भारत-जापान राजनयिक संबंधों के 75 साल: 2027 बनेगा 'शेयर्ड होराइजन्स' वर्ष, संस्कृति से क्रिकेट तक होंगे खास आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, दोनों देशों की सरकारें वर्ष 2027 को 'इंडिया-जापान ईयर ऑफ शेयर्ड होराइजन्स' के रूप में मनाएंगी। विदेश मंत्रालय (MEA) ने 2 जुलाई को इस ऐतिहासिक पहल की घोषणा की, जिसके तहत पूरे वर्ष दोनों देशों में विविध सांस्कृतिक, खेल और युवा-केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्य घटनाक्रम
28 अप्रैल 2027 वाले सप्ताह को 'भारत-जापान सप्ताह' के रूप में चिह्नित किया जाएगा। यह तारीख दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंधों की शुरुआत की स्मृति में चुनी गई है। इस सप्ताह में जागरूकता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला आयोजित होगी।
MEA के अनुसार, एक लोगो और थीम प्रतियोगिता भी शुरू की जाएगी, जिसमें दोनों देशों के नागरिक भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के भविष्य की कल्पना को अभिव्यक्त कर सकेंगे।
संस्कृति और रचनात्मकता को मिलेगा नया मंच
'इमेज-75: मांगा, एनीमे, गेमिंग' नाम की एक विशेष साझेदारी शुरू की जाएगी। यह पहल इसलिए भी प्रासंगिक है क्योंकि भारतीय युवाओं में जापानी मंगा, एनीमे और गेमिंग की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ रही है, और भारत स्वयं एनिमेशन, गेमिंग, कॉमिक्स तथा डिजिटल क्रिएटिव टेक्नोलॉजी का एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है।
इसके साथ ही 'रासा-75' नाम से एक वर्षभर चलने वाला कला और संस्कृति कार्यक्रम भी आयोजित होगा। इसमें दोनों देशों की कला, संगीत, नृत्य और पारंपरिक विरासत को एकीकृत मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा — जिसमें कलाकार, सांस्कृतिक संस्थान और युवा रचनाकार सभी शामिल होंगे।
आध्यात्मिक और सभ्यतागत संबंधों की पुनर्स्थापना
जापान से एक बौद्ध प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा, जो देश के प्रमुख बौद्ध तीर्थस्थलों की आध्यात्मिक यात्रा करेगा। यह पहल दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत जुड़ाव को रेखांकित करेगी और जापान से भारत में बौद्ध पर्यटन को भी नई गति देगी।
खेलों में सहयोग: क्रिकेट से ओलंपिक तक
'स्पोर्ट-75' कार्यक्रम के अंतर्गत खेल सहयोग और जन-जुड़ाव को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें भारत की 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी की महत्वाकांक्षा को भी ध्यान में रखा गया है।
'आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026' के दौरान भारत और जापान के बीच एक दोस्ताना क्रिकेट मैच कराया जाएगा, जो 75वीं वर्षगांठ के उत्सव की प्रतीकात्मक शुरुआत होगी। इसके अतिरिक्त 'क्रिकेट किजुना-75' कार्यक्रम के तहत भारत के दो कोच जापान जाकर एक सप्ताह का क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेंगे, जिससे जापान के नए खिलाड़ियों को यह खेल सीखने का अवसर मिलेगा।
युवाओं पर विशेष जोर
MEA ने स्पष्ट किया है कि इन सभी आयोजनों में दोनों देशों के युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और जापान अपनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच यह साझेदारी न केवल कूटनीतिक, बल्कि आर्थिक और सांस्कृतिक धरातल पर भी मज़बूत हो रही है। 2027 का यह विशेष वर्ष उस दीर्घकालिक रिश्ते को नई परिभाषा देने का अवसर है।