भारत-जापान संबंध नए दौर में: PM ताकाइची ने कहा — 'भाई-बहन की तरह मिलकर बनेंगे मजबूत'
सारांश
मुख्य बातें
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच जापान और भारत को अपनी-अपनी ताकत का उपयोग करते हुए एक साथ अधिक मजबूत और खुशहाल बनना होगा। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को 'भाई-बहन' की संज्ञा देते हुए इसे एक नए ऐतिहासिक दौर की शुरुआत बताया।
गर्मजोशी भरी मुलाकात और 'बड़े भाई' का संबोधन
ताकाइची ने प्रधानमंत्री मोदी की आत्मीय मेहमाननवाजी के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि मोदी द्वारा उन्हें 'छोटी बहन' कहकर संबोधित किए जाने पर उन्हें विशेष प्रसन्नता हुई। उन्होंने मोदी को अपना 'बड़े भाई' बताते हुए कहा कि दोनों देश समान रणनीतिक दृष्टिकोण साझा करते हैं और इस साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है — एक ऐसा अवसर जिसे ताकाइची ने दोनों देशों के लोगों को और करीब लाने के लिए उपयोग करने की इच्छा जताई।
तीन प्रमुख सहयोग क्षेत्र चिह्नित
ताकाइची ने बताया कि दोनों नेताओं ने साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए तीन विशेष क्षेत्र पहचाने हैं। पहला — रणनीतिक सहयोग को और गहरा करना। उन्होंने कहा कि दोनों देश मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को लेकर एकसमान दृष्टिकोण रखते हैं।
इस संदर्भ में उन्होंने हाल ही में अपडेट किए गए फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP) विजन का उल्लेख किया, जो आत्मनिर्भरता और लचीलेपन पर केंद्रित है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी की 'ग्रेट ओशन पहल' — जो हिंद महासागर क्षेत्र के देशों की संप्रभुता और समुद्री सुरक्षा को बल देती है — FOIP के साथ पूरी तरह संरेखित है।
समुद्री सुरक्षा सहयोग पर विशेष जोर
ताकाइची ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए समुद्री सुरक्षा सहयोग को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने घोषणा की कि इस दौरे के अवसर पर जापान की मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स का एक डिस्ट्रॉयर और भारतीय नौसेना का एक जहाज संयुक्त अभियान की योजना बना रहे हैं।
इसके अलावा, दोनों देश हिंद महासागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास बढ़ाएंगे, नेवल मेंटेनेंस और रिपेयर सहयोग को प्रोत्साहन देंगे तथा मेक इन इंडिया ढाँचे के अंतर्गत रक्षा उपकरण सहयोग को और सुदृढ़ करेंगे।
विकसित भारत और भविष्योन्मुखी निवेश
ताकाइची ने प्रधानमंत्री मोदी की 'विकसित भारत' पहल — जिसका लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है — का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश भविष्योन्मुखी निवेश के माध्यम से अपने-अपने देशों को और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
गौरतलब है कि यह भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के तहत हुई उच्चस्तरीय वार्ता है, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को दर्शाती है। ताकाइची ने कहा कि वे अगली बार जापान में प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत की प्रतीक्षा में हैं।