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भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर से लागू, $20 अरब निवेश और 118 क्षेत्रों को मिलेगा फायदा

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भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर से लागू, $20 अरब निवेश और 118 क्षेत्रों को मिलेगा फायदा

सारांश

भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर से लागू होगा — यह महज एक व्यापार समझौता नहीं, बल्कि 20 अरब डॉलर निवेश की नींव है। 118 क्षेत्र, 5,000 वार्षिक रोज़गार वीज़ा, STEM स्नातकों को तीन साल काम करने का अधिकार और किसानों के लिए संवेदनशील उत्पादों की सुरक्षा — यह समझौता कई मोर्चों पर एक साथ काम करेगा।

मुख्य बातें

भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा, जो 20 अरब डॉलर तक निवेश का रास्ता खोलेगा।
समझौता 118 क्षेत्रों को कवर करता है और 139 उप-क्षेत्रों में MFN दर्जा सुनिश्चित करता है।
कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए प्रतिवर्ष 5,000 अस्थायी रोज़गार वीज़ा और युवाओं के लिए 1,000 वर्किंग हॉलीडे वीज़ा का प्रावधान।
STEM स्नातकों को पढ़ाई के बाद 3 वर्ष और डॉक्टरेट शोधार्थियों को 4 वर्ष कार्य करने का अधिकार।
डेयरी उत्पाद , चीनी , खाद्य तेल और प्रमुख कृषि उत्पाद शुल्क रियायतों से बाहर रखे गए हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 में द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 1.1 अरब डॉलर रहा; FTA से इसे नई गति मिलने की उम्मीद।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहा है, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता भारत में 20 अरब डॉलर तक के निवेश का मार्ग प्रशस्त करेगा और कृषि, विनिर्माण, बुनियादी ढाँचा तथा स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों को व्यापक लाभ पहुँचाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वस्तु व्यापार लगभग 1.1 अरब डॉलर रहा है, जिसे इस समझौते से नई गति मिलने की उम्मीद है।

समझौते का दायरा और प्रमुख प्रावधान

यह FTA 118 क्षेत्रों को कवर करता है, जिनमें सूचना प्रौद्योगिकी (IT), पेशेवर सेवाएँ, ऑडियो-विज़ुअल, निर्माण और पर्यटन प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 139 उप-क्षेत्रों में 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' (MFN) का दर्जा सुनिश्चित किया गया है, जो भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देगा।

मंत्रालय के अनुसार, भारत के तेज़ी से बढ़ते सेवा क्षेत्र के लिए भी यह समझौता नए अवसर लेकर आएगा और भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाज़ार तक बेहतर पहुँच मिलेगी। गौरतलब है कि यह भारत का उस क्षेत्र में एक और बड़ा द्विपक्षीय व्यापार समझौता है जहाँ उसकी सेवा निर्यात क्षमता सबसे अधिक है।

कुशल पेशेवरों और छात्रों के लिए विशेष प्रावधान

समझौते के तहत कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए हर वर्ष 5,000 अस्थायी रोज़गार प्रवेश वीज़ा और युवाओं के लिए 1,000 वर्किंग हॉलीडे वीज़ा का विशेष प्रावधान किया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी यह समझौता उल्लेखनीय राहत लेकर आया है — छात्र गतिशीलता पर कोई सीमा नहीं होगी। STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) विषयों के स्नातकों को पढ़ाई पूरी करने के बाद तीन वर्ष तक कार्य करने का अधिकार मिलेगा, जबकि डॉक्टरेट शोधार्थियों को चार वर्ष तक काम करने की अनुमति दी जाएगी। यह प्रावधान भारत के उन लाखों युवाओं के लिए विशेष महत्त्व रखता है जो विदेश में उच्च शिक्षा और अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं।

फार्मा और मेडिकल डिवाइस निर्यातकों को राहत

भारतीय फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस निर्यातकों के लिए भी यह समझौता बड़ी राहत लेकर आया है। न्यूजीलैंड अब अमेरिकी FDA, यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (EMA), ब्रिटेन की MHRA और हेल्थ कनाडा जैसे प्रतिष्ठित नियामकों की निरीक्षण स्वीकृतियों को मान्यता देगा।

इस कदम से भारतीय कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड के बाज़ार में प्रवेश आसान और तेज़ होगा, जिससे द्विपक्षीय स्वास्थ्य व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि अपेक्षित है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर भारतीय दवा उद्योग नए बाज़ारों में विस्तार की रणनीति पर काम कर रहा है।

