बंगाल मदरसा सर्वे और इंडिया गठबंधन में दरार पर शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने रविवार, 7 जून को कई अहम राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर अपनी राय रखी — जिनमें पश्चिम बंगाल के मदरसों का सर्वे, पटना स्थित खान ग्लोबल कोचिंग की जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और इंडिया गठबंधन के भीतर बढ़ते मतभेद शामिल हैं। हेगड़े ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि गठबंधन में दरार अब साफ दिखने लगी है।
बंगाल मदरसा सर्वे: हेगड़े का रुख
पश्चिम बंगाल में मदरसों के सर्वे पर कृष्णा हेगड़े ने कहा कि राज्य सरकार को यह जानने का पूरा अधिकार है कि मान्यता प्राप्त संस्थानों में किस प्रकार की गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासनकाल में बड़ी संख्या में मदरसे स्थापित हुए हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि वहाँ केवल शिक्षा ही दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे जाँच और सत्यापन करें — क्या पढ़ाया जा रहा है और किस प्रकार की गतिविधियाँ चल रही हैं। जिला प्रशासन की रिपोर्ट मिलने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार आगे का निर्णय लेगी।
खान ग्लोबल कोचिंग जांच: सुरक्षा मानकों पर सवाल
पटना स्थित खान ग्लोबल कोचिंग की जांच के बारे में हेगड़े ने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर भवन की सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उनके अनुसार, कोचिंग संस्थान की बिल्डिंग का सेफ्टी ऑडिट नहीं हुआ है और कुछ अनियमितताएँ पाई गई हैं।
फायर कंप्लायंस से जुड़े मुद्दों पर नगर निगम ने खान सर को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। जवाब मिलने के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा। हेगड़े ने यह भी उल्लेख किया कि कुछ समय पहले खान सर के परिचितों और विरोधियों के बीच कथित फायरिंग की घटना की भी चर्चा हुई थी, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
धर्मेंद्र प्रधान का बचाव, इस्तीफे की मांग खारिज
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर हेगड़े ने उनका पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा कि प्रधान शिक्षा प्रणाली में जहाँ-जहाँ कमियाँ हैं, उन्हें दूर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। परीक्षा प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों की जांच की जा रही है और आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
हेगड़े ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय में जो अन्य सुधार आवश्यक हैं, उन्हें लागू करने के लिए भी प्रधान सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इस्तीफे की माँग को उन्होंने राजनीति से प्रेरित बताया।
इंडिया गठबंधन में दरार: कांग्रेस पर निशाना
इंडिया गठबंधन के भीतर कथित मतभेदों पर हेगड़े ने कांग्रेस को सीधे कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) कई वर्षों तक कांग्रेस की सहयोगी रही है, लेकिन कांग्रेस एक अवसरवादी पार्टी की तरह व्यवहार कर रही है। तमिलनाडु और अन्य राज्यों में उसके फैसलों से सहयोगी दलों में नाराजगी बढ़ी है।
हेगड़े ने दावा किया कि DMK इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होगी और झारखंड में राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर भी सहयोगी दलों में असंतोष है। उनके अनुसार, कांग्रेस एक तरफ सहयोगियों के साथ गठबंधन करती है और दूसरी ओर राज्यों में अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देती है — और अब गठबंधन के अन्य दल भी इस स्थिति को समझने लगे हैं। गठबंधन की एकजुटता पर यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विपक्षी खेमे में समन्वय को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं।