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CBSE पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी, आतिशी ने धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी मांगी

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CBSE पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी, आतिशी ने धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी मांगी

सारांश

CBSE पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में देरी, लॉगिन व भुगतान की दिक्कतों के बीच AAP की आतिशी ने केंद्र पर लाखों छात्रों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग की। केवल चार बैंकों तक सीमित पेमेंट गेटवे और देरी से शुरू हुई प्रक्रिया विवाद के केंद्र में है।

मुख्य बातें

AAP नेता आतिशी ने 3 जून को CBSE पुनर्मूल्यांकन पोर्टल की खामियों पर केंद्र को घेरा।
आरोप — पोर्टल देरी से शुरू हुआ, लॉगिन और शुल्क भुगतान में छात्रों को भारी परेशानी।
भुगतान सुविधा केवल SBI , केनरा बैंक , बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक तक सीमित बताई गई।
आतिशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तत्काल बर्खास्तगी की मांग की।
CBSE और शिक्षा मंत्रालय की ओर से अभी औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में आ रही तकनीकी खामियों और भुगतान संबंधी अड़चनों को लेकर 3 जून को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने आरोप लगाया कि केंद्र और शिक्षा मंत्रालय की कथित लापरवाही का खामियाजा लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है।

पोर्टल पर क्या समस्याएँ सामने आईं

आतिशी के अनुसार, CBSE ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए पोर्टल को निर्धारित समय से देरी से शुरू किया। उन्होंने कहा कि देरी के बावजूद छात्रों को लॉगिन करने और आवेदन शुल्क जमा करने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया परीक्षा परिणाम के बाद उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, जो अपने अंकों से असंतुष्ट हैं। आतिशी का दावा है कि अव्यवस्था के कारण हजारों छात्र समय पर आवेदन तक नहीं कर पा रहे हैं।

भुगतान विकल्पों पर सीमित सुविधा का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर भुगतान की सुविधा केवल चार बैंकों — SBI, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक — के पेमेंट गेटवे तक सीमित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों या अभिभावकों के इन बैंकों में खाते नहीं हैं, उनके लिए शुल्क जमा करना कठिन हो रहा है।

आतिशी ने तंज कसते हुए कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ का दावा करने वाली सरकार छात्रों को बुनियादी ऑनलाइन सुविधाएँ तक नहीं दे पा रही। यह आरोप ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार लगातार डिजिटल भुगतान के विस्तार और UPI की वैश्विक पहुँच का उल्लेख करती रही है।

शिक्षा मंत्री पर सीधा हमला

आतिशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई मामलों में लगातार कुप्रबंधन देखने को मिला है। उन्होंने पुनर्मूल्यांकन पोर्टल विवाद को उसी श्रृंखला की एक और कड़ी बताया।

AAP नेता ने प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि लगातार हो रही प्रशासनिक विफलताओं के बावजूद सरकार जवाबदेही तय करने से बच रही है। गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में NEET और UGC-NET जैसी परीक्षाओं को लेकर भी विपक्ष शिक्षा मंत्रालय पर सवाल उठाता रहा है।

क्या होगा आगे

आतिशी ने मांग की है कि सरकार पूरे मामले पर तत्काल संज्ञान ले और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करे। CBSE या शिक्षा मंत्रालय की ओर से इन आरोपों पर अभी औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में पोर्टल की तकनीकी स्थिति और छात्रों की शिकायतों के निपटारे पर सबकी नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए पोर्टल की देरी या भुगतान बाधा महज तकनीकी मसला नहीं, प्रशासनिक चूक है। चार बैंकों तक सीमित गेटवे ‘डिजिटल इंडिया’ के दावों के विपरीत दिखता है, खासकर जब UPI जैसे विकल्प मौजूद हैं। हालांकि आतिशी की बर्खास्तगी की मांग राजनीतिक रंग लिए है, असली सवाल यह है कि CBSE अपनी ऑनलाइन प्रणालियों का स्वतंत्र ऑडिट कब कराएगा। NEET-NET विवादों की पृष्ठभूमि में मंत्रालय के लिए चुप्पी एक और महंगा विकल्प साबित हो सकती है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CBSE पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर क्या समस्या आ रही है?
आम आदमी पार्टी के अनुसार पोर्टल निर्धारित समय से देरी से शुरू हुआ और छात्रों को लॉगिन तथा आवेदन शुल्क जमा करने में दिक्कतें आ रही हैं। आरोप है कि भुगतान विकल्प भी केवल चार बैंकों तक सीमित कर दिए गए हैं।
आतिशी ने किन बैंकों के नाम पेमेंट गेटवे को लेकर लिए?
उन्होंने SBI, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक का नाम लिया। उनका कहना है कि इन बैंकों में खाते न रखने वाले छात्र और अभिभावक शुल्क जमा करने में संघर्ष कर रहे हैं।
आतिशी ने केंद्र सरकार से क्या मांग की है?
आतिशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने सरकार से मामले पर तुरंत संज्ञान लेकर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने को कहा है।
क्या CBSE या शिक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों पर जवाब दिया है?
रिपोर्टों के अनुसार अभी तक CBSE या केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से इन आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आगे का रुख पोर्टल की तकनीकी स्थिति पर निर्भर करेगा।
CBSE पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया छात्रों के लिए क्यों अहम है?
पुनर्मूल्यांकन उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण विकल्प है जो अपने अंकों से असंतुष्ट हैं, क्योंकि इसका सीधा असर उनकी कॉलेज एडमिशन और कट-ऑफ पर पड़ता है। समय पर आवेदन न कर पाने से उनके आगे के शैक्षणिक निर्णय प्रभावित हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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