किसानों के हितों की सुरक्षा

सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। डेयरी उत्पाद, पशु मांस (भेड़ को छोड़कर), प्रमुख कृषि उत्पाद, चीनी और खाद्य तेल जैसे संवेदनशील उत्पादों को शुल्क रियायतों से बाहर रखा गया है।

न्यूजीलैंड के सेब, कीवीफ्रूट और शहद के लिए सीमित बाज़ार पहुँच का प्रावधान है, जिसके लिए टैरिफ रेट कोटा, न्यूनतम आयात मूल्य और मौसमी आयात व्यवस्था लागू होगी। इसके साथ ही एक संयुक्त कृषि उत्पादकता परिषद बनाई जाएगी, जो कीवीफ्रूट, सेब और शहद उत्पादन के क्षेत्र में सहयोग कार्यक्रमों की निगरानी करेगी।

आगे की राह

मंत्रालय के अनुसार, बागवानी प्रबंधन, फसल कटाई के बाद की तकनीक, आपूर्ति शृंखला, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में सहयोग और प्रशिक्षण के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किए जाएंगे। मंत्रालय का मानना है कि यह समझौता केवल व्यापार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, कौशल, शिक्षा, कृषि तकनीक और रोज़गार के नए अवसर पैदा कर भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक साझेदारी को एक नए स्तर पर पहुँचाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि दोनों देशों के बीच मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार मात्र 1.1 अरब डॉलर का है — यानी लक्ष्य आधार से लगभग 18 गुना बड़ा है। समझौते की असली परीक्षा उसके क्रियान्वयन में होगी: 118 क्षेत्रों में नियामकीय मानकों का सामंजस्य और भारतीय कंपनियों की न्यूजीलैंड के अपेक्षाकृत छोटे बाज़ार तक वास्तविक पहुँच। फार्मा के लिए FDA/EMA मान्यता की स्वीकृति एक ठोस और तत्काल लाभ है, जिसे बाज़ार जल्दी महसूस करेगा। लेकिन कृषि के मोर्चे पर सेब और कीवीफ्रूट के लिए टैरिफ रेट कोटा की सीमाएँ यह दिखाती हैं कि घरेलू राजनीतिक संवेदनशीलताओं ने व्यापार उदारीकरण को कहाँ रोका — यह ईमानदार व्यापार नीति है, लेकिन इसे 'पूर्ण' FTA नहीं कहा जा सकता।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-न्यूजीलैंड FTA कब से लागू होगा और इसमें क्या शामिल है?
यह मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। यह 118 क्षेत्रों को कवर करता है और 139 उप-क्षेत्रों में MFN दर्जा सुनिश्चित करता है, जिससे IT, पेशेवर सेवाएँ, निर्माण, पर्यटन और फार्मा जैसे उद्योगों को सीधा फायदा मिलेगा।
भारतीय किसानों पर इस FTA का क्या असर पड़ेगा?
सरकार ने संवेदनशील कृषि उत्पादों — डेयरी, चीनी, खाद्य तेल और प्रमुख कृषि वस्तुएँ — को शुल्क रियायतों से बाहर रखा है। न्यूजीलैंड के सेब, कीवीफ्रूट और शहद के लिए टैरिफ रेट कोटा और न्यूनतम आयात मूल्य जैसी व्यवस्थाएँ घरेलू किसानों की रक्षा करेंगी।
भारतीय पेशेवरों और छात्रों को इस FTA से क्या फायदा होगा?
कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए प्रतिवर्ष 5,000 अस्थायी रोज़गार प्रवेश वीज़ा और युवाओं के लिए 1,000 वर्किंग हॉलीडे वीज़ा का प्रावधान है। STEM स्नातकों को पढ़ाई के बाद 3 वर्ष और डॉक्टरेट शोधार्थियों को 4 वर्ष तक न्यूजीलैंड में काम करने का अधिकार मिलेगा।
भारतीय फार्मा कंपनियों को इस समझौते से क्या विशेष लाभ मिलेगा?
न्यूजीलैंड अब अमेरिकी FDA, यूरोपीय EMA, ब्रिटेन की MHRA और हेल्थ कनाडा जैसे नियामकों की निरीक्षण स्वीकृतियों को मान्यता देगा। इससे भारतीय फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड के बाज़ार में प्रवेश आसान और तेज़ होगा।
भारत-न्यूजीलैंड के बीच मौजूदा व्यापार कितना है और FTA से कितना बढ़ने की उम्मीद है?
वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वस्तु व्यापार लगभग 1.1 अरब डॉलर रहा। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, FTA लागू होने के बाद निवेश, व्यापार और रोज़गार सृजन को मिलाकर 20 अरब डॉलर तक की आर्थिक गतिविधि का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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