रतिक्रिया

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और CBSE को प्राथमिकता के आधार पर सभी आवश्यक सुधारात्मक उपाय करने चाहिए। उन्होंने एक पारदर्शी, कुशल और छात्र-हितैषी प्रणाली सुनिश्चित करने पर बल दिया। यह ऐसे समय में आया है जब बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन की विश्वसनीयता पर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।

विपक्ष की चिंताएँ

राज्यसभा सांसद एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) — के नेता डॉ. जॉन ब्रिटास ने शनिवार को शिक्षा मंत्री को एक पत्र लिखकर CBSE की 12वीं कक्षा की परीक्षा के मूल्यांकन में गंभीर अनियमितताओं की ओर ध्यान दिलाया। पत्र में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली, धुंधली स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं, स्टेप-मार्किंग में अनदेखी और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल की तकनीकी समस्याओं पर गहरी चिंता जताई गई।

पत्र के अनुसार, 21 मई को भेजे गए पिछले पत्र के बाद देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुई हैं। गौरतलब है कि यह दूसरा पत्र है, जो दर्शाता है कि पहली शिकायत के बाद भी समस्याएँ बनी रहीं।

आम जनता पर असर

कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि CBSE पोर्टल पर उपलब्ध उनकी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएँ धुंधली, अस्पष्ट और आंशिक रूप से अपठनीय हैं। इससे परीक्षार्थियों के लिए यह सत्यापित करना लगभग असंभव हो गया है कि उनका मूल्यांकन सही तरीके से हुआ या नहीं।

विशेष रूप से भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित जैसे विषयों में चरणवार अंक न दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। छात्रों का दावा है कि उन्होंने डेरिवेशन, गणनाएँ और मध्यवर्ती चरण स्पष्ट रूप से लिखे थे, फिर भी उन्हें उचित अंक नहीं दिए गए।

क्या होगा आगे

IIT मद्रास की टीम के हस्तक्षेप के बाद यह देखना अहम होगा कि पोर्टल की तकनीकी खामियाँ कितनी जल्दी दूर होती हैं और क्या पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो पाती है। लाखों छात्रों का भविष्य इस प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर निर्भर करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि CBSE का पोर्टल परीक्षा परिणामों के सबसे व्यस्त मौसम में इस स्तर की तकनीकी विफलता तक क्यों पहुँचा। धुंधली उत्तर पुस्तिकाएँ और OSM प्रणाली की खामियाँ महज़ सर्वर समस्या नहीं हैं — ये मूल्यांकन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती हैं। यह पहली बार नहीं है जब CBSE के डिजिटल बुनियादी ढाँचे ने उच्च-दबाव वाले मौसम में जवाब देने से इनकार किया हो; बिना दीर्घकालिक अवसंरचना निवेश के, यह तकनीकी 'अग्निशमन' हर साल दोहराया जाएगा।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IIT मद्रास की टीम CBSE पोर्टल में क्या करेगी?
IIT मद्रास की विशेषज्ञ टीम CBSE के परिणामोत्तर सेवा पोर्टल की स्थिरता, सर्वर प्रदर्शन, लॉगिन प्रमाणीकरण, उपयोगकर्ता पहुँच प्रणाली और भुगतान गेटवे की जाँच कर सुधारात्मक उपाय करेगी। टीम समग्र आईटी अवसंरचना की मज़बूती का भी आकलन करेगी।
CBSE पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में क्या समस्याएँ आ रही हैं?
छात्रों ने पोर्टल पर उपलब्ध स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं के धुंधले, अस्पष्ट और आंशिक रूप से अपठनीय होने की शिकायत की है। इसके अलावा लॉगिन और भुगतान गेटवे में भी तकनीकी रुकावटें रिपोर्ट हुई हैं, जिससे छात्र अपना मूल्यांकन सत्यापित नहीं कर पा रहे।
CBSE 12वीं के मूल्यांकन में क्या अनियमितताएँ सामने आई हैं?
भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित जैसे विषयों में छात्रों को चरणवार (स्टेप-मार्किंग) अंक न दिए जाने की शिकायतें आई हैं। छात्रों का कहना है कि उन्होंने डेरिवेशन और गणनाएँ स्पष्ट रूप से लिखी थीं, फिर भी उन्हें उचित अंक नहीं मिले।
डॉ. जॉन ब्रिटास ने शिक्षा मंत्री को पत्र क्यों लिखा?
CPI(M) सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास ने CBSE 12वीं के मूल्यांकन में OSM प्रणाली की खामियों, धुंधली उत्तर पुस्तिकाओं और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल की तकनीकी समस्याओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखा। यह 21 मई के बाद उनका दूसरा पत्र था, जो देशभर से आई छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर लिखा गया।
क्या CBSE पोर्टल की समस्याएँ पहले भी सामने आई हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा परिणामों के मौसम में CBSE के डिजिटल पोर्टल पर तकनीकी दबाव की यह पहली घटना नहीं है। इस बार IIT मद्रास की टीम को बुलाया गया है, जो दर्शाता है कि समस्या की गंभीरता को मंत्रालय ने स्वीकार किया है।
राष्ट्र प्रेस
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