CBSE पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी, आतिशी ने धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी मांगी
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में आ रही तकनीकी खामियों और भुगतान संबंधी अड़चनों को लेकर 3 जून को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने आरोप लगाया कि केंद्र और शिक्षा मंत्रालय की कथित लापरवाही का खामियाजा लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है।
पोर्टल पर क्या समस्याएँ सामने आईं
आतिशी के अनुसार, CBSE ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए पोर्टल को निर्धारित समय से देरी से शुरू किया। उन्होंने कहा कि देरी के बावजूद छात्रों को लॉगिन करने और आवेदन शुल्क जमा करने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया परीक्षा परिणाम के बाद उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, जो अपने अंकों से असंतुष्ट हैं। आतिशी का दावा है कि अव्यवस्था के कारण हजारों छात्र समय पर आवेदन तक नहीं कर पा रहे हैं।
भुगतान विकल्पों पर सीमित सुविधा का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर भुगतान की सुविधा केवल चार बैंकों — SBI, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक — के पेमेंट गेटवे तक सीमित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों या अभिभावकों के इन बैंकों में खाते नहीं हैं, उनके लिए शुल्क जमा करना कठिन हो रहा है।
आतिशी ने तंज कसते हुए कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ का दावा करने वाली सरकार छात्रों को बुनियादी ऑनलाइन सुविधाएँ तक नहीं दे पा रही। यह आरोप ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार लगातार डिजिटल भुगतान के विस्तार और UPI की वैश्विक पहुँच का उल्लेख करती रही है।
शिक्षा मंत्री पर सीधा हमला
आतिशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई मामलों में लगातार कुप्रबंधन देखने को मिला है। उन्होंने पुनर्मूल्यांकन पोर्टल विवाद को उसी श्रृंखला की एक और कड़ी बताया।
AAP नेता ने प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि लगातार हो रही प्रशासनिक विफलताओं के बावजूद सरकार जवाबदेही तय करने से बच रही है। गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में NEET और UGC-NET जैसी परीक्षाओं को लेकर भी विपक्ष शिक्षा मंत्रालय पर सवाल उठाता रहा है।
क्या होगा आगे
आतिशी ने मांग की है कि सरकार पूरे मामले पर तत्काल संज्ञान ले और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करे। CBSE या शिक्षा मंत्रालय की ओर से इन आरोपों पर अभी औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में पोर्टल की तकनीकी स्थिति और छात्रों की शिकायतों के निपटारे पर सबकी नज़र रहेगी।