महाराष्ट्र में डॉक्टरों पर हमले के विरोध में IMA की हड़ताल, 20 जुलाई को OPD बंद
सारांश
मुख्य बातें
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) महाराष्ट्र राज्य ने 20 जुलाई 2025 को सुबह 6 बजे से 21 जुलाई की सुबह 6 बजे तक 24 घंटे की राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। यह कदम डोंबिवली के शास्त्रीनगर म्युनिसिपल हॉस्पिटल में डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए हिंसक हमले के विरोध में उठाया गया है। हड़ताल के दौरान राज्य के सभी अस्पतालों में रूटीन ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी।
घटनाक्रम: क्या हुआ डोंबिवली में
8 जुलाई 2025 को शास्त्रीनगर म्युनिसिपल हॉस्पिटल में एक नवजात शिशु के परिवार को डॉक्टरों ने सूचित किया कि अस्पताल की नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में कोई बेड उपलब्ध नहीं है और बच्चे को किसी अन्य अस्पताल में ले जाना होगा। इस पर नाराज परिवार ने कथित तौर पर स्थानीय कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे से संपर्क किया।
कॉर्पोरेटर म्हात्रे अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और एक वायरल वीडियो में वे अस्पताल परिसर के भीतर एक डॉक्टर के साथ मारपीट करते दिखे। इस घटना के बाद दो डॉक्टरों द्वारा इस्तीफा देने की भी खबर है और राजनीतिक स्तर पर भी विवाद तेज हो गया है।
IMA की प्रतिक्रिया और हड़ताल का दायरा
IMA महाराष्ट्र ने इस घटना को 'बर्बर और असहनीय' करार देते हुए कहा कि ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला केवल व्यक्तियों पर नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर हमला है। संगठन ने स्पष्ट किया कि यह विरोध एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी सहित चिकित्सा की सभी पद्धतियों के डॉक्टरों, नर्सिंग एसोसिएशन, पैरामेडिकल स्टाफ और हेल्थकेयर सेक्टर के विभिन्न संगठनों का संयुक्त प्रदर्शन होगा।
कौन-सी सेवाएं बंद, कौन-सी जारी रहेंगी
हड़ताल के दौरान सभी रूटीन ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। इलेक्टिव सर्जरी और नियमित चिकित्सा प्रक्रियाएं स्थगित रहेंगी। हालांकि IMA ने स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी सेवाएं, इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU), मैटरनिटी सेवाएं और जीवन रक्षक सभी उपचार बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे।
व्यापक संदर्भ: बार-बार क्यों होती है डॉक्टरों पर हिंसा
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में डॉक्टरों पर हमलों की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। गौरतलब है कि 2023 में भी कई राज्यों में इसी तरह की घटनाओं के बाद IMA को हड़ताल का सहारा लेना पड़ा था। केंद्रीय स्तर पर डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए एक अलग कानून की मांग लंबे समय से लंबित है।
आगे क्या होगा
हड़ताल से महाराष्ट्र के लाखों मरीजों की रूटीन चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। IMA ने सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए ठोस कानूनी ढांचे की मांग की है। मरीजों को सलाह दी जाती है कि 20 जुलाई को रूटीन जांच के लिए अस्पताल जाने से बचें और केवल आपातकालीन स्थिति में ही इमरजेंसी सेवाओं का उपयोग करें